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3008 मजदूरों को रोजगार के साथ ससुर खदेरी की खुदाई शुरू
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खुदाई से निकली मिट्टी को सिर पर रखकर ले जातीं केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति साथ में
- फोटो : FATEHPUR
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खागा। ससुर खदेरी नदी के पुनरुद्धार का शुभारंभ बुधवार को हुआ। मनरेगा से हो रही खोदाई में 3008 मजदूर लगाए गए हैं। नदी के पुनरुद्धार में करीब 3.36 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। शुभारंभ ऐरायां ब्लाक की ग्राम पंचायत बबुल्लापुर से शुरू किया गया। यहां केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति व डीएम अपूर्वा दुबे ने भूमि पूजन व फावड़ा चलाकर अभियान की शुरूआत की।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय नदी के पुनरुद्धार से जल संचयन होगा। हमेशा पानी बना रहेगा और इससे भूगर्भ जलस्तर भी ठीक होगा। नदी के पुनर्जीवित होने से फसलों की सिंचाई का संकट भी क्षेत्र में कम होगा। डीएम अपूर्वा दुबे ने कहा कि नदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी क्षेत्रीय लोगों की है। नदी की जमीन पर कब्जा न करें और नदी में ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे नदी का असतित्व खत्म हो।
नहर विभाग के जेई अरविंद ने बताया कि भिटौरा ब्लाक की अखनलई झील से लेकर ऐरायां ब्लाक के काशीदासपुर टिकरी गांव में करीब 58 किलोमीटर तक नदी की खुदाई होगी। इसमें करीब दो करोड़ 56 लाख 36 हजार रुपए खर्च होने का आंकलन किया गया है।
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एक काम में एक लाख 20 हजार 356 रुपए से मनरेगा मजदूरों को 40 दिनों का रोजगार मिलेगा। रोजाना 3008 मजदूर काम करेंगे।
यह नदी 30 गांवों से होकर गुजरती है। इन्हीं गांवों के जॉबकार्ड धारक मजदूरों को रोजगार मिलेगा। नदी की गहराई डेढ़ मीटर और चौड़ाई 18 मीटर रहेगी। इस काम में किसी भी मशीन का प्रयोग नहीं किया जाएगा। पेयजल और स्वच्छता मिशन के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर पानी और स्वच्छता का संदेश दिया।
इस मौके पर ब्लाक सीडीओ सत्य प्रकाश, पीडी महेंद्र प्रताप चौधरी, एसडीएम अजय नारायण सिंह, डीसी मनरेगा अशोक कुमार, ऐरायां ब्लाक प्रमुख अनुज प्रताप सिंह और स्वामी विज्ञानानंद मौजूद रहे। संवाद
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कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय नदी के पुनरुद्धार से जल संचयन होगा। हमेशा पानी बना रहेगा और इससे भूगर्भ जलस्तर भी ठीक होगा। नदी के पुनर्जीवित होने से फसलों की सिंचाई का संकट भी क्षेत्र में कम होगा। डीएम अपूर्वा दुबे ने कहा कि नदी की सुरक्षा की जिम्मेदारी क्षेत्रीय लोगों की है। नदी की जमीन पर कब्जा न करें और नदी में ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे नदी का असतित्व खत्म हो।
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नहर विभाग के जेई अरविंद ने बताया कि भिटौरा ब्लाक की अखनलई झील से लेकर ऐरायां ब्लाक के काशीदासपुर टिकरी गांव में करीब 58 किलोमीटर तक नदी की खुदाई होगी। इसमें करीब दो करोड़ 56 लाख 36 हजार रुपए खर्च होने का आंकलन किया गया है।
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एक काम में एक लाख 20 हजार 356 रुपए से मनरेगा मजदूरों को 40 दिनों का रोजगार मिलेगा। रोजाना 3008 मजदूर काम करेंगे।
यह नदी 30 गांवों से होकर गुजरती है। इन्हीं गांवों के जॉबकार्ड धारक मजदूरों को रोजगार मिलेगा। नदी की गहराई डेढ़ मीटर और चौड़ाई 18 मीटर रहेगी। इस काम में किसी भी मशीन का प्रयोग नहीं किया जाएगा। पेयजल और स्वच्छता मिशन के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर पानी और स्वच्छता का संदेश दिया।
इस मौके पर ब्लाक सीडीओ सत्य प्रकाश, पीडी महेंद्र प्रताप चौधरी, एसडीएम अजय नारायण सिंह, डीसी मनरेगा अशोक कुमार, ऐरायां ब्लाक प्रमुख अनुज प्रताप सिंह और स्वामी विज्ञानानंद मौजूद रहे। संवाद