{"_id":"5ffdf2fc8ebc3e31cf433d66","slug":"medical-college-only-46-work-in-22-months-fatehpur-news-knp605600711","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज: 22 माह में हुआ सिर्फ 46 फीसदी काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज: 22 माह में हुआ सिर्फ 46 फीसदी काम
विज्ञापन
मेडिकल कालेज परियोजना का लगाया गया बोर्ड
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर/अल्लीपुर। जनपद में राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए सरकार और शासन स्तर पर खूब कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। मगर मेडिकल कॉलेज के निर्माण का काम करा रहे ठेकेदार समय पर कॉलेज की इमारत बनाकर देने की स्थिति में नहीं हैं।
आलम ये है कि पिछले 22 महीनों में मेडिकल कॉलेज की इमारतों का सिर्फ 46 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है। ऐसी स्थिति में मार्च महीने तक शेष 54 फीसदी काम पूरा हो पाना लगभग नामुमकिन है। इस बीच शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए पद सृजित कर दिए गए हैं।
शहर से लगभग पांच किमी की दूर अल्लीपुर में मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन है। इस प्रोजेेक्ट के लिए सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है।
विज्ञापन
212 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब तक 109 करोड़ का बजट दिया जा चुका है। इस बजट से फिलहाल प्रशासनिक भवन, हॉस्पिटल, आवास और छात्रावास की सत्रह इमारतों में निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
परियोजना 7 मार्च 2021 तक पूरी होनी थी। मगर निर्माण कार्य की सुस्त चाल से अभी परियोजना पूरी होती नहीं दिख रही है। इस बीच अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ.रजनीश दुबे ने मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए एनाटमी, फिजियोलॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बीएसएल टू लैब, फोरेंसिक मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक, टीबी एंड चेस्ट, स्किन एंड वीडी, मानसिक रोग, जनरल सर्जरी, आर्थोपैडिक्स, ऑप्थ्लमोलॉजी, ईएनटी, ऑब्स एंड गायनी, एनेस्थीसिया, रेडयोडायग्रोसिस और डेंटिस्ट्री विभाग में चिकित्सा शिक्षकों के 45 पद स्वीकृत कर दिए हैं।
इस तरह से संचालित होगा पाठ्यक्रम
--------------------------------------------------------------------------------------
सत्र - कोर्स - नाम
-------------------------------------------------------------------------------------
प्रथम - तीन - एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री
द्वितीय - चार - पैैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फोरेंसिक, माइक्रो मेडिसिन
तृतीय - तीन - ईएनटी, आर्थोपेडिक्स, कम्युनिटी मेडिसिन
फाइनल - चार - सर्जरी, मेडिसिन, गाइनोक्लॉजी, पिडियाट्रिक
-----------------------------------------------------
एमबीबीएस में मिलीं सौ सीटें
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए सौ सीटों का आवंटन हुआ है। एमबीबीएस का एक बैच निकलने के बाद ही यहां एमएस और एमडी के पाठ्यक्रमों की शुरुआत होगी। तब सीटें भी बढ़ेंगी। एमबीबीएस का पहला बैच निकलने के बाद सीटों में बढ़ोत्तरी करना तय हुआ है।
21 विभाग और 300 बेड होंगे
मेडिकल कॉलेज में तीन सौ बेड की क्षमता होगी। एनएमसी यानी कि नेशनल मेडिकल कमीशन के मानक के अनुरूप तीन सौ बेड की क्षमता के आधार पर जिला चिकित्सालय को भी विकसित किया जाएगा।
कॉलेज में 21 विभाग संचालित होंगे। एनएमसी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में ट्यूबरकुलोसिस, लेप्रोसी-डर्मटोलॉजी, साइकेट्री, जनरल सर्जरी, एनाटॉमी, साइक्लॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पिडियाट्रिक, आर्थोपेडिक्स, राइनो लारयनग्लोजी, आप्थालमोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनोक्लॉजी, एनेस्थसोलॉजी, रेडियो डाइग्नोसिस और डेंटिस्ट्री विभाग संचालित होने चाहिए।
इस तरह से हुआ पदों का सृजन
मेडिकल कॉलेज के लिए नए पदों का सृजन कर दिया गया है। यहां चिकित्सा शिक्षकों के 45 पद, रेजीडेंट 18, जूनियर रेजीडेंट 42, नर्सिंग संवर्ग 173, पैरामेडिकल - तकनीकी संवर्ग 32 पद, लिपिकीय संवर्ग 30, प्रशासनिक संवर्ग 10, चतुर्थ श्रेणी आउटसोसिंग के 36 समेत 386 पदों का सृजन किया गया है।
विज्ञापन
आलम ये है कि पिछले 22 महीनों में मेडिकल कॉलेज की इमारतों का सिर्फ 46 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है। ऐसी स्थिति में मार्च महीने तक शेष 54 फीसदी काम पूरा हो पाना लगभग नामुमकिन है। इस बीच शासन स्तर से मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए पद सृजित कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
शहर से लगभग पांच किमी की दूर अल्लीपुर में मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन है। इस प्रोजेेक्ट के लिए सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है।
विज्ञापन
212 करोड़ के इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब तक 109 करोड़ का बजट दिया जा चुका है। इस बजट से फिलहाल प्रशासनिक भवन, हॉस्पिटल, आवास और छात्रावास की सत्रह इमारतों में निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
परियोजना 7 मार्च 2021 तक पूरी होनी थी। मगर निर्माण कार्य की सुस्त चाल से अभी परियोजना पूरी होती नहीं दिख रही है। इस बीच अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ.रजनीश दुबे ने मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए एनाटमी, फिजियोलॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बीएसएल टू लैब, फोरेंसिक मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक, टीबी एंड चेस्ट, स्किन एंड वीडी, मानसिक रोग, जनरल सर्जरी, आर्थोपैडिक्स, ऑप्थ्लमोलॉजी, ईएनटी, ऑब्स एंड गायनी, एनेस्थीसिया, रेडयोडायग्रोसिस और डेंटिस्ट्री विभाग में चिकित्सा शिक्षकों के 45 पद स्वीकृत कर दिए हैं।
इस तरह से संचालित होगा पाठ्यक्रम
--------------------------------------------------------------------------------------
सत्र - कोर्स - नाम
-------------------------------------------------------------------------------------
प्रथम - तीन - एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री
द्वितीय - चार - पैैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, फोरेंसिक, माइक्रो मेडिसिन
तृतीय - तीन - ईएनटी, आर्थोपेडिक्स, कम्युनिटी मेडिसिन
फाइनल - चार - सर्जरी, मेडिसिन, गाइनोक्लॉजी, पिडियाट्रिक
-----------------------------------------------------
एमबीबीएस में मिलीं सौ सीटें
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए सौ सीटों का आवंटन हुआ है। एमबीबीएस का एक बैच निकलने के बाद ही यहां एमएस और एमडी के पाठ्यक्रमों की शुरुआत होगी। तब सीटें भी बढ़ेंगी। एमबीबीएस का पहला बैच निकलने के बाद सीटों में बढ़ोत्तरी करना तय हुआ है।
21 विभाग और 300 बेड होंगे
मेडिकल कॉलेज में तीन सौ बेड की क्षमता होगी। एनएमसी यानी कि नेशनल मेडिकल कमीशन के मानक के अनुरूप तीन सौ बेड की क्षमता के आधार पर जिला चिकित्सालय को भी विकसित किया जाएगा।
कॉलेज में 21 विभाग संचालित होंगे। एनएमसी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में ट्यूबरकुलोसिस, लेप्रोसी-डर्मटोलॉजी, साइकेट्री, जनरल सर्जरी, एनाटॉमी, साइक्लॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पिडियाट्रिक, आर्थोपेडिक्स, राइनो लारयनग्लोजी, आप्थालमोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनोक्लॉजी, एनेस्थसोलॉजी, रेडियो डाइग्नोसिस और डेंटिस्ट्री विभाग संचालित होने चाहिए।
इस तरह से हुआ पदों का सृजन
मेडिकल कॉलेज के लिए नए पदों का सृजन कर दिया गया है। यहां चिकित्सा शिक्षकों के 45 पद, रेजीडेंट 18, जूनियर रेजीडेंट 42, नर्सिंग संवर्ग 173, पैरामेडिकल - तकनीकी संवर्ग 32 पद, लिपिकीय संवर्ग 30, प्रशासनिक संवर्ग 10, चतुर्थ श्रेणी आउटसोसिंग के 36 समेत 386 पदों का सृजन किया गया है।

अल्लीपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज की इमारत- फोटो : FATEHPUR