फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Mini Nashik will be built on the basis of onion cultivation

प्याज की खेती में जिले को बनाया जाएगा मिनी नासिक

Tue, 20 Feb 2018 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर Updated Tue, 20 Feb 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
Mini Nashik will be built on the basis of onion cultivation
किसान को सम्मानित करते अयाहशाह विधायक विकास गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
कृषि विकास में औद्यानिक फसलों की भूमिका विषय पर मंगलवार को प्रेक्षागृह में दो दिवसीय कार्यक्रम शुरू हुआ। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को औद्यानिक (सब्जी, मसाला और बागवानी) फसलों में अच्छी उपज के गुर बताए। मुख्य अतिथि अयाहशाह विधायक विकास गुप्ता ने दीप जलाकर कार्यक्रम शुरू कराया। किसानों ने खेत में किए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। डीएम ने अच्छा उत्पादन करने वाले किसानों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन


जिला उद्यान अधिकारी एके श्रीवास्तव ने कहा कि प्याज, केला, आलू के फसल की बुआई जिले के सभी क्षेत्रों में होती है। प्याज की खेती के लिए किसानों को उद्यान विभाग प्रशिक्षित करेगा। प्याज के क्षेत्र में जिले को मिनी नासिक बनाया जाएगा। एक बीघा खेत में 70 से 80 क्विंटल प्याज पैदा होता है। जिन किसानों ने इस बार प्याज की बुआई की थी, उन्होंने एक बीघा में 80 हजार से एक लाख रुपये की प्याज बेची है।
विज्ञापन


कृषि वैज्ञानिक नौशाद आलम ने कहा कि फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य सही करना जरूरी है। फसलों की बुआई व सिंचाई के बाद जैविक खाद का छिड़काव करें। बागों में एक गड्ढा बनाकर किसान जैविक खाद तैयार कर सकते हैं। इसमें फसलों के अवशेष, गोबर भर कर केचुआ डाला जाता है। जो अवशेष और गोबर को जैविक खाद बना देते हैं। गड्ढा ऐसे स्थान पर होना चाहिए कि धूप न पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


थरियांव कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आरके सिंह ने कहा कि किसान अपने खेतों का पार्ट बनाकर धनिया, पालक, हल्दी, मिर्च, अगेती लौकी, करेला, खीरा और परवल की फसल की बुआई करें। इससे किसानों की सभी महीनों में रोज की कमाई होगी।


इलाहाबाद नैनी कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मुकेश, डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह, डॉ. मनीष केशरवानी, डॉ. शिशिर कुमार ने मसाला और सब्जी की फसल बोने और सिंचाई करने का तरीका बताया। इस मौके पर योजना प्रभारी वीके सिंह, शब्बीर हुसैन, इरशाद हुसैन, धर्मेंद्र कुमार, कृषि वैज्ञानिक डा. साधना वैश्य, सुखराज बंधु, शिवस्वरूप ओझा, जयराम, मलखान सिं,ह रामसजीवन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed