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अंतरराज्यीय बावरिया गैंग से खुलेंगी आसपास जिलों में हुई चोरियों की वारदातें
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फतेहपुर। जहानाबाद थाना क्षेत्र के लालूगंज इलाके में 20 जुलाई को मुरली ज्वैलर्स में हुई 25 लाख की चोरी की वारदात का पुलिस जल्द खुलासा कर सकती है। पुलिस के हाथ लगे बावरिया गिरोह के दो सदस्यों ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी हैं। इन्होंने बाकी चार साथियों के नाम भी कबूले हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पकड़े गए आरोपियों ने कानपुर देहात में सराफा की तीन दुकानों समेत कई और जगहों पर चोरी की घटनाएं करना कबूला है। पुलिस की पूछताछ अभी जारी है। उम्मीद है कि जिले और आसपास के जनपदों में हुईं कई और चोरियों की जानकारियां भी पुलिस को मिल सकती हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ केे लिए कानपुर एसटीएफ के अलावा आसपास के जनपदों की पुलिस भी लगी हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुरली ज्वैलर्स में हुई चोरी के बाद सीसीटीवी कैमरे से लगे सुराग से पुलिस ने औरैया, बदायूं, बुलंदशहर, राजस्थान, कन्नौज, कानपुर देहात में छापामारी
कर बावरिया गैंग के कुछ सदस्यों की धरपकड़ की है। यह लोग काफी समय से घूम-घूमकर घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के हाथ न लग पाने से इन लोगों ने दर्जनों चोरी की वारदातों को पिछले कुछ सालों में अंजाम दिया है।
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कई जिलों की पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस टीमें जिस भी चोरी के बारे में आरोपियों से पूछती हैं उसे ही आरोपी कबूल कर लेते हैं। कानपुर एसटीएफ ने कानपुर देहात क्षेत्र में सराफा की तीन दुकानों में बड़ी चोरियों के बारे में पूछताछ की है। उन्हें भी आरोपियों ने कबूल किया है। इसी तरह अन्य
जनपदों की घटनाएं आरोपियों ने कबूली हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूला है वह ग्रामीण क्षेत्रों की सराफा दुकानों को निशाना बनाते थे। इन जगहों पर पुलिस का खतरा कम रहता था। चोरी से पहले कई दिनों तक की रेकी करते थे। दुकान में आते-जाते थे। दुकान में माल होने का अंदाजा लगाते थे। आरोपियों से दिसंबर माह में अमौली कस्बे में चंदा साड़ी सेंटर में हुई चोरी का भी खुलासा हो सकता है। चांदपुर पुलिस चोरी के बारे में आरोपियों से पूछताछ करने पहुंची है।
बावरिया गैंग के सदस्य वैसे तो कम पढ़े लिखे माने जाते हैं, लेकिन समय के अनुसार आधुनिकता का ज्ञान आरोपी रखते हैं। इसी वजह से चोरी के दौरान कैमरों को नष्ट कर डीवीआर तक उठा ले जाते हैं। लेकिन मुरली ज्वैलर्स में चोरी के दौरान इनसे डीवीआर ले जाने में चूक हो गई। दरअसल, डीवीआर मॉनिटर स्क्रीन से दूर दीवार में छिपा कर रखा हुआ था। मॉनिटर के नीचे डीवीआर साइज का ही एक
राउटर रखा था, चोरी के दौरान राउटर को ही डीवीआर समझकर चोर उठा ले गए थे। अमौली में चोरी के दौरान सारे कैमरों के कनेक्शन काट दिए थे और डीवीआर भी उठा ले गए थे, जिससे वह कैमरे में कैद नहीं हो पाए थे। अमौली और जहानाबाद की चोरियों में तरीका एक जैसा सामने आया है। दोनों घटनाओं में चोर दूसरे की छत से दीवार काटकर अंदर पहुंचे थे।
पश्चिम बंगाल समेत कई प्रांतों की पुलिस गैंग की तलाश में थी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल, बिहार तक गैंग के सदस्यों ने वारदात की हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस तेजी से उनकी तलाश में जुटी थी। पूछताछ में पश्चिम बंगाल में की गईं चोरियों का भी खुलसा हो सकता है।
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गिरोह के अन्य सदस्यों की धरपकड़ केे लिए कानपुर एसटीएफ के अलावा आसपास के जनपदों की पुलिस भी लगी हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुरली ज्वैलर्स में हुई चोरी के बाद सीसीटीवी कैमरे से लगे सुराग से पुलिस ने औरैया, बदायूं, बुलंदशहर, राजस्थान, कन्नौज, कानपुर देहात में छापामारी
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कर बावरिया गैंग के कुछ सदस्यों की धरपकड़ की है। यह लोग काफी समय से घूम-घूमकर घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के हाथ न लग पाने से इन लोगों ने दर्जनों चोरी की वारदातों को पिछले कुछ सालों में अंजाम दिया है।
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कई जिलों की पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस टीमें जिस भी चोरी के बारे में आरोपियों से पूछती हैं उसे ही आरोपी कबूल कर लेते हैं। कानपुर एसटीएफ ने कानपुर देहात क्षेत्र में सराफा की तीन दुकानों में बड़ी चोरियों के बारे में पूछताछ की है। उन्हें भी आरोपियों ने कबूल किया है। इसी तरह अन्य
जनपदों की घटनाएं आरोपियों ने कबूली हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूला है वह ग्रामीण क्षेत्रों की सराफा दुकानों को निशाना बनाते थे। इन जगहों पर पुलिस का खतरा कम रहता था। चोरी से पहले कई दिनों तक की रेकी करते थे। दुकान में आते-जाते थे। दुकान में माल होने का अंदाजा लगाते थे। आरोपियों से दिसंबर माह में अमौली कस्बे में चंदा साड़ी सेंटर में हुई चोरी का भी खुलासा हो सकता है। चांदपुर पुलिस चोरी के बारे में आरोपियों से पूछताछ करने पहुंची है।
बावरिया गैंग के सदस्य वैसे तो कम पढ़े लिखे माने जाते हैं, लेकिन समय के अनुसार आधुनिकता का ज्ञान आरोपी रखते हैं। इसी वजह से चोरी के दौरान कैमरों को नष्ट कर डीवीआर तक उठा ले जाते हैं। लेकिन मुरली ज्वैलर्स में चोरी के दौरान इनसे डीवीआर ले जाने में चूक हो गई। दरअसल, डीवीआर मॉनिटर स्क्रीन से दूर दीवार में छिपा कर रखा हुआ था। मॉनिटर के नीचे डीवीआर साइज का ही एक
राउटर रखा था, चोरी के दौरान राउटर को ही डीवीआर समझकर चोर उठा ले गए थे। अमौली में चोरी के दौरान सारे कैमरों के कनेक्शन काट दिए थे और डीवीआर भी उठा ले गए थे, जिससे वह कैमरे में कैद नहीं हो पाए थे। अमौली और जहानाबाद की चोरियों में तरीका एक जैसा सामने आया है। दोनों घटनाओं में चोर दूसरे की छत से दीवार काटकर अंदर पहुंचे थे।
पश्चिम बंगाल समेत कई प्रांतों की पुलिस गैंग की तलाश में थी। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल, बिहार तक गैंग के सदस्यों ने वारदात की हैं। पश्चिम बंगाल पुलिस तेजी से उनकी तलाश में जुटी थी। पूछताछ में पश्चिम बंगाल में की गईं चोरियों का भी खुलसा हो सकता है।