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Fatehpur News: ममता हारी... कूड़े के ढेर में नवजात ने जीत ली जिंदगी की जंग
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फतेहपुर। मां, दुनिया में कदम रखते ही आपकी ममता हार गई, लेकिन मैंने कूड़े के ढेर में जिंदगी की जंग जीत ली। मैं नौ महीने आपकी कोख में रहा। आपकी सांसों से मेरी सांसें जुड़ीं... तो मेरा भी दिल धड़कने लगा। फिर भी मुझे कूड़े के ढेर में क्यों फेंक दिया मां। जन्म के बाद आप मुझे सीने से लगातीं, दुलरातीं और अपनी ममता बरसातीं।
कूड़े के ढेर में पड़े-पड़े मैं भगवान से आपकी शिकायत कर ही रहा था, तभी गीता के रूप में मुझे यशोदा मैया मिल गईं। उन्होंने मुझे उठाकर अपने आंचल में छिपा लिया और दुलराते हुए बोलीं, अले... अले... कितना सुंदर है तू। बिल्कुल कान्हा की तरह। कुछ ही देर गीता की गोद में रहकर मैं मां की ममता महसूस कर खुश हो गया। मां, आप जहां भी हों, हमेशा खुश रहें। मैं आपको हमेशा याद आता रहूंगा।
थरियांव थाने में तैनात दरोगा वशिष्ठ सिंह को शनिवार शाम डायल-112 पर सूचना मिली कि रसूलपुर गांव में गीता पत्नी ज्ञान सिंह के घर के पीछे कूड़े के पास कपड़े में लिपटा नवजात पड़ा है। पुलिस के पहुंचने से पहले गीता नवजात को गोद में लेकर दुलराती रहीं।
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पुलिस को नवजात जीवित अवस्था में मिला। उसकी सुरक्षा को देखते हुए महिला कांस्टेबल के माध्यम से उसे जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से चाइल्ड केयर की देखरेख में नवजात को मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि नवजात की हालत ठीक है। प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि नवजात को गांव में फेंकने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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कूड़े के ढेर में पड़े-पड़े मैं भगवान से आपकी शिकायत कर ही रहा था, तभी गीता के रूप में मुझे यशोदा मैया मिल गईं। उन्होंने मुझे उठाकर अपने आंचल में छिपा लिया और दुलराते हुए बोलीं, अले... अले... कितना सुंदर है तू। बिल्कुल कान्हा की तरह। कुछ ही देर गीता की गोद में रहकर मैं मां की ममता महसूस कर खुश हो गया। मां, आप जहां भी हों, हमेशा खुश रहें। मैं आपको हमेशा याद आता रहूंगा।
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थरियांव थाने में तैनात दरोगा वशिष्ठ सिंह को शनिवार शाम डायल-112 पर सूचना मिली कि रसूलपुर गांव में गीता पत्नी ज्ञान सिंह के घर के पीछे कूड़े के पास कपड़े में लिपटा नवजात पड़ा है। पुलिस के पहुंचने से पहले गीता नवजात को गोद में लेकर दुलराती रहीं।
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पुलिस को नवजात जीवित अवस्था में मिला। उसकी सुरक्षा को देखते हुए महिला कांस्टेबल के माध्यम से उसे जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से चाइल्ड केयर की देखरेख में नवजात को मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि नवजात की हालत ठीक है। प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि नवजात को गांव में फेंकने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।