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बुढ़ापे में वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रहे आवेदक

Mon, 11 Nov 2019 07:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2019 07:51 PM IST
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फतेहपुर। साल का नवंबर माह पेंशन लाभार्थियों के लिए परेशानी भरा होता है। इस माह में ही जीवित प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य है। साथ ही नए पात्रों के आवेदनों का सत्यापन भी इसी माह होता है। व्यवस्था का हाल यह है कि पखवारे भर बाद भी जिले के तेरह विकास खंडों में कुल 8563 बुजुर्गों के आवेदनों का सत्यापन नहीं किया जा सका है। आवेदन फार्म ऑनलाइन फीड करा देने के बाद भी ब्लाकों में पंचायत सचिवों के पास और शहरी क्षेत्र में नगर पालिका कर्मचारियों के पास डंप पड़े हैं।
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बुढ़ापे में गुजारे के लिए बूढ़ी धमनियां सरकारी महकमे के दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। एक अदद पेंशन के लिए बुजुर्ग अधिकारियों के हाथ जोड़ रहे हैं और पेंशन है कि दर्शन नहीं दे रही है। आवेदन करने के महीनों बीत जाने के बाद भी पेंशन फार्म कहीं नगर निकायो में तो कहीं ब्लाको में डंप पड़े हुए हैं। आवेदक भटकते फिर रहे हैं और
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जिम्मेदारों को सत्यापन करने की फुर्सत नहीं मिल रही है। बुढ़ापे और गरीबी में गुजारा करने के लिए सरकार समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रतिमाह पांच सौ रुपये वृद्धावस्था पेंशन देती है। शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रो में साठ साल या उससे अधिक की आयु सीमा पार कर चुके बुजुर्गों को यह पेंशन मिलती है। मगर इसी पेंशन
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की आस में जिले के कोने-कोने से आवेदन करने वाले बुजुर्गों को अपना हक पा पाना बड़ा ही कठिन प्रतीत हो रहा है। बुढ़ापे में जब अपने भी साथ छोड़ जाते हैं तो इसी एक पेंशन के सहारे के उनका बाकी का बचा जीवन चलता है। मगर अब यह भी इतना आसान नहीं रहा। व्यवस्था का यह आलम है कि आवेदन कर फार्म ऑनलाइन
फीड करा देने के बाद भी अभी तक उनका सत्यापन नहीं किया गया है। आवेदन फार्म ब्लाको में पंचायत सचिवों के पास और शहरी क्षेत्र में नगर पालिका कर्मचारियों के पास डंप पड़े हैं। आवेदक हर जगह के चक्कर काटने के बाद वापस समाज कल्याण विभाग आते हैं तो यहां से उन्हें बिना सत्यापन पूरा हुए पेंशन दे पाने में असमर्थता जता दी जाती है।
ऐरायां ब्लाक में 661, अमौली में 621, असोथर में 668, बहुआ 687, भिटौरा 692, देवमई में 303, धाता में 814, हंसवा में 647, हथगाम में 633, खजुहा में 525, मलवां में 930, तेलियानी में 463 और विजयीपुर में 319 आवेदन पंचायत सचिवों के पास सत्यापन के लिए डंप हैं। इस तरह से जनपद के समस्त तेरह विकास खंडो में कुल 7963 बुजुर्गों की पेंशन के आवेदनों के सत्यापन नहीं हो पा रहे हैं।
शहरी क्षेत्रों के भी 563 आवेदन फार्म सत्यापन न होने की वजह से नगर पंचायतों/पालिकाओं में लंबित हैं। बहुआ में 109, बिंदकी में 95, फतेहपुर में 273, हथगाम में 7, खागा में 35, किशनपुर में 12 और कोड़ा जहानाबाद में 32 बुजुर्गों के वृद्धावस्था पेंशन के फार्म नहीं सत्यापित किए गए हैं।

पेंशन के आवेदन ऑनलाइन करा दिए गए हैं। अब ग्रामीण क्षेत्र का सत्यापन पंचायत सचिवों को और शहरी क्षेत्र के आवेदकों का सत्यापन नगर पंचायतों को कर देना होता है। ताकि विभाग को यह पता चल सके कि आवेदक योजना के लिए सही पात्र है या नहीं। सत्यापनकर्ताओं के पास और भी कई काम होते हैं। जिस कारण इन आवेदनों की जांच होने में थोड़ा वक्त लग जाता है। एक बार सत्यापन हो जाने के बाद किसी की पेंशन नहीं रुकती। - एस.के.मिश्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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