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अब राधानगर जैसा ताकतवर होगा मलवां पारेषण केंद्र
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फतेहपुर। बिजली उपभोक्ताओं का दायरा बढ़ने के साथ विभाग भी क्षमताओं में इजाफा करने में जुटा है। 132 केवीए क्षमता के पारेषण केंद्र मलवां को 220 केवीए पारेषण केंद्र में तब्दील करने की कवायद तेज हो गई है। पचास फीसद काम निपट भी चुका है। मलवां पारेषण केंद्र के अपग्रेड होने से यह भी राधानगर की तरह ज्यादा ताकतवर पारेषण केंद्र बन जाएगा। इससे सौभाग्य योजना के तहत बढ़े बिजली उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिलेगी।
बिजली उपभोक्ताओं की तादाद साढ़े तीन लाख पहुंच चुकी है। सौभाग्य योजना के बाद बढ़े उपभोक्ताओं के लिहाज से बिजली के ठिकानों को बढ़ाया जा रहा है। जिले में चार पारेषण केंद्र हैं। जिसमें फिलहाल 220 केवीए क्षमता का पारेषण केंद्र राधानगर में संचालित हो रहा है। 132 केवीए के पारेषण केंद्र दरवेशाबाद(बिंदकी), मलवां,
जहानाबाद और खागा में वजूद में हैं। इनमें से मलवां पारेषण केंद्र को अपग्रेड के लिए चुना गया है। शासन की रजामंदी के बाद ट्रांसमीशन के इस ठिकाने पर काम चल रहा है। मलवां पारेषण केंद्र के अपग्रेड होने से 220 केवीए के पारेषण केंद्रों की संख्या बढ़कर दो जाएगी। इस प्रकार से तीन 132 केवीए के पारेषण केंद्र बचेंगे।
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मलवां पारेषण केंद्र की क्षमता मेें इजाफा होने से औद्योगिक इकाइयों को बिजली की समस्या से निजात मिल सकेगी। पारेषण क्षमताओं में इजाफा होने से ओवरलोडिंग की समस्या खत्म होगी। बिजली आपूर्ति बेहतर तरीके से मिल सकेगी। ऐसा होने से सीधे फायदा औद्योगिक इकाइयों को होगा। औद्योगिक हलचलों के कम होने का एक बड़ा कारण बिजली की समस्या ही रही है। ऐसे में पारेषण केंद्र की क्षमता बढ़ाने का कदम औद्योगिक क्षेत्र को दोबारा जीवन देने का जरिया बन सकता है।
जिले में 33/11 केवीए के आधा सैकड़ा सब स्टेशन काम कर रहे हैं। हसनापुर, नीलकोठी, कलाना के सब स्टेशन चालू हो चुके हैं। मलवां पारेषण केंद्र की क्षमता बढ़ाई जा रही है। अपग्रेड होने पर यह पारेषण केंद्र भी बेहतर बिजली आपूर्ति का जरिया बन सकेगा। यह काम पूरा होने में अभी साल भर का वक्त है।
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बिजली उपभोक्ताओं की तादाद साढ़े तीन लाख पहुंच चुकी है। सौभाग्य योजना के बाद बढ़े उपभोक्ताओं के लिहाज से बिजली के ठिकानों को बढ़ाया जा रहा है। जिले में चार पारेषण केंद्र हैं। जिसमें फिलहाल 220 केवीए क्षमता का पारेषण केंद्र राधानगर में संचालित हो रहा है। 132 केवीए के पारेषण केंद्र दरवेशाबाद(बिंदकी), मलवां,
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जहानाबाद और खागा में वजूद में हैं। इनमें से मलवां पारेषण केंद्र को अपग्रेड के लिए चुना गया है। शासन की रजामंदी के बाद ट्रांसमीशन के इस ठिकाने पर काम चल रहा है। मलवां पारेषण केंद्र के अपग्रेड होने से 220 केवीए के पारेषण केंद्रों की संख्या बढ़कर दो जाएगी। इस प्रकार से तीन 132 केवीए के पारेषण केंद्र बचेंगे।
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मलवां पारेषण केंद्र की क्षमता मेें इजाफा होने से औद्योगिक इकाइयों को बिजली की समस्या से निजात मिल सकेगी। पारेषण क्षमताओं में इजाफा होने से ओवरलोडिंग की समस्या खत्म होगी। बिजली आपूर्ति बेहतर तरीके से मिल सकेगी। ऐसा होने से सीधे फायदा औद्योगिक इकाइयों को होगा। औद्योगिक हलचलों के कम होने का एक बड़ा कारण बिजली की समस्या ही रही है। ऐसे में पारेषण केंद्र की क्षमता बढ़ाने का कदम औद्योगिक क्षेत्र को दोबारा जीवन देने का जरिया बन सकता है।
जिले में 33/11 केवीए के आधा सैकड़ा सब स्टेशन काम कर रहे हैं। हसनापुर, नीलकोठी, कलाना के सब स्टेशन चालू हो चुके हैं। मलवां पारेषण केंद्र की क्षमता बढ़ाई जा रही है। अपग्रेड होने पर यह पारेषण केंद्र भी बेहतर बिजली आपूर्ति का जरिया बन सकेगा। यह काम पूरा होने में अभी साल भर का वक्त है।