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प्राइवेट डॉक्टरों ने मनाया विरोध दिवस
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sun, 31 Jul 2016 01:25 AM IST
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कलक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने जाते प्राइवेट डाक्टर।
- फोटो : अमर उजाला
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दैनिक स्थापना नियमावली 2016 के खिलाफ आवाज उठाई है। प्रदेश सरकार के नियमावली लागू करने की अधिसूचना जारी होने पर प्राइवेट डाक्टरों ने शनिवार को विरोध दिवस मनाया। डाक्टरों ने कलक्ट्रेट में डीएम डा. वेदपति मिश्रा को ज्ञापन देकर निजी अस्पतालों को अधिनियम के दायरे से मुक्त करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह अधिनियम जनविरोधी है। इसके लागू होने से अनेक निजी अस्पताल बंद हो जाएंगे। चिकित्सा सेवाएं महंगी हो जाएंगी। प्रत्येक चिकित्सा संस्थान को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के चिकित्सा करना गैर कानूनी होगा। ऐसी दशा में चिकित्सा शिविर लगाना बंद हो जाएगा।
आरोप है कि यह एक्ट पश्चिमी देशों के मानकों के आधार पर बनाया गया है। इसके तहत अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्स और सेवा कर्मी लगाना अनिवार्य होगा, जबकि प्रशिक्षित नर्स और सेवा कर्मियों की कमी है। ऐसे हालत में फिलहाल इस अधिनियम से अस्पतालों का मुक्त रखा जाए। इस मौके पर डा. अशोक पटेल, डा. रविनाथ गुप्ता, डा. जेके उमराव, डा. आरएन त्रिपाठी, डा, वीके चौधरी, डा. अनिल चंद्रा, डा. नरायन रस्तोगी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया है कि यह अधिनियम जनविरोधी है। इसके लागू होने से अनेक निजी अस्पताल बंद हो जाएंगे। चिकित्सा सेवाएं महंगी हो जाएंगी। प्रत्येक चिकित्सा संस्थान को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के चिकित्सा करना गैर कानूनी होगा। ऐसी दशा में चिकित्सा शिविर लगाना बंद हो जाएगा।
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आरोप है कि यह एक्ट पश्चिमी देशों के मानकों के आधार पर बनाया गया है। इसके तहत अस्पतालों में प्रशिक्षित नर्स और सेवा कर्मी लगाना अनिवार्य होगा, जबकि प्रशिक्षित नर्स और सेवा कर्मियों की कमी है। ऐसे हालत में फिलहाल इस अधिनियम से अस्पतालों का मुक्त रखा जाए। इस मौके पर डा. अशोक पटेल, डा. रविनाथ गुप्ता, डा. जेके उमराव, डा. आरएन त्रिपाठी, डा, वीके चौधरी, डा. अनिल चंद्रा, डा. नरायन रस्तोगी आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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