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‘प्राथमिक शिक्षा सिर्फ मातृ भाषा में होनी चाहिए’
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Mon, 02 Feb 2015 12:23 AM IST
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प्राथमिक शिक्षा सिर्फ मातृ भाषा में ही होनी चाहिए। यह अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चों की प्राथमिक शिक्षा अपनी मातृ भाषा में दिलाएं। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के कानपुर प्रांत के दो दिवसीय अधिवेशन के अंतिम दिन रविवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक ने यह बात कही।
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उन्होंने कहा कि मातृ भाषा परिवार और परिवेश में बोली जाती है, इससे बच्चा अच्छे से समझता है और उसका विकास होता है।
अंग्रेजी अंतर्राष्ट्रीय भाषा है, उसे भी सीखना चाहिए। अंग्रेजी का विरोध नहीं है, लेकिन अंग्रेजियत स्वीकार नहीं है। उन्होंने साहित्याकार मधूसूदन दीक्षित की पुस्तक ‘अभिषेक राष्ट्रवाद का’ का विमोचन भी किया।
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राज्यपाल का सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में बच्चों ने बैंड बाजे की धुन के बीच स्वागत किया। राज्यपाल ने बच्चों के कार्यक्रम की प्रशंसा कर हौसला बढ़ाया।
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साहित्यकारों को संदेश देते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी समाज सृजन में अहम है। बोलने वाली भाषाओं में भी लेखन होना चाहिए।
यूपी, बिहार व हिंदी भाषी प्रदेशों के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग हिंदी बोली जाती है। इसलिए बोलने वाली भाषाओं का लेखन भी होना चाहिए। साहित्य निर्माण ऐसा हो, जिसका असर पड़े।
गुस्सा शांत करने वाला साहित्य भी लिखना चाहिए। वसुधैव क ुटुंबकम के प्रचार में साहित्य की भूमिका होनी चाहिए।
कहा कि शिकागो में हुई सर्वधर्म सभा में विवेकानंद ने सभी धर्मों को श्रेष्ठ बताया था। इसलिए सभी धर्मों को श्रेष्ठ समझने वाली श्रद्धा का सम्मान होना चाहिए।
यही भारतीय धर्म है और लोगों की यही सोच होनी चाहिए, जिसका सभी सम्मान करें। सभी को साथ लेकर चलने का दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री व आरएसएस के प्रचारक श्रीधर गोविंद पराड़कर ने कहा कि परिषद सिर्फ हिंदी नहीं बल्कि सभी भारतीय भाषाओं के लिए काम करने वाला मंच है।
तुलसी और वाल्मीकि ने रामायण लिखी, इस तरह से प्रस्तुत किया कि आज भी लोग अपने बच्चों का नाम रावण या सूर्पणखा के नाम पर नहीं रखते हैं।
इसलिए साहित्य को अच्छाई और बुराई का संदेश भी अपने लेखन से देना चाहिए। अच्छा साहित्य ढूंढ कर पढ़ा जाता है। पाठकों की कमी नहीं है और न ही साहित्य पर महंगाई का कोई असर है।
प्रदेश महामंत्री पवनपुत्र बादल ने बताया कि कानपुर नगर का प्रांतीय अधिवेशन फतेहपुर में हुआ। इसके पहले झांसी प्रांत का अधिवेशन हो चुका है।
प्रदेश में सात प्रांतीय अधिवेशन मई 2015 तक होंगे। नवंबर में लखनऊ में परिषद का सम्मिलित अधिवेशन होगा। परिषद के राष्ट्रीय मंत्री रवींद्र शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष प्रोफेसर ओमपाल सिंह निडर ने भी संबोधित किया।
परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष यतींद्र तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री ऋषि कुमार, शिव शरण सिंह चौहान अंशुमाली, डा. देवाशीष पटेल, नरेंद्र मिश्र, प्रहलाद कुमार बाजपेई मौजूद रहे।
मुझे न बुलाएं महामहिम या ‘हिज एक्सीलेंसी’
राज्यपाल रामनाईक ने कहा कि उन्हें महामहिम या हिज एक्सीलेंसी न बुलाया जाए। यह शब्द साम्राज्यवादी अंग्रेजी शासन से प्रेरित हैं। इस बाबत उन्होंने अधिसूचना जारी कर दी है। सिर्फ माननीय या ऑनरेबल कहा जा सकता है। कहा कि वह महाराष्ट्र से हैं। छह महीने पहले यूपी आए हैं और हिंदी का अभ्यास कर रहे हैं। अगर साहित्य परिषद के इस कार्यक्रम में कुछ गलती हो तो उन्हें माफ करें।
... तो पांच मिनट न होते बर्बाद
राज्यपाल ने उनके परिचय में हुए संबोधन पर चुटकी लेते हुए कहा कि इनकी जन्म तिथि, पैदाइश का स्थान और शैक्षिक योग्यता के बजाय जरूरी बातें कही जातीं तो उनको भाषण में पांच मिनट न बर्बाद करने पड़ते। बताया कि उन्होंने महाराष्ट्री की राजधानी का नाम हिंदी में बंबई और इंगलिश में बॉंबे होने का विरोध किया और संघर्ष के बाद मुंबई एक रूपी शब्द मिला। 1991 में लोकसभा से चुने जाने के बाद वंदे मातरम संसद में न गाये जाने को संघर्ष किया तो 1992 में पहली बार संसद में वंदे मातरम गाया गया। परिचय इस पर होना चाहिए था। उन्होंने वासुधैव कुटुंबकम का अर्थ भी समझाया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
फतेहपुर। राज्यपाल ने कार्यक्रम स्थल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में पहुंचकर पौधरोपण करते हुए देश में हरियाली बनाए रखने का संदेश दिया। पौधरोपण के माध्यम से उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया और कहा कि पेड़ पौधे हमारे सच्चे मित्र हैं।
रूट डायवर्जन से आवागमन में दिक्कत
फतेहपुर। राज्यपाल के आगमन को लेकर मार्ग में आवागमन रुकने से लोगों को दिक्कत हुई। आंवती बाई चौराहा, डीएम आवास चौराहा से होते हुए पीडब्लूडी डाक बंग्ले को जाने वाले वीआईपी रोड में जगह जगह वर्दीधारी तैनात रहे और चेकिंग की गई।
गवर्नर को दी जवानों ने सलामी
फतेहपुर। पुलिस लाइन के हैलीपेड पर राज्यपाल के हेलीकाप्टर के उतरते ही सभी जवान व अधिकारी अलर्ट हो गए। पुलिस लाइन मैदान में राज्यपाल राम नाईक को जवानों ने सलामी दी। इसके बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह समारोह स्थल को रवाना हुए। डीएम राकेश कुमार और एसपी सालिग राम वर्मा ने गवर्नर का स्वागत किया।