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बारिश में बह गई लाखों की ईंटें, भट्ठा मालिकों को भारी नुकसान
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Mon, 02 Mar 2015 12:47 AM IST
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प्रकृति की मार से ईंट का व्यवसाय लड़खड़ा गया है। बेमौसम बरसात से चिमनियों में धुंआ निकलने की नौबत नहीं आ रही है। दो माह से हर हफ्ते बिगड़ रहा मौसम का मिजाज इस कारोबार को पटरी पर नहीं आने दे रहा है। इससे जिले के सभी भट्ठा संचालक परेशान हैं। भट्ठा मालिक ईंटों के दाम बढ़ाने मन बना रहे हैं।
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प्रकृति की मार से भट्ठा संचालन पूरी तरह से कराह उठे हैं। जनपद में करीब ढाई सौ ईंट के भट्ठे संचालित हैं। मौसम के आए दिन खराब होने से ईंटों की पथाई गति नहीं पकड़ रही है।
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अधिकांश भट्ठों में कच्ची ईंट का स्टाक बरसात में गल जाने से खत्म हो गया है, जिससे भट्ठों की चिमनियों से धुंआ निकलना बंद हो गया है।
पिछले कुछ दिनों से कारोबार को पटरी पर लाने के अरमान को रविवार की हुई बारिश ने पानी फेर दिया।
जिला ईंट भट्ठा एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि एक-एक भट्ठे में 20 से 25 लाख रुपये का नुकसान का अनुमान है। जय दुर्गे ब्रिक फील्ड के भट्ठा संचालक काशीप्रसाद का कहना है कि पिछले दो माह से कारोबार पूरी तरह से ठप पड़ा है।
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बारिश की वजह से ईंट पथाई का कार्य में तेजी नहीं आ पाई। फरवरी माह में कुछ ईंट की पथाई कराई गई है, जिसको भरा कर शनिवार को लगाई गई आग लगातार हो रही बरसात से फीकी पड़ गई।
भट्ठा व्यवसायी केतकी यादव ने बताया कि फरवरी तक में तीन चक्कर ईंट की निकासी हो जानी चाहिए थी, लेकिन बारिश की वजह से अभी चेंबर में ईंटों की भराई ही पूरी नहीं हुई है।
भट्ठा व्यवसायी नागेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश से फड़ में ही कच्ची ईंटे गल गईं हैं। चेंबर भी बारिश से खराब हो गए हैं, जिसकी मरम्मत के बाद ही भट्ठा का कार्य शुरू कराया जा सकता है।