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Fatehpur News: बुआई पिछड़ी, गेहूं की पैदावार पर दिखेगा असर
Mon, 25 Dec 2023 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Mon, 25 Dec 2023 12:49 AM IST
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फतेहपुर। समय पर पानी न मिलने से कई खेतों का पलेवा नहीं हो सका और गेहूं की बुआई कुछ हद तक पिछड़ गई। इस दौरान बहुत से किसानों ने पानी खरीद कर भी फसल की बुआई की। इससे गेहूं की पैदावार पर असर पड़ेगा। हालांकि अब दो माह बाद रजबहा और माइनरों में 1800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
जिले में मौजूद 230 रजबहा और माइनरों की सिल्ट-सफाई के कार्य की टेंडर प्रक्रिया 19 अक्तूबर को हो गई थी। उसी दौरान नहरों में पानी बंद किया गया। बजट न मिलने से सफाई कार्य शुरू होने में देरी हो गई। सिंचाई खंड और निचली गंगा नहर विभाग का पहले दावा था कि 30 नवंबर तक सिल्ट-सफाई कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। बजट के झंझट से 15 दिसंबर के आसपास कार्य पूरा हुआ। अब तक सभी नहरों में पानी भी नहीं पहुंचा।
15 नवंबर के आसपास से जिले में गेहूं की बुआई शुरू हो जाती है। बुआई से पहले खेतों का पलेवा होता है और इसके लिए पानी की सख्त जरूरत होती है। नहरों में समय से पानी न पहुंचने से जिले के करीब दस हजार हेक्टेयर खेत प्रभावित हुए।
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पानी न मिलने से इन खेतों का पलेवा नहीं हुआ और अब तक बुआई भी नहीं शुरू हुई। बहुत से खेत अभी भी बंजर पड़े हैं। कृषि विभाग के मुताबिक, जिलेे में करीब 1.72 लाख हेक्टेयर खेत में गेहूं की बुआई होती है। विभाग का दावा है कि 98 प्रतिशत बुआई हो चुकी है। जबकि असल में अभी कई किसान पलेवा करने के लिए पानी की आस लगाए हैं।
अधिकतर किसानों ने निजी संसाधनों से पानी खरीद कर फसल की बुवाई की। हालांकि अब नहरों के लिए करीब 1800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जल्द ही सभी नहरों में पानी पहुंचने लगेगा।
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खड़ी फसल को भी हो रहा नुकसान
निजी संसाधनों से पानी खरीद कर गेहूं और सरसों की बुआई करने वाले किसानों की फसल अब खड़ी हो चुकी है। सिंचाई के अभाव में अब खड़ी फसल सूख रही है। जबकि इस समय खड़ी फसल को पानी की सख्त जरूरत है। जिले की कई नहरों में अभी भी पानी नहीं पहुंचा।
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फोटो 04 - शीबू मोदनवाल।
- 05 - अंकित मौर्य।
- 06 - मनोज कुमार गुप्ता
- 07 - अनुज भदौरिया।
किसानों ने बयां की आपबीती
असोथर निवासी शीबू मोदनवाल ने बताया कि उन्होंने करीब 25 दिन पहले गेहूं की फसल बुआई की थी। अब फसल खड़ी हो गई और सिंचाई की सख्त जरूरत है। लेकिन पानी न मिलने से फसल सूख रही है।
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गांव कौडर निवासी अंकित मौर्य ने बताया कि नहर में पानी न आने से खेत के जुताई नहीं हुई और अब फसल पिछड़ गई। पानी आने के बाद फसल की बुआई कर सकेंगे।
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गांव बौडर निवासी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि सरसों की फसल बोए एक महीना हो गए लेकिन अब सिंचाई करने में मुश्किल हो रही है। नहर में पानी न आने से सरसों की फसल सूख रही है।
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असोथर निवासी अनुज भदौरिया ने बताया कि गेंहू की फसल बोए एक माह बीत गया। वहीं, फसल को सिंचाई की जरूरत है। लेकिन नहर में पानी न आने से फसल सूख रही है
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-- -कोट-- --
नहरों की सिल्ट-सफाई का कार्य लगभग पूर्ण हो गया। नहरों में 1800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। किसानों को सिंचाई के लिए जल्द ही पानी मिलेगा।
- नंदजी गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड, फतेहपुर
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जिले में मौजूद 230 रजबहा और माइनरों की सिल्ट-सफाई के कार्य की टेंडर प्रक्रिया 19 अक्तूबर को हो गई थी। उसी दौरान नहरों में पानी बंद किया गया। बजट न मिलने से सफाई कार्य शुरू होने में देरी हो गई। सिंचाई खंड और निचली गंगा नहर विभाग का पहले दावा था कि 30 नवंबर तक सिल्ट-सफाई कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। बजट के झंझट से 15 दिसंबर के आसपास कार्य पूरा हुआ। अब तक सभी नहरों में पानी भी नहीं पहुंचा।
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15 नवंबर के आसपास से जिले में गेहूं की बुआई शुरू हो जाती है। बुआई से पहले खेतों का पलेवा होता है और इसके लिए पानी की सख्त जरूरत होती है। नहरों में समय से पानी न पहुंचने से जिले के करीब दस हजार हेक्टेयर खेत प्रभावित हुए।
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पानी न मिलने से इन खेतों का पलेवा नहीं हुआ और अब तक बुआई भी नहीं शुरू हुई। बहुत से खेत अभी भी बंजर पड़े हैं। कृषि विभाग के मुताबिक, जिलेे में करीब 1.72 लाख हेक्टेयर खेत में गेहूं की बुआई होती है। विभाग का दावा है कि 98 प्रतिशत बुआई हो चुकी है। जबकि असल में अभी कई किसान पलेवा करने के लिए पानी की आस लगाए हैं।
अधिकतर किसानों ने निजी संसाधनों से पानी खरीद कर फसल की बुवाई की। हालांकि अब नहरों के लिए करीब 1800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जल्द ही सभी नहरों में पानी पहुंचने लगेगा।
खड़ी फसल को भी हो रहा नुकसान
निजी संसाधनों से पानी खरीद कर गेहूं और सरसों की बुआई करने वाले किसानों की फसल अब खड़ी हो चुकी है। सिंचाई के अभाव में अब खड़ी फसल सूख रही है। जबकि इस समय खड़ी फसल को पानी की सख्त जरूरत है। जिले की कई नहरों में अभी भी पानी नहीं पहुंचा।
फोटो 04 - शीबू मोदनवाल।
- 05 - अंकित मौर्य।
- 06 - मनोज कुमार गुप्ता
- 07 - अनुज भदौरिया।
किसानों ने बयां की आपबीती
असोथर निवासी शीबू मोदनवाल ने बताया कि उन्होंने करीब 25 दिन पहले गेहूं की फसल बुआई की थी। अब फसल खड़ी हो गई और सिंचाई की सख्त जरूरत है। लेकिन पानी न मिलने से फसल सूख रही है।
गांव कौडर निवासी अंकित मौर्य ने बताया कि नहर में पानी न आने से खेत के जुताई नहीं हुई और अब फसल पिछड़ गई। पानी आने के बाद फसल की बुआई कर सकेंगे।
गांव बौडर निवासी मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि सरसों की फसल बोए एक महीना हो गए लेकिन अब सिंचाई करने में मुश्किल हो रही है। नहर में पानी न आने से सरसों की फसल सूख रही है।
असोथर निवासी अनुज भदौरिया ने बताया कि गेंहू की फसल बोए एक माह बीत गया। वहीं, फसल को सिंचाई की जरूरत है। लेकिन नहर में पानी न आने से फसल सूख रही है
नहरों की सिल्ट-सफाई का कार्य लगभग पूर्ण हो गया। नहरों में 1800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। किसानों को सिंचाई के लिए जल्द ही पानी मिलेगा।
- नंदजी गुप्ता, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड, फतेहपुर