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बिजली नही मिलने से आक्रोशित किसानों ने किया हाइवे जाम
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बहुआ। बिजली समस्या से परेशान ललौली थानाक्षेत्र के कीर्तिखेड़ा गांव के ग्रामीणों ने रविवार सुबह करीब नौ बजे हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने बताया कि बहुआ सबस्टेशन की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। भीषण गर्मी में पंद्रह दिन से सैकड़ों गांवों में बिजली नहीं आ रही है। लोग उमस भरी गर्मी में परेशान रहे हैं। बिजली के उपकरण शोपीस बनाकर रह गए है। बिजली नहीं मिलने से पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। करीब चार घंटे बाद
30 मई को आंधी में टूटे तारों व फाल्ट दुरुस्त न किए जाने से करीब पंद्रह दिनों से बिजली की व्यवस्था बहाल नही होने की वजह से किसानों की फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। धान की नर्सरी पूरी तरह से सूखने की कगार पर है। बिजली नही मिलने से क्षेत्र के दर्जनों गांव कीर्तिखेड़ा, अजमतपुर,हिम्मतपुर, दरियाबाद, थवई, खुरमानगर, तपनी, चित्तापूर सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण व किसान परेशान है। बिजली की समस्या से जूझ रहे किसानों ने हाइवे को चार घंटे जाम रखा। बिजली विभाग के जेई पीयूष कुमार सोनकर व कर्मचारियों पर आरोप लगाए। किसानों ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियो के सुस्त व लापरवाही पूर्ण रवैये की वजह से क्षेत्र के लोग बिलबिला रहे है। संसाधनों का रोना रोकर बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी संसाधनों का बंदरबाट करने में लगे हुए है। वही कीर्तिखेड़ा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से हाइवे में बनी बिजली की क्रासिंग के 11 हजार के तार हर दूसरे दिन भारी वाहनों से फंसकर टूट जाते है।11 हजार एचटी लाइन के तारों के टूटने से कई बार हादसे होते होते बचे, लेकिन विभाग तारो को ऊंचा करना मुनासिब नही समझा। बिजली उपकेंद्र बहुआ का सरकारी मोबाइल नंबर कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है।
जाम की सूचना पर ललौली थाने के एसआई शैलेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर ग्रामीणों को समझया बुझाया और बिजली विभाग के अवर अभियंता और अधिशाषी अभियंता से बात कर जाम की सूचना देकर टूटे तारो व खंभो को बदलवाने को कहा।
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कर्मचारियों को भेजकर टूटे तारों व खंभों को दुरुस्त कराया
क्षेत्र के ग्रामीणों व किसानों के हाइवे को जाम करने की सूचना पर विभाग में हड़कंप मच गया।बिजली विभाग ने आनन फानन अपने कई लाइनमैन व कर्मचारियों को मौके पर भेजकर टूटे तारो व खंभो को दुरुस्त करवाया। जल्द ही बिजली व्यवस्था बहाल करवाने का आश्वासन दिया,तब जाकर आक्रोशित किसानों व ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटाया। ग्रामीण तब तक सड़क में बैठे रहे जब तक बिजली विभाग ने तारो व खंभों को दुरुस्त नही करा दिया। ग्रामीणों ने सुबह नौ बजे से बारह बजे दोपहर तक करीब तीन घंटे हाइवे जाम रखा। कीर्तिखेड़ा गांव से बंधवा तक व शिवरी गांव तक करीब दस किमी लंबा जाम लगा रहा। ग्रामीणों ने गांव के कुछ संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप के बाद सवारी गाड़ियों को निकलने दिया। भार वाहन बड़े व छोटे वाहनों को रोके रखा। वहीं बहुआ विद्युत उपकेंद्र के जेई पीयूष कुमार सोनकर ने अपना मोबाइल बंद रखा, साथ ही बिजली उपकेंद्र का सीयूजी नंबर भी बंद रहा।
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30 मई को आंधी में टूटे तारों व फाल्ट दुरुस्त न किए जाने से करीब पंद्रह दिनों से बिजली की व्यवस्था बहाल नही होने की वजह से किसानों की फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है। धान की नर्सरी पूरी तरह से सूखने की कगार पर है। बिजली नही मिलने से क्षेत्र के दर्जनों गांव कीर्तिखेड़ा, अजमतपुर,हिम्मतपुर, दरियाबाद, थवई, खुरमानगर, तपनी, चित्तापूर सहित दर्जनों गांव के ग्रामीण व किसान परेशान है। बिजली की समस्या से जूझ रहे किसानों ने हाइवे को चार घंटे जाम रखा। बिजली विभाग के जेई पीयूष कुमार सोनकर व कर्मचारियों पर आरोप लगाए। किसानों ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियो के सुस्त व लापरवाही पूर्ण रवैये की वजह से क्षेत्र के लोग बिलबिला रहे है। संसाधनों का रोना रोकर बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी संसाधनों का बंदरबाट करने में लगे हुए है। वही कीर्तिखेड़ा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग की लापरवाही की वजह से हाइवे में बनी बिजली की क्रासिंग के 11 हजार के तार हर दूसरे दिन भारी वाहनों से फंसकर टूट जाते है।11 हजार एचटी लाइन के तारों के टूटने से कई बार हादसे होते होते बचे, लेकिन विभाग तारो को ऊंचा करना मुनासिब नही समझा। बिजली उपकेंद्र बहुआ का सरकारी मोबाइल नंबर कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है।
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जाम की सूचना पर ललौली थाने के एसआई शैलेंद्र सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर ग्रामीणों को समझया बुझाया और बिजली विभाग के अवर अभियंता और अधिशाषी अभियंता से बात कर जाम की सूचना देकर टूटे तारो व खंभो को बदलवाने को कहा।
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कर्मचारियों को भेजकर टूटे तारों व खंभों को दुरुस्त कराया
क्षेत्र के ग्रामीणों व किसानों के हाइवे को जाम करने की सूचना पर विभाग में हड़कंप मच गया।बिजली विभाग ने आनन फानन अपने कई लाइनमैन व कर्मचारियों को मौके पर भेजकर टूटे तारो व खंभो को दुरुस्त करवाया। जल्द ही बिजली व्यवस्था बहाल करवाने का आश्वासन दिया,तब जाकर आक्रोशित किसानों व ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटाया। ग्रामीण तब तक सड़क में बैठे रहे जब तक बिजली विभाग ने तारो व खंभों को दुरुस्त नही करा दिया। ग्रामीणों ने सुबह नौ बजे से बारह बजे दोपहर तक करीब तीन घंटे हाइवे जाम रखा। कीर्तिखेड़ा गांव से बंधवा तक व शिवरी गांव तक करीब दस किमी लंबा जाम लगा रहा। ग्रामीणों ने गांव के कुछ संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप के बाद सवारी गाड़ियों को निकलने दिया। भार वाहन बड़े व छोटे वाहनों को रोके रखा। वहीं बहुआ विद्युत उपकेंद्र के जेई पीयूष कुमार सोनकर ने अपना मोबाइल बंद रखा, साथ ही बिजली उपकेंद्र का सीयूजी नंबर भी बंद रहा।