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अब एक गोल्डन कार्ड बनवाने पर आशा को मिलेंगे पांच रुपए
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जिला अस्पताल में गोल्डेन कार्ड बनवाते लाभार्थी
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने के लिए विभाग ने आशाओं को प्रोत्साहन राशि देने का फैसला लिया है। इसके तहत प्रत्येक आशा बहू को रोजाना 10-10 गोल्डन कार्ड बनवाने होंगे।
उन्हें प्रति कार्ड पांच रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। योजना को गति देने के लिए निवर्तमान प्रधान से लेकर कोटेदारों तक की जवाबदेही तय की गई है।
जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत दो लाख 17 हजार परिवार चिह्नित हैं। इन परिवारों में एक लाख 31 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड ही बन सके हैं। सरकार ने एक परिवार में चार से पांच गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है।
जिले में करीब साढ़े 10 लाख गोल्डन कार्ड अभी बनाए जाने हैं। ढाई साल पुरानी हो चुकी इस योजना की सुस्त चाल को तेज करने के लिए सरकार ने आशा बहुओं पर उम्मीदों का दांव लगाया है।
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हालांकि इसके एवज में उन्हें प्रोत्साहित राशि देने का फैसला लिया है। जिले में 2300 के करीब आशा बहुएं अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। चूंकि 10 जनवरी को आयुक्त आयुष्मान भारत योजना वीडियो कांफ्रेंसिंग करने जा रहे हैं।
ऐसे में प्रशासन ने जागरूकता के लिए निवर्तमान हो चुके गांव के प्रधानों से लेकर कोटेदारों तक को जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया है। सीएमओ डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल का कहना है आशा बहुओं के जरिये गोल्डन कार्ड बनाने के काम में तेजी आएगी।
फतेहपुर। सालाना पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने वाली आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड पीएचसी व सीएचसी में मुफ्त में बनवाए जा सकते हैं। हालांकि कॉमन सर्विस सेंटर में इस सुविधा का लाभ उठाने के एवज में लाभार्थी को 30 रुपये खर्च करने होंगे।
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उन्हें प्रति कार्ड पांच रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। योजना को गति देने के लिए निवर्तमान प्रधान से लेकर कोटेदारों तक की जवाबदेही तय की गई है।
जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत दो लाख 17 हजार परिवार चिह्नित हैं। इन परिवारों में एक लाख 31 हजार लोगों के गोल्डन कार्ड ही बन सके हैं। सरकार ने एक परिवार में चार से पांच गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा है।
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जिले में करीब साढ़े 10 लाख गोल्डन कार्ड अभी बनाए जाने हैं। ढाई साल पुरानी हो चुकी इस योजना की सुस्त चाल को तेज करने के लिए सरकार ने आशा बहुओं पर उम्मीदों का दांव लगाया है।
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हालांकि इसके एवज में उन्हें प्रोत्साहित राशि देने का फैसला लिया है। जिले में 2300 के करीब आशा बहुएं अपनी सेवाएं दे रहीं हैं। चूंकि 10 जनवरी को आयुक्त आयुष्मान भारत योजना वीडियो कांफ्रेंसिंग करने जा रहे हैं।
ऐसे में प्रशासन ने जागरूकता के लिए निवर्तमान हो चुके गांव के प्रधानों से लेकर कोटेदारों तक को जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया है। सीएमओ डॉ. सूर्य प्रकाश अग्रवाल का कहना है आशा बहुओं के जरिये गोल्डन कार्ड बनाने के काम में तेजी आएगी।
फतेहपुर। सालाना पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा सुविधा देने वाली आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड पीएचसी व सीएचसी में मुफ्त में बनवाए जा सकते हैं। हालांकि कॉमन सर्विस सेंटर में इस सुविधा का लाभ उठाने के एवज में लाभार्थी को 30 रुपये खर्च करने होंगे।