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पराली जलाने के बढ़े मामलों पर शासन सख्त
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फतेहपुर। पराली जलाने के बढ़े मामलों पर शासन सख्त हुआ है और कार्रवाई शुरू की है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने डीएम संजीव सिंह को नोटिस जारी की तो राजस्व व कृषि विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने अपने अधीनस्थों को सेटेलाइट से चिह्नित स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए और किसानों के नाम दर्ज कर जुर्माना वसूलने को कहा है। हालांकि सेटेलाइट से जो मामले जिले में पकड़े गए हैं उनमें से कई ऐसे हैं जिनका स्थान ही पता नहीं चल पा रहा है।
सेटेलाइट से जिले के 113 स्थानों पर पराली जलाने के मामले सूचीबद्ध किए गए हैं। जांच करने गई राजस्व विभाग की टीम को 42 स्थानों पर कूड़ा जलता मिला। 22 जगह ऐसे मिले जहां सेटेलाइट में आग जलने का रिपोर्ट तो आई, लेकिन जब राजस्व टीम मौके पर पहुंची तो वहां पर आग जलाने का कोई सुराग ही नहीं था। 49 स्थानों पर ही पराली जलाने का मामला सामने आया और ऐसा करने वाले किसान पकड़े गए। इन पर कृषि विभाग की ओर से तीन लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दो लाख 25 हजार रुपये सदर तहसील का ही है। 75 हजार रुपये बिंदकी और 65 हजार रुपये खागा तहसील के किसानों को जुर्माना किया गया है। खागा, बिंदकी में राजस्व टीम ने जुर्माना वसूल लिया है, लेकिन सदर तहसील में अभी तक मात्र 40 हजार रुपये की वसूली हुई है।
डीएम संजीव सिंह को नोटिस मिलने की सूचना होते ही राजस्व व कृषि विभाग के कर्मचारी बचे हुए किसानों को ढूंढने में जुट गए हैं। अधिकारियों ने जिन किसानों का जुर्माना हुआ है, उनसे वसूली करने के लिए कर्मचारियों को लगा दिए हैं।
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पराली जलाने से रोकने के लिए टीम लगी हैं। सेटेलाइट से जो केस सामने आए हैं उनमें कई तो चिह्नित ही नहीं हो सके हैं। जो मामले सही मिले हैं उनमें दोषियों पर कार्रवाई की गई है। डीएम को नोटिस की जानकारी तो हुई, टीमों को सक्रिय किया गया है। जुर्माना वसूलने की कार्रवाई तेज की गई है।
--बृजेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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सेटेलाइट से जिले के 113 स्थानों पर पराली जलाने के मामले सूचीबद्ध किए गए हैं। जांच करने गई राजस्व विभाग की टीम को 42 स्थानों पर कूड़ा जलता मिला। 22 जगह ऐसे मिले जहां सेटेलाइट में आग जलने का रिपोर्ट तो आई, लेकिन जब राजस्व टीम मौके पर पहुंची तो वहां पर आग जलाने का कोई सुराग ही नहीं था। 49 स्थानों पर ही पराली जलाने का मामला सामने आया और ऐसा करने वाले किसान पकड़े गए। इन पर कृषि विभाग की ओर से तीन लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। दो लाख 25 हजार रुपये सदर तहसील का ही है। 75 हजार रुपये बिंदकी और 65 हजार रुपये खागा तहसील के किसानों को जुर्माना किया गया है। खागा, बिंदकी में राजस्व टीम ने जुर्माना वसूल लिया है, लेकिन सदर तहसील में अभी तक मात्र 40 हजार रुपये की वसूली हुई है।
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डीएम संजीव सिंह को नोटिस मिलने की सूचना होते ही राजस्व व कृषि विभाग के कर्मचारी बचे हुए किसानों को ढूंढने में जुट गए हैं। अधिकारियों ने जिन किसानों का जुर्माना हुआ है, उनसे वसूली करने के लिए कर्मचारियों को लगा दिए हैं।
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पराली जलाने से रोकने के लिए टीम लगी हैं। सेटेलाइट से जो केस सामने आए हैं उनमें कई तो चिह्नित ही नहीं हो सके हैं। जो मामले सही मिले हैं उनमें दोषियों पर कार्रवाई की गई है। डीएम को नोटिस की जानकारी तो हुई, टीमों को सक्रिय किया गया है। जुर्माना वसूलने की कार्रवाई तेज की गई है।
--बृजेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी।