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ो उपखंड एक जगह पर बनाए जाने से अधिकारियों पर उठाए सवाल .
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फतेहपुर। शिकायतों के निस्तारण के लिए एक ही जगह दो विद्युत उपखंड बनाए जाने का उपभोक्ताओं ने विरोध किया है। लोगों का कहना है कि असोथर में पहले से एक उपखंड है। लंबी दूरी न तय करनी पड़े, इस लिहाज से नए उपखंड की जरूरत है। लेकिन अधिशासी अभियंता व अधीक्षण अभियंता ने असोथर में ही द्वितीय उपखंड बनाने की रिपोर्ट मुख्य अभियंता प्रयागराज को भेज दी है।
विद्युत वितरण खंड तृतीय के उपभोक्ताओं की समस्या को हल कराने के लिए एक नया उपखंड बनाया जाना है। धाता, खखरेरु, विजयीपुर उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को समस्या हल कराने के लिए असोथर उपखंड जाना पड़ता है। असोथर के इन उपकेंद्रों की दूरी 30 से 70 किमी है। यहां के उपभोक्ताओं ने खखरेरू में उपखंड खोलने का मुद्दा उठाया था और तत्कालीन अधिशासी अभियंता सरोज कुमार ने खखरेरू में उपखंड बनाने का प्रस्ताव भी भेजा था।
प्रगतिशील किसान रणविजय सिंह ने बताया कि उपखंड कार्यालय से बिजली बिलों की समस्या को हल कराया जाता है। कस्बा से असोथर की दूरी 35 किमी है। प्रशासन की बैठकों में कई बार नया उपखंड बनाने का मुद्दा भी उठाया जा चुका है। अधिकारियों ने खखरेरू में उपखंड बनाने का आश्वासन दिया था। धाता के किसान ईश्वरशरण ने
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कहा कि धाता से खागा जाना तो आसान है, लेकिन असोथर उपखंड पहुंचना बहुत मुश्किल है। उपभोक्ताओं की समस्या को हल कराने में अधिकारी अनदेखी करते हैं। अधिशासी अधिकारी मेघ सिंह ने बताया कि उपकेंद्रों के क्षेत्र की सही ढंग से जानकारी न होने की वजह से उपखंड बनाने की रिपोर्ट गलत हो गई है। उसको सही कराने का प्रयास किया जाएगा। ताकि धाता, खखरेरू क्षेत्र के उपभोक्ता आसानी से उपखंड कार्यालय पहुंच सकें।हमारी कोशिश होगी कि खखरेडू में उपखंड बनाया जा सके।
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विद्युत वितरण खंड तृतीय के उपभोक्ताओं की समस्या को हल कराने के लिए एक नया उपखंड बनाया जाना है। धाता, खखरेरु, विजयीपुर उपकेंद्र के उपभोक्ताओं को समस्या हल कराने के लिए असोथर उपखंड जाना पड़ता है। असोथर के इन उपकेंद्रों की दूरी 30 से 70 किमी है। यहां के उपभोक्ताओं ने खखरेरू में उपखंड खोलने का मुद्दा उठाया था और तत्कालीन अधिशासी अभियंता सरोज कुमार ने खखरेरू में उपखंड बनाने का प्रस्ताव भी भेजा था।
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प्रगतिशील किसान रणविजय सिंह ने बताया कि उपखंड कार्यालय से बिजली बिलों की समस्या को हल कराया जाता है। कस्बा से असोथर की दूरी 35 किमी है। प्रशासन की बैठकों में कई बार नया उपखंड बनाने का मुद्दा भी उठाया जा चुका है। अधिकारियों ने खखरेरू में उपखंड बनाने का आश्वासन दिया था। धाता के किसान ईश्वरशरण ने
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कहा कि धाता से खागा जाना तो आसान है, लेकिन असोथर उपखंड पहुंचना बहुत मुश्किल है। उपभोक्ताओं की समस्या को हल कराने में अधिकारी अनदेखी करते हैं। अधिशासी अधिकारी मेघ सिंह ने बताया कि उपकेंद्रों के क्षेत्र की सही ढंग से जानकारी न होने की वजह से उपखंड बनाने की रिपोर्ट गलत हो गई है। उसको सही कराने का प्रयास किया जाएगा। ताकि धाता, खखरेरू क्षेत्र के उपभोक्ता आसानी से उपखंड कार्यालय पहुंच सकें।हमारी कोशिश होगी कि खखरेडू में उपखंड बनाया जा सके।