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खखरेरू कस्बा में जर्जर तार बने मुसीबत
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खखरेडू में टूट कर लटकती बिजली की तार
- फोटो : FATEHPUR
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खखरेरू(खागा)। कस्बे में बिजली के जर्जर तारों का मकड़जाल फैला है। दो दशक से अधिक समय बीतने के बाद भी तार नहीं बदले गए। बिजली शुरू होते ही तार कहीं न कहीं टूटकर गिर जाते हैं। इससे लोगों को दिक्कत होती है। कस्बावासियों की लगातार शिकायत के बाद भी जर्जर तार नहीं बदले गए। लोगों का कहना है कि जर्जर तार कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं।
कस्बे के हाफिज अहमद का कहना है कि पिछले दो दिन से बिजली आपूर्ति बदहाल है। उपकेंद्र के लाइनमैन फाल्ट सही करते हैं और बिजली चालू करते ही कस्बे के किसी न किसी मोहल्ले में तार टूट जाता है। कस्बे के सुनील कुमार केशरवानी बताते हैं कि बुधवार की शाम वह अपने मेडिकल स्टोर में बैठे थे तभी सामने के बिजली खंभे पर जोरदार आवाज सुनकर चौंक गए। देखा कि करंट प्रवाहित तार खंभा से टूटकर लटक रहा था। करंट प्रवाहित तार टूटकर जमीन पर गिरता तो नीचे मौजूद लोग चपेट में आ जाते।
तार से चिंगारी उठते ही लोग वहां से भाग खड़े हुए। देवनारायण विश्वकर्मा, संतोष कुमार तिवारी ने कहा करीब 25 साल पहले कस्बे में विद्युतीकरण के समय खंभे व तार लगाए गए थे। तब से बिजली विभाग ने इन तारों को बदलना जरूरी नहीं समझा। तारें इतनी जर्जर हैं कि ज्यादा गर्मी, सर्दी के कोहरे की धुंध और बारिश में टूटने का सिलसिला बढ़ जाता है।
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उपकेंद्र के अवर अभियंता अयाज सिद्दीकी का कहना है कि कस्बे के जर्जर तार बदलने का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। नया तार बदलवाने की मंजूरी मिलते ही जर्जर तार हटा दिए जाएंगे।
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कस्बे के हाफिज अहमद का कहना है कि पिछले दो दिन से बिजली आपूर्ति बदहाल है। उपकेंद्र के लाइनमैन फाल्ट सही करते हैं और बिजली चालू करते ही कस्बे के किसी न किसी मोहल्ले में तार टूट जाता है। कस्बे के सुनील कुमार केशरवानी बताते हैं कि बुधवार की शाम वह अपने मेडिकल स्टोर में बैठे थे तभी सामने के बिजली खंभे पर जोरदार आवाज सुनकर चौंक गए। देखा कि करंट प्रवाहित तार खंभा से टूटकर लटक रहा था। करंट प्रवाहित तार टूटकर जमीन पर गिरता तो नीचे मौजूद लोग चपेट में आ जाते।
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तार से चिंगारी उठते ही लोग वहां से भाग खड़े हुए। देवनारायण विश्वकर्मा, संतोष कुमार तिवारी ने कहा करीब 25 साल पहले कस्बे में विद्युतीकरण के समय खंभे व तार लगाए गए थे। तब से बिजली विभाग ने इन तारों को बदलना जरूरी नहीं समझा। तारें इतनी जर्जर हैं कि ज्यादा गर्मी, सर्दी के कोहरे की धुंध और बारिश में टूटने का सिलसिला बढ़ जाता है।
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उपकेंद्र के अवर अभियंता अयाज सिद्दीकी का कहना है कि कस्बे के जर्जर तार बदलने का इस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। नया तार बदलवाने की मंजूरी मिलते ही जर्जर तार हटा दिए जाएंगे।