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लॉकडाउन में मौलिक अधिकार बचाने की चुनौती- डॉ. नीलम
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फतेहपुर। डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महिला महाविद्यालय में दो दिवसीय वेबिनार का सोमवार को समापन हो गया। अंतिम दिन अन्नामलाई विश्वविद्यालय तमिलनाडु की प्रोफेसर डॉ. नीलम पांडेय ने कहा कि लॉकडाउन में महामारी से लड़ने के साथ ही साथ नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सुरक्षित रखना भी चुनौती है। कार्यपालिका, समाजशास्त्रियों, अर्थशस्त्रियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
ऑनलाइन वेबिनार में प्रोफेसर डॉ. नीलम पांडेय ने कहा कि विश्व राजनीति में देश के नेतृत्व की संभावना तलाशना भी जरूरी है। विश्वविद्यालय की रिसोर्स परसन डॉ. सुचित्रा वर्मा ने देश के सांस्कृतिक, परंपरागत परिवेश को इस वैश्विक महामारी का सामना करने के लिए सबसे उपयुक्त माना। रिसोर्स परसन डॉ. एस. बालामुर्गन (एसोसिएट प्रोफेसर पेरियार आर्ट कॉलेज कड्डलोर तमिलनाडु) ने समस्त विश्व में हो रहे राजनीतिक उथल-पुथल पर चर्चा की।
वेबिनार के समापन सत्र मेें मुख्य अतिथि डॉ. सादिक बाशा ने कहा कि पूर्व में आई महामारियों की तरह एक दिन कोविड-19 भी विश्व से विदा होगी। आवश्यकता इस बात की है कि हम उस सबक को याद रखें, जो इस महामारी ने हमें सिखाया है। अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अपर्णा मिश्रा ने कहा कि ऑनलाइन विधि से कराया गया यह अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार हमारा पहला प्रयास था। इसको श्रीलंका, कनाडा, इंग्लैंड समेत अनेक देशों से भरपूर समर्थन मिला है। कार्यक्रम में वेबिनार के सचिव डॉ. प्रशांत द्विवेदी, डॉ. शोभा सक्सेना, डॉ. सरिता गुप्ता, डॉ. गुलशन सक्सेना, डॉ. मीरा पाल, डॉ. लक्ष्मीना भारती, डॉ. रमेश बाबू, डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल, डॉ. रेखा वर्मा, डॉ. जयंती सिंह, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. अजय कुमार, बसंत कुमार मौर्य, अशोक कश्यप ने भाग लिया। वेबिनार संयोजक डॉ. शकुंतला ने अतिथियों का आभार जताया।
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ऑनलाइन वेबिनार में प्रोफेसर डॉ. नीलम पांडेय ने कहा कि विश्व राजनीति में देश के नेतृत्व की संभावना तलाशना भी जरूरी है। विश्वविद्यालय की रिसोर्स परसन डॉ. सुचित्रा वर्मा ने देश के सांस्कृतिक, परंपरागत परिवेश को इस वैश्विक महामारी का सामना करने के लिए सबसे उपयुक्त माना। रिसोर्स परसन डॉ. एस. बालामुर्गन (एसोसिएट प्रोफेसर पेरियार आर्ट कॉलेज कड्डलोर तमिलनाडु) ने समस्त विश्व में हो रहे राजनीतिक उथल-पुथल पर चर्चा की।
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वेबिनार के समापन सत्र मेें मुख्य अतिथि डॉ. सादिक बाशा ने कहा कि पूर्व में आई महामारियों की तरह एक दिन कोविड-19 भी विश्व से विदा होगी। आवश्यकता इस बात की है कि हम उस सबक को याद रखें, जो इस महामारी ने हमें सिखाया है। अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अपर्णा मिश्रा ने कहा कि ऑनलाइन विधि से कराया गया यह अंतर्राष्ट्रीय वेबिनार हमारा पहला प्रयास था। इसको श्रीलंका, कनाडा, इंग्लैंड समेत अनेक देशों से भरपूर समर्थन मिला है। कार्यक्रम में वेबिनार के सचिव डॉ. प्रशांत द्विवेदी, डॉ. शोभा सक्सेना, डॉ. सरिता गुप्ता, डॉ. गुलशन सक्सेना, डॉ. मीरा पाल, डॉ. लक्ष्मीना भारती, डॉ. रमेश बाबू, डॉ. उत्तम कुमार शुक्ल, डॉ. रेखा वर्मा, डॉ. जयंती सिंह, डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. अजय कुमार, बसंत कुमार मौर्य, अशोक कश्यप ने भाग लिया। वेबिनार संयोजक डॉ. शकुंतला ने अतिथियों का आभार जताया।
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