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इंटीरियर डेकोरेशन की दुनिया में सौम्या ने बनाई अपनी जगह
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फतेहपुर। लॉकडाउन में इंटीरीरियर और होम डेकोरेशन क्षेत्र की कंपनी लिव स्पेस की नौकरी छोड़कर घर लौटीं प्रोडक्ट डिजाइनर सौम्या गुप्ता ने खुद का स्टार्टअप शुरू करने की योजना बनाई। घर वालों के साथ अपने नए स्टार्टअप के बारे में चर्चा की और यहीं से ‘आकृत्व’ नाम से एक कंपनी की बुनियाद रखी। कंपनी में सौम्या मिट्टी और अलग-अलग धातुओं से बने सजावट सामान की ऑनलाइन बिक्री करती हैं। उन्होंने कच्चा माल लाने, सामग्री तैयार करने वालों की एक चेन विकसित की। इस चेन के जरिए 55 लोगों को रोजगार मिलना शुरू हुआ।
शहर के आबूनगर निवासी सौम्या के पिता पुरुषोत्तम कारोबारी हैं और मां कुंती देवी सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। सौम्या के पति आकाश आईपीएस अधिकारी हैं। इन दिनों गाजियाबाद में तैनात हैं। सौम्या ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान निफ्ट हैदराबाद से इंटीरियर और होम डेकोरेशन की पढ़ाई पूरी कर नौकरी की।
सौम्या ने बताया कि लॉकडाउन में जेहन में स्टार्टअप का आइडिया आया। कंपनी बनाकर उन्होंने कोने-कोने से शिल्पकारों से उनकी कलाकृतियों की ब्रॉडिंग कर उन्हें बेचने का प्लेटफार्म तैयार किया। अब वह धातुुुओं और मिट्टी से सामग्रियां बनाने वालों से आर्डर देकर सामान बनवाती हैं। सामग्रियों को वह खुद डिजाइन करती हैं और ऑनलाइन बिक्री की जाती है। इससे पूरी चेन को आमदनी होती है। अपनी कंपनी के माध्यम से सौम्या खुद के साथ तकरीबन 55 लोगों को भी रोजगार दे रही हैं।
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शहर के आबूनगर निवासी सौम्या के पिता पुरुषोत्तम कारोबारी हैं और मां कुंती देवी सेवानिवृत्त शिक्षिका हैं। सौम्या के पति आकाश आईपीएस अधिकारी हैं। इन दिनों गाजियाबाद में तैनात हैं। सौम्या ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान निफ्ट हैदराबाद से इंटीरियर और होम डेकोरेशन की पढ़ाई पूरी कर नौकरी की।
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सौम्या ने बताया कि लॉकडाउन में जेहन में स्टार्टअप का आइडिया आया। कंपनी बनाकर उन्होंने कोने-कोने से शिल्पकारों से उनकी कलाकृतियों की ब्रॉडिंग कर उन्हें बेचने का प्लेटफार्म तैयार किया। अब वह धातुुुओं और मिट्टी से सामग्रियां बनाने वालों से आर्डर देकर सामान बनवाती हैं। सामग्रियों को वह खुद डिजाइन करती हैं और ऑनलाइन बिक्री की जाती है। इससे पूरी चेन को आमदनी होती है। अपनी कंपनी के माध्यम से सौम्या खुद के साथ तकरीबन 55 लोगों को भी रोजगार दे रही हैं।
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