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मंदिर का ताला तोड़कर कृष्ण की प्राचीन मूर्ति चोरी
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चौडगरा (फतेहपुर)। कल्यानपुर थानाक्षेत्र के पहुर गांव स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर का ताला तोड़कर चोर गुरुवार की रात भगवान कृष्ण की प्राचीन मूर्ति चुरा ले गए। सुबह मंदिर खोलने पहुंचे पुजारी को चोरी का पता चला। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। मूर्ति के जेवर मौके पर पड़े थे। पुजारी व मंदिर के सर्वराकार ने मूर्ति अष्टधातु का होना बताया है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन कर रही है।
पहुर गांव में रहने वाले मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर दुबे सुबह करीब छह बजे मंदिर खोलने पहुंचे। दरवाजे में ताला नहीं लगा था। बाहर से कुंडी बंदी थी। मंदिर के अंदर कृष्ण की मूर्ति नहीं थी। मौके पर कपड़े, चांदी का मुकुट पड़ा था। मंदिर गांव के बीच घनी बस्ती में है। मंदिर के ठीक सामने सर्वराकार (मुख्य ट्रस्टी) चंद्रहास दुबे का घर है। इनके तीन बेटे चंद्रशेखर, विमल, जीतू दरवाजे पर सोए थे। बड़ा बेटा चंद्रशेखर पुजारी है। पुलिस ने पुजारी
चंद्रशेखर दुबे व सर्वराकार चंद्रहास दुबे से पूछताछ की। पुजारी ने बताया कि मंदिर से कुछ दूरी पर मैरिज हाल में रात को शादी समारोह का आयोजन था। देर रात गांव में चहल-पहल थी। उन्होंने बताया कि परिवार की तीसरी पीढ़ी मंदिर की सेवा में हैं। प्राचीन मूर्ति अष्टधातु की है। चोरों को मूर्ति की विशेषता मालूम थी। यहीं वजह रही कि वह सिर्फ मूर्ति लेकर गए। चांदी का मुकुट छोड़ गए। लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश है। थानेदार विनोद कुमार ने बताया कि मूर्ति चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। फिलहाल कोई सुराग नहीं लगा है। संदिग्धों को चिह्नित कर धरपकड़ की जा रही है। उधर, इसी मंदिर में 2004 में चोरों राधा की मूर्ति चुरा ली थी। हालांकि बाद में पुलिस ने गांव के पास एक बाग से राधा की खंडित मूर्ति बरामद की थी।
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पहुर गांव में रहने वाले मंदिर के पुजारी चंद्रशेखर दुबे सुबह करीब छह बजे मंदिर खोलने पहुंचे। दरवाजे में ताला नहीं लगा था। बाहर से कुंडी बंदी थी। मंदिर के अंदर कृष्ण की मूर्ति नहीं थी। मौके पर कपड़े, चांदी का मुकुट पड़ा था। मंदिर गांव के बीच घनी बस्ती में है। मंदिर के ठीक सामने सर्वराकार (मुख्य ट्रस्टी) चंद्रहास दुबे का घर है। इनके तीन बेटे चंद्रशेखर, विमल, जीतू दरवाजे पर सोए थे। बड़ा बेटा चंद्रशेखर पुजारी है। पुलिस ने पुजारी
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चंद्रशेखर दुबे व सर्वराकार चंद्रहास दुबे से पूछताछ की। पुजारी ने बताया कि मंदिर से कुछ दूरी पर मैरिज हाल में रात को शादी समारोह का आयोजन था। देर रात गांव में चहल-पहल थी। उन्होंने बताया कि परिवार की तीसरी पीढ़ी मंदिर की सेवा में हैं। प्राचीन मूर्ति अष्टधातु की है। चोरों को मूर्ति की विशेषता मालूम थी। यहीं वजह रही कि वह सिर्फ मूर्ति लेकर गए। चांदी का मुकुट छोड़ गए। लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोश है। थानेदार विनोद कुमार ने बताया कि मूर्ति चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। फिलहाल कोई सुराग नहीं लगा है। संदिग्धों को चिह्नित कर धरपकड़ की जा रही है। उधर, इसी मंदिर में 2004 में चोरों राधा की मूर्ति चुरा ली थी। हालांकि बाद में पुलिस ने गांव के पास एक बाग से राधा की खंडित मूर्ति बरामद की थी।
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