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हंगामे की भेंट चढ़ी जिला योजना की बैठक

Sun, 03 Jun 2018 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 03 Jun 2018 12:24 AM IST
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Meeting of the District Plan
members in meeting - फोटो : members in meeting
 विकास का खाका खींचने, प्रस्ताव पर सहमति जताने के लिए शनिवार को बुलाई गई जिला योजना की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। कई सदस्यों ने पिछली बैठक के पारित प्रस्तावों को पूरा न करने का आरोप लगाया। इस पर प्रभारी मंत्री को घेरा गया। बैठक का बहिष्कार कर धरना व नारेबाजी की गई। प्रभारी मंत्री भी दस-पंद्रह मिनट के बाद बैठक में मौजूद मंत्री-विधायकों के साथ बातचीत कर चले गए। पिछली बैठक में 34 अरब 40 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए थे। इसके सापेक्ष महज 19 अरब 13 करोड़ का ही बजट जिले को मिल पाया। इससे लघु एवं सीमांत किसानों को सहायता, पशु चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा रोग निदान सेवाओं, कृषकों का प्रशिक्षण, मछुवारों के लिए समूह दुर्घटना बीमा, राष्ट्रीय आजीविका मिशन और मनरेगा से काम कराए जाने थे। बजट अपर्याप्त होने से ज्यादातर काम लटके हैं।
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जिले की वार्षिक योजना तय करने के लिए बैठक सुबह दस बजे विकास भवन सभागार में बुलाई गई थी। जिले के प्रभारी व कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी के पिछली बैठक की कार्य वृत्ति की पुष्टि करते ही जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पटेल ने आपत्ति जता दी। उन्होंने कहा कि पिछली बैठक में सदस्यों को दस-दस हैंडपंप देने का प्रस्ताव हुआ था। किसी भी सदस्य को एक भी हैडपंप नहीं मिला। अपूर्ण कार्यवृत्ति को जबरन बोर्ड पर थोपा जा रहा है। प्रभारी मंत्री ने नरसिंह पटेल के संबोधन के दौरान ही बैठक के एजेंडे को जारी रखने का आदेश दे दिया। इस पर नरसिंह पटेल ने उन्हें जिला योजना समिति अधिनियम 1999 की याद दिलाते हुए कहा कि यह बोर्ड के सदस्यों की बैठक है, पार्टी की बैठक नहीं है। यहां जो भी होगा सदस्यों की सहमति से होगा। इतना सुनते ही अन्य सदस्य इंद्रजीत, हाजी रजा और पिंटू सिंह समेत कई लोग इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। प्रभारी मंत्री के इशारे पर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बैठक के एजेंडे को आगे बढ़ाने लगे तो सदस्यों ने नारेबाजी तेज कर दी और बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। विरोध में उतरे सारे सदस्यों ने विकास भवन के गेट पर धरना देकर प्रभारी मंत्री के खिलाफ भी नारे लगाए।  
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- प्रोटोकॉल से नहीं लगी कुर्सी  
बैठक के आयोजक जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी प्रोटोकॉल के मुताबिक कुर्सियां भी नहीं लगवा सके। बैठक में सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. निवेदिता सिंह पहुंची। प्रोटोकॉल के मुताबिक उन्हें केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के बगल में बैठना था। उनकी कुर्सी क्रम से पांचवें नंबर पर थी। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी को भी कुर्सी नहीं मिली। उन्हें विधायक करन सिंह पटेल की कुर्सी पर बिठाया गया। जन प्रतिनिधियों की वरिष्ठता के आधार पर कुर्सियां ना लगी होने से नेताओं ने जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी के विरुद्ध नाराजगी व्यक्त की।  
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प्रभारी मंत्री और सांसद को याद दिलाया वचन  
जिला पंचायत सदस्य नरसिंह पटेल ने कहा कि भाजपा की सरकार भगवान राम के आदर्शों पर चलने वाली सरकार है। भगवान राम अपना वचन निभाने के लिए जाने जाते हैं। रामायण में लिखा है रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन ना जाई। नरसिंह पटेल ने कहा कि अफसोस है कि राम की अगुवाई वाले सरकार के नेता ही वादाखिलाफी करने में जुटे हैं।   

हैंडपंप चोरी के लग रहे आरोप
विरोध कर रहे सदस्य इंद्रजीत ने कहा कि पिछली बैठक में सारे सदस्यों को दस-दस हैंडपंप देने की घोषणा हुई। अखबारों में भी छप गया, लेकिन हम क्षेत्र में एक भी हैंडपंप नहीं लगवा सके हैं। जनता हमें चुनती है और हमसे अपेक्षा करती है। हम पर हैंडपंप बेच लेने के आरोप लग रहे हैं।  

सांसद को याद दिलाई शपथ
सदस्यों ने केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को उनकी शपथ की याद दिलाई। सदस्यों ने कहा कि आपने बिना किसी भेदभाव के काम करने की शपथ ली थी। मगर सीएसआर फंड से दो हजार हैंडपंप जिले को मिले, क्या इनमें से दस-दस सदस्यों को नहीं दिए जा सकते थे। सदस्यों ने साध्वी पर आरोप लगाया कि हैंडपंपों के बहाने कार्यकर्ताओं को संतुष्ट करने का काम किया जा रहा है। 90 प्रतिशत हैंडपंप गलत लोगों को दे दिए गए हैं। जिस प्रभारी मंत्री ने बचाव करते हुए कहा कि सीएसआर फंड के काम इस बैठक का मुद्दा नहीं हैं।  

सपा सरकार का किया गुणगान ..
विरोध कर रहे सदस्यों ने प्रभारी मंत्री से कहा कि वर्ष 2009 की बैठक में सपा सरकार के माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्रा ने जिला योजना की बैठक की अध्यक्षता की थी और सदस्यों की मांग पर सभी को पांच-पांच हैंडपंप दिए थे।  


 
साध्वी ने माना हुई अनुशासनहीनता
विरोध करने वालों में भाजपाई भी रहे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहपुर। जिला योजना की बैठक में सबसे खास बात यह रही कि विरोध के दौरान भाजपाई भी शामिल हो गए। केंद्रीय राज्यमंत्री व जिले की सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने इसे अनुशासनहीनता माना है।  

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिला योजना की बैठक का विरोध करने में भाजपा के भी कई लोग शामिल रहे। जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद, सभी विधायक और प्रभारी मंत्री सभी भाजपाई ही हैं। इस विरोध में यह सामने आया कि भाजपाइयों ने ही विरोधियों के गुस्से को हवा तो दी ही, साथ भी बखूबी दिया। हालांकि सभी विधायक अपने- अपने प्रभाव के सदस्यों को बैठने का इशारा करते रहे। बैठक पूरी होने के बाद इस संबंध में जिलाध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी ने कहा कि यहा प्रशासनिक व्यवस्था का विषय है यह संगठन का विषय नहीं है। सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जिलाध्यक्ष के संज्ञान में इसे लाया गया है। अग्रिम कार्रवाई वही करेंगे। 
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