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किसान अब यूरिया के लिए परेशान
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sat, 22 Aug 2015 12:20 AM IST
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बारिश के बाद किसान अब खाद के लिए परेशान है। फिलवक्त धान की फसल में यूरिया की खासी जरूरत है। मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने का फायदा उठाकर दुकानदार 348 रुपये प्रति बोरी यूरिया को 400 रुपये में बेच रहे हैं। उधर, साधन सहकारी समितियाें और किसान सेवा केंद्रों में हाल यह है कि ट्रक आते ही पलक झपकते खाद बिक जाती है। मजबूरी में किसान दुकानों से खाद खरीदने को मजबूर है।
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सूखे का असर खरीफ की सभी फसलों में दिखाई दे रहा है। सोमवार व मंगलवार की बारिश ने सिंचित व असिंचित फसलों को नई जान दी है। किसान फसलों में खाद छिड़कने के लिए साधन सहकारी समितियों और प्राइवेट दुकानाें में लाइन लगाए हुए है। धान की अधिक फसल वाले इलाकों मेें यूरिया की मारामारी शुरू हो गई है। जिले के असोथर, गाजीपुर, नरैनी, खजुहा, हुसैनगंज, मलवां, देवमई की समितियों में एक ट्रक खाद एक दिन में ही खत्म हो जा रही है। साधन सहकारी समिति सचिव संघ के अध्यक्ष गिरेंद्र सिंह ने बताया कि जिन क्षेत्रों में धान की फसल होती है, वहां यूरिया की डिमांड अधिक है। पीसीएफ प्रबंधक एक-एक ट्रक खाद भेज रहे हैं। जबकि धनाही वाले क्षेत्र की समितियों में अधिक मात्रा में खाद भेजने की आवश्यकता है। मवइया गांव के किसान अशोक कुमार ने बताया कि प्राइवेट दुकानाें में दुकानदार 400 रुपये एक बोरी यूरिया खाद बेचते हैं। जबकि नीम कोटेड यूरिया का 348 रुपये और सादी यूरिया का 335 रुपये रेट निर्धारित है, लेकिन समिति में खाद न मिलने की वजह से दुकानों से ही खाद खरीदनी पड़ रही है।
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इन समितियों में भेजी गई खाद
साधन सहकारी समिति छिवलहा, मवई, मेवली, गाजीपुर, देवीलक्ष्मीपुर, सरकी, मलवां, भिखारीपुर, शाह मुआरी, हसनापुर, हुसैनगंज, सरसई, सेमरा मानापुर, चकसकरन और बहरामपुर की समितियों के डीओ कट चुके है, जिसमें पीसीएफ के गोदाम से खाद भेजी जा रही है। पीसीएफ में 6581 मीट्रिक टन डीएपी व 4258 मीट्रिक टन यूरिया खाद गोदाम में है।
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कोट
डीओ कटने के बाद समितियों में खाद भेजी जा रही है, जिन समितियों में खाद की डिमांड अधिक है। उसमें वरीयता पूर्वक खाद भेजवाई जाएगी।- रामशंकर, पीसीएफ जिला प्रबंधक
निर्धारित दाम से अधिक में व नकली खाद बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ छापेमारी की टीम गठित की जा चुकी है, जिसमें खागा, बिंदकी और सदर तहसील क्षेत्र में एक साथ अभियान चलाकर दुकानों में छापेमारी की जाएगी।-रविकांत सिंह, जिला कृषि अधिकारी