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पालिका बैठक में पेयजल को लेकर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Thu, 07 Apr 2016 01:26 AM IST
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नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में हिस्सा लेते सभासद एवं चेयरमैन।
- फोटो : अमर उजाला
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नगर पालिका परिषद बैठक में शहर में पेयजल संकट का मुद्दा हावी रहा। विपक्षी सभासदों ने पेयजल संकट निवारण को चेयरमैन की मेज के सामने पहुंच हंगामा किया। विपक्ष के नेता हाजी रजा ने समस्या के निराकरण को लेकर 20 दिन बाद नगर पालिका का घेराव करने की चेतावनी दी। वहीं शोरशराबे के बीच नगर पालिका ने 67 करोड़ 21 लाख 12,276 रुपये के प्रस्ताव पारित किए गए।
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नगर पालिका अधीक्षक लालमणि त्रिपाठी ने जैसे ही एजेंडे का पहला बिंदु पढ़कर चर्चा के लिए सदन में रखा। तभी विपक्षी सभासद विनय तिवारी चेयरमैन की डाइस के सामने अपनी सीट से खड़े हो गए और पूर्व में आडिट आब्जेक्शन के कारण वापस हुई 1.42 करोड़ की धनराशि का मुद्दा उठाया। चेयरमैन की अनुमति पर एकाउंटेंट ने कहा कि आडिट आब्जेक्शन की रिपोर्ट न मिलने से बजट वापस गया है।
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सभासदों ने रिपोर्ट न देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। अधिशासी अधिकारी रश्मि भारती के धनराशि वापस लाने ेका आश्वासन दिया। इसके बाद सभासद विनय ने 2014-15 और 2015-16 में मिली अवस्थापना निधि के खर्च का व्यौरा मांगा। एकाउंटेंट हिसाब नहीं दे पाए।
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सभासद मो. वसीम खान ने जलापूर्ति प्रभावित मोहल्लों में टैंकर से पानी की आपूर्ति न करने का मुद्दा उठाया। ईओ ने बताया कि एक हजार रुपये शुल्क अदायगी करने पर ही टैंकर भेजने का प्रावधान है। इस पर सदन में शोरगुल शुरू हो गया।
अंत में ईओ को अपना बयान वापस लेना पड़ा। विपक्ष के नेता हाजी रजा ने आरोप लगाया कि उसके घर में जलापूर्ति बंद है, ऐसे में वह आम जनता को पानी कहां से उपलब्ध कराएं। चेयरमैन जवाब दें कि अब तक पेयजल संकट से जूझ रहे शहरवासियों को इससे निजात दिलाने के लिए क्या प्रयास किए गए। इस सवाल पर पक्ष और विपक्ष दोनों एक हो गए।
चेयरमैन ने कहा कि यह समस्या किसी व्यक्ति विशेष की नहीं है। इसके लिए पक्ष और विपक्ष के सभासद एकजुट होकर समस्या का विकल्प खोजें। सभासदों ने बजट का ज्यादा हिस्सा पेयजल समस्या के निराकरण में खर्च करने की मांग की। ईओ ने शहर में जलस्तर घटने से बढ़े पेयजल संकट की बात स्वीकार की और कहा कि जरूरत इस बात की है कि पुराने नलकूपों के रिबोर कराए जाएं और नए नलकूपों की स्थापना की जाए, जिससे पानी के संकट से निजात पाई जा सके।