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घरों में अदा की गई जोहर की नमाज
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घरों में अदा की गई जोहर की नमाज - मस्जिदों में सिर्फ इमाम समेत चंद लोगों ने अदा की अलविदा जुमा की नमाज
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संवाद एजेंसी
फतेहपुर । रमजान उल मुबारक के आखिरी जुमा की नमाज़ घरों में जोहर की नमाज के रूप में अदा की गई । मस्जिदों में इमाम समेत चंद लोग ही अलविदा जुमा की नमाज अदा करने के लिए मौजूद रहे। शिया हजरात की तीनों मस्जिदों में ताले लटकते रहे । सभी ने घरों में नमाज अदा की।
मुस्लिम कौम के लिए रमजान का महीना बहुत ही मायने रखता है । इस वक्त देशभर में लाक डाउन लगा हुआ है। लिहाजा रमजान उल मुबारक के आखिरी जुमा पर पहले जैसी बात नजर नहीं आई । मस्जिदों में पंक्तियां लगाकर पढ़ी जाने वाली अलविदा जुमा की नमाज़ देखने को नहीं मिली । सुन्नी हजरात की मस्जिदों में जरूर चंद लोग नमाज पढ़ने के लिए जुट सके । दोपहर 12:30 बजे से अलग-अलग टाइम पर जोहर की नमाज घरों में पढ़ी गई । शिया हजरात के सैयद अली ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से मस्जिदों में नमाज नहीं पढ़ी गई । जोहर की नमाज ही घरों में अदा की गई है । इनसेट...., काज़ी ए शहर फरीदउददीन कादरी ने कुरान कि आयतों के हवाले से पवित्र रमज़ान की खूबिया बताई। उन्होंने दुनिया में अमनो सुकून का रास्ता भी कुरान के उसूलों पर चल कर तलाशने को कहा । काजी ए शहर ने कहा कि इस्लाम वो धर्म है जो कयामत तक आने वाले इन्सानो की रहनुमाई करेगा।
शहर काजी सईदुल इस्लाम अब्दुल्ला ने कहा कि पैगम्बरे इस्लाम की शिक्षा पर चल कर ही दुनिया में अमन चैन का माहौल पैदा किया जाना यकीनी हो सकता है।
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