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एनजीटी के आदेश पर तीन मौरंग खदानें बंद
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फतेहपुर। खनन नियमों में बदलाव के चलते तीन खदानों पर रोक लगाई गई है। यह कार्रवाई प्रदेश स्तर पर कुल 17 मौरंग खंड पर हुई है। खदान संचालकों में इस कार्रवाई से हड़कंप मचा है। यहां राजस्व टीम अढ़ावल मौरंग खंड दो में बुधवार शाम पहुंची। नायब तहसीलदार डा. संतराज, विकास पांडेय, एसओ केशव वर्मा ने खदान बंद करने के आदेश दिए। जेसीबी, पोकलैंड खनन स्थल से बाहर निकाली गईं।
खदान का टेंडर पिछले साल बामदेव ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के उपेंद्र कुमार गुप्ता को हुआ था। मानसूत्र सत्र में खदान बंद हुई थी। उसके बाद दूसरे सत्र के नवंबर माह में चालू हुई। खदान की तीन माह की किस्त ढाई करोड़ के करीब है। एनजीटी पिछले सत्र में ई-टेंडरिंग के पट्टों के मानक अनुरूप न होने की शिकायत भी हुई थी। एनजीटी ने मामले सुनवाई के दौरान नियमों में संशोधन किया। पिछले सत्र में ई-टेंडरिंग के मानकों के बदलाव से एनजीटी की
एनओसी का पेंच फंस गया। अढ़ावल के अलावा बिंदकी तहसील की बारा मौरंग खदान और सदर तहसील की देवलान मौरंग खदान प्रभावित हुई है। इन दोनों खदानों का संचालन चालू होने वाला था। यहां लाखों की लागत से रास्ता तैयार हो चुका है। अवैध खनन में देवलान खदान में 80 लाख रुपये का जुमार्ना हुआ था। जिसे संचालक जमा करने के बाद खदान चालू करने जा रहे थे। बारा खदान में भी जुर्माना लगा था। उसकी भी अब चालू करने की तैयारी शुरू हो गई थी। खदानों संचालकों को तगड़ा झटका लगा है। खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय ने बताया कि इस साल चालू खदानों नए मानकों की एनओसी आई है। जिले की सिर्फ इन तीन खदानों को एनओसी दोबारा मिलेगी। जिसके बाद संचालन चालू हो सकेगा।
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फतेहपुर। वाहनों की चेकिंग में बुधवार को एआरटीओ अभिषेक कनौजिया ने अढ़ावल मौरंग खदान में आठ ट्रकों को पकड़ा है। खदान में मिले ट्रकों का चालान किया गया है। हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने वाले 76 वाहनों का चालान किया गया है। उधर, यातायात पुलिस ने बीस वाहनों से 14 हजार शमन शुल्क वसूला है। वहीं 23 वाहनों का चालान किया गया है।
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खदान का टेंडर पिछले साल बामदेव ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के उपेंद्र कुमार गुप्ता को हुआ था। मानसूत्र सत्र में खदान बंद हुई थी। उसके बाद दूसरे सत्र के नवंबर माह में चालू हुई। खदान की तीन माह की किस्त ढाई करोड़ के करीब है। एनजीटी पिछले सत्र में ई-टेंडरिंग के पट्टों के मानक अनुरूप न होने की शिकायत भी हुई थी। एनजीटी ने मामले सुनवाई के दौरान नियमों में संशोधन किया। पिछले सत्र में ई-टेंडरिंग के मानकों के बदलाव से एनजीटी की
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एनओसी का पेंच फंस गया। अढ़ावल के अलावा बिंदकी तहसील की बारा मौरंग खदान और सदर तहसील की देवलान मौरंग खदान प्रभावित हुई है। इन दोनों खदानों का संचालन चालू होने वाला था। यहां लाखों की लागत से रास्ता तैयार हो चुका है। अवैध खनन में देवलान खदान में 80 लाख रुपये का जुमार्ना हुआ था। जिसे संचालक जमा करने के बाद खदान चालू करने जा रहे थे। बारा खदान में भी जुर्माना लगा था। उसकी भी अब चालू करने की तैयारी शुरू हो गई थी। खदानों संचालकों को तगड़ा झटका लगा है। खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय ने बताया कि इस साल चालू खदानों नए मानकों की एनओसी आई है। जिले की सिर्फ इन तीन खदानों को एनओसी दोबारा मिलेगी। जिसके बाद संचालन चालू हो सकेगा।
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फतेहपुर। वाहनों की चेकिंग में बुधवार को एआरटीओ अभिषेक कनौजिया ने अढ़ावल मौरंग खदान में आठ ट्रकों को पकड़ा है। खदान में मिले ट्रकों का चालान किया गया है। हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाने वाले 76 वाहनों का चालान किया गया है। उधर, यातायात पुलिस ने बीस वाहनों से 14 हजार शमन शुल्क वसूला है। वहीं 23 वाहनों का चालान किया गया है।