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हादसे में घायल की मौत पर बवाल
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Fri, 07 Aug 2015 11:59 PM IST
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सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत होने पर ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिंदकी-फतेहपुर मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस से ग्रामीणों की तीखी झड़प हुई। कुछ देर बाद तहसीलदार दूधनाथ यादव, पूर्व मंत्री राजेंद्र पटेल व पूर्व मंत्री अमरजीत सिंह जनसेवक मौके पर पहुंचे। मृतक के परिजनों को पट्टे की जमीन और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
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बुधवार की शाम बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के दरवेशाबाद निवासी बरातीलाल (30) पुत्र विनोद, अनिल पुत्र भोले, जगदीश पुत्र मुलहे बाइक से बिंदकी आ रहे थे। बाईपास फिरोजपुर मोड़ के पास बाइक सवारों की विपरीत दिशा से आ रहे बाइक सवारों से भिड़ंत हो गई थी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान जगदीश की बुधवार रात मौत हो गई थी। जबकि उसके साथी बरातीलाल और अनिल को कानपुर रेफर किया गया था। शुक्रवार को कानपुर में इलाज के दौरान बारातीलाल की भी मौत हो गई। युवक के परिजनों ने पुलिस पर पोस्टमार्टम न कराए जाने और मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ शुक्रवार को बिंदकी फतेहपुर मार्ग पर शव व लकड़ियां डालकर जाम लगा दिया। यातायात व्यवस्था व्यवस्था ध्वस्त हो गई। वाहनों का लंबा जाम लग गया। सूचना पर पूर्व मंत्री राजेंद्र पटेल मौके पर पहुंचे और पुलिस कप्तान अनीस अहमद अंसारी से मोबाइल में बातचीत की। सीओ बिंदकी आरके वर्मा व तहसीलदार दूधनाथ यादव मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने मृतक के परिजनों को पट्टे की जमीन और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और जाम खुलवाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, दुघर्टना के बाद ग्रामीणों द्वारा बिंदकी- फतेहपुर मार्ग जाम करने से यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई। फतेहपुर और बिंदकी से आने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग दूसरे मार्गों से होकर गंतव्य को पहुंचे। वहीं कई विद्यालयों के बच्चे तो जाम लगा होने के कारण घर ही लौट गए।
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अब मंजू व तीन बच्चों को कौन संभालेगा
मार्ग दुघर्टना में जगदीश की हुई दर्दनाक मौत के बाद उसकी पत्नी मंजू उर्फ छंगी का रो रोकर बुरा हाल है। पति की मौत के गम में मंजू बार बार रोते रोते बेहोश हो जाती है और जब होश आता है तो फिर दहाड़े मारकर चिल्लाने लगती है। घर की महिलाएं बदहवास मंजू को समझाने का प्रयास कर रही हैं। जगदीश की मौत के बाद अब मंजू और उसके बच्चे पांच वर्षीय वंदना, दो वर्षीय रंजना और पांच माह का बेटा कल्पीशरण की देखभाल कौन करेगा इसको लेकर चिंता सताने लगी है।
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