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रात में आंधी, सुबह तक हुई बारिश
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फतेहपुर। मौसम शुक्रवार की देर रात से फिर बिगड़ गया। रात में आंधी के साथ सुबह आठ बजे तक रुक-रुक कर कई बार बारिश हुई। कुल तीन मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। आए दिन गरज के साथ हो रही बूंदाबांदी से दलहनी फसलें चौपट हो रही हैं। लाही, सरसों के बाद चना और मसूर की फसलों का इस बारिश से नुकसान हुआ है।
बारिश के साथ ओला पड़ने से पहले ही जिले के किसानों की रीढ़ टूट चुकी है। लाही और गेहूं की फसलें चौपट हो चुकी है। बची लाही की फसलों को किसानों ने किसी तरह से घर पहुंचाया है। इस बारिश से अब चना और मसूर की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि दोपहर बाद से तेज धूप है। जिले में 10 हेक्टेअर क्षेत्रफल में मसूर की फसल पकी खड़ी है। बूंदाबांदी के बाद धूप निकलने पर फली पेड़ में ही फट जाएगी और दाना खेत में ही गिर जाएगा। ऐसे में मसूर की फसल को नुकसान हो सकता है।
अगेती चना की फसल पकने के समीप है, जबकि पिछेती चना की फसल में फूल आ रहा है। अधिक बारिश होने पर पकी चना की फसल टूटकर खेत में बिखर जा रहा है। पिछड़ती फसल का फूल बारिश में नष्ट होने से उपज प्रभावित हो जाएगी। खास बात तो यह है कि अभी मौसम विभाग ने 22 मार्च को आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है। अगर संभावना सही उतरी तो जिले के किसानों को काफी नुकसान हो जाएगा। बिंदकी और खागा तहसील में ओलावृष्टि के किसान पहले ही तबाह हो चुका है। अब सदर चना और मसूर की फसलों वाली सदर तहसील के किसानों को बूंदाबांदी और आंधी तबाह कर सकती है।
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जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह का कहना है कि पिछेती चने की फसल में फूल आ रहा है। ऐसी फसल में बारिश और तेज हवा काफी नुकसानदायक है। बारिश होने से फूल गिर जाएगा और अधिक नमी होने पर चने का पौध मानक से अधिक बड़ा हो सकता है। ऐस में फल आने की संभावना खत्म हो जाएगी। सर्वाधिक नुकसान पकी चना और मसूर की फसलों को हो रहा है।
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बारिश के साथ ओला पड़ने से पहले ही जिले के किसानों की रीढ़ टूट चुकी है। लाही और गेहूं की फसलें चौपट हो चुकी है। बची लाही की फसलों को किसानों ने किसी तरह से घर पहुंचाया है। इस बारिश से अब चना और मसूर की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि दोपहर बाद से तेज धूप है। जिले में 10 हेक्टेअर क्षेत्रफल में मसूर की फसल पकी खड़ी है। बूंदाबांदी के बाद धूप निकलने पर फली पेड़ में ही फट जाएगी और दाना खेत में ही गिर जाएगा। ऐसे में मसूर की फसल को नुकसान हो सकता है।
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अगेती चना की फसल पकने के समीप है, जबकि पिछेती चना की फसल में फूल आ रहा है। अधिक बारिश होने पर पकी चना की फसल टूटकर खेत में बिखर जा रहा है। पिछड़ती फसल का फूल बारिश में नष्ट होने से उपज प्रभावित हो जाएगी। खास बात तो यह है कि अभी मौसम विभाग ने 22 मार्च को आंधी के साथ बारिश की संभावना जताई है। अगर संभावना सही उतरी तो जिले के किसानों को काफी नुकसान हो जाएगा। बिंदकी और खागा तहसील में ओलावृष्टि के किसान पहले ही तबाह हो चुका है। अब सदर चना और मसूर की फसलों वाली सदर तहसील के किसानों को बूंदाबांदी और आंधी तबाह कर सकती है।
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जिला कृषि अधिकारी बृजेश सिंह का कहना है कि पिछेती चने की फसल में फूल आ रहा है। ऐसी फसल में बारिश और तेज हवा काफी नुकसानदायक है। बारिश होने से फूल गिर जाएगा और अधिक नमी होने पर चने का पौध मानक से अधिक बड़ा हो सकता है। ऐस में फल आने की संभावना खत्म हो जाएगी। सर्वाधिक नुकसान पकी चना और मसूर की फसलों को हो रहा है।