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हत्या को दहेज हत्या में दर्ज कर पुलिस ने कानून का उड़ाया मजाक
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बहुआ-गाजीपुर। वैसे तो राजकुमार और रीता सालों से एक साथ रह रहे थे। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबध भी हो गए थे। इन संबंधों के चलते ही मृतिका रीता गर्भवती हो गई थी। इसकी जानकारी दोनों को नवंबर 2021 में हुई। इसके बाद राजकुमार ने भतीजी रीता को अपनी पत्नी बनाने का फैसला किया और फिर दोनों कोर्ट मैरिज की।
कोर्ट में शादी करने के बाद राजकुमार ने अपनी पहली पत्नी रीता और चार बच्चों को जयसिंहपुर में ही छोड़ दिया और दूसरी पत्नी रीता के साथ बड़नपुर चौराहे पर किराए के कमरे में रहने लगा था। यहीं पर रीता की सोमवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई।
राजकुमार के बड़े भाई श्रीकेशन की 2002 में मौत हो गई थी। इसके बाद भाभी निर्मला का भी 2012 देहांत हो गया था। श्रीकेशन की बड़ी बेटी रीता ने अपनी छोटी बहन सीता की शादी हसवा में कराई और खुद और चाचा राजकुमार के साथ बड़नपुर चौराहे पर किराए के कमरे में रहने लगी।
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जबकि राजकुमार की पहली पत्नी रीता अपने चार बच्चों के साथ जयसिंहपुर में ही रह रही थी।
रीता की हत्या की तरह मामले में दर्ज किया गया दहेज हत्या का मुकदमा भी कम चौंकाने वाला नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि रीता के तो माता-पिता भी नहीं है। फिर दहेज की मांग किससे और क्यो की जाएगी।
रीता के पिता श्रीकेशन का मकान भी उसी के नाम है। इसके अलावा तीना बीघा जमीन भी रीता के ही नाम है। छोटी बहन सीता को भी पैतृत तीन बीघा जमीन मिली हुई है। ऐसे में राजकुमार का दहेज मांगना और उसके लिए हत्या करना समझ से परे है।
पुलिस को अभी तक आला-कत्ल भी नहीं मिला है। सीओ प्रगति यादव का कहना है कि विवेचना में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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कोर्ट में शादी करने के बाद राजकुमार ने अपनी पहली पत्नी रीता और चार बच्चों को जयसिंहपुर में ही छोड़ दिया और दूसरी पत्नी रीता के साथ बड़नपुर चौराहे पर किराए के कमरे में रहने लगा था। यहीं पर रीता की सोमवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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राजकुमार के बड़े भाई श्रीकेशन की 2002 में मौत हो गई थी। इसके बाद भाभी निर्मला का भी 2012 देहांत हो गया था। श्रीकेशन की बड़ी बेटी रीता ने अपनी छोटी बहन सीता की शादी हसवा में कराई और खुद और चाचा राजकुमार के साथ बड़नपुर चौराहे पर किराए के कमरे में रहने लगी।
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जबकि राजकुमार की पहली पत्नी रीता अपने चार बच्चों के साथ जयसिंहपुर में ही रह रही थी।
रीता की हत्या की तरह मामले में दर्ज किया गया दहेज हत्या का मुकदमा भी कम चौंकाने वाला नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि रीता के तो माता-पिता भी नहीं है। फिर दहेज की मांग किससे और क्यो की जाएगी।
रीता के पिता श्रीकेशन का मकान भी उसी के नाम है। इसके अलावा तीना बीघा जमीन भी रीता के ही नाम है। छोटी बहन सीता को भी पैतृत तीन बीघा जमीन मिली हुई है। ऐसे में राजकुमार का दहेज मांगना और उसके लिए हत्या करना समझ से परे है।
पुलिस को अभी तक आला-कत्ल भी नहीं मिला है। सीओ प्रगति यादव का कहना है कि विवेचना में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।