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तो फिर लटक सकता है आयुष विंग में ताला...
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जिला अस्पतात का आयूष विंग
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। कोरोना संक्रमण के चलते 6 महीने से ज्यादा बंद रही आयुष विंग में एक बार फिर से ताला लटक सकता है। ऐसा इसलिए कि इस विंग को कोरोना वैक्सीनेशन बूथ में तब्दील कर दिया गया है।
आयुष विंग में टीकाकरण की प्रक्रिया होती है तो फिर देसी इलाज पर भरोसा रखने वाले जरूरतमंदों को चार दिन तक एलोपैथी विधा से काम चलाना होगा।
जिले में अभी तक कोरोना वैक्सीनेशन के दो राउंड हो चुके है। इस वक्त फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाया जा रहा है। अब तक दो राउंड हो चुके हैं।
तीसरे राउंड में 1800 फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाने के लिए जिन केंद्रों का चयन किया गया है, उनमें जिला अस्पताल कैंपस में स्थापित आयुष विंग भी शामिल है।
गौर करने वाली बात ये है कि आयुष विंग में जो टीकाकरण होने जा रहा है। असल में उसका ड्राई रन अर्बन पीएचसी पक्का तालाब में किया गया था। अर्बन पीएचसी के बजाय आयुष विंग को वैक्सीनेशन बूथ बनाए जाने से जिला अस्पताल परिसर में केंद्रों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
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तारीख देख कर आएं इलाज कराने
अगर आपको सीटी स्कैन कराना है। एचआईवी की दावा लेनी है या रेबीज का इंजेक्शन लगवाना है तो कोरोना वैक्सीनेशन की घोषित तारीखों पर इन सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
ऐसा इसलिए है क्योंकि सदर अस्पताल में जहां वैक्सीनेशन हो रहा है। वहीं पर सीटी स्कैन सेंटर, एआरटी सेंटर बने है।
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आयुष विंग में टीकाकरण की प्रक्रिया होती है तो फिर देसी इलाज पर भरोसा रखने वाले जरूरतमंदों को चार दिन तक एलोपैथी विधा से काम चलाना होगा।
जिले में अभी तक कोरोना वैक्सीनेशन के दो राउंड हो चुके है। इस वक्त फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाया जा रहा है। अब तक दो राउंड हो चुके हैं।
तीसरे राउंड में 1800 फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाने के लिए जिन केंद्रों का चयन किया गया है, उनमें जिला अस्पताल कैंपस में स्थापित आयुष विंग भी शामिल है।
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गौर करने वाली बात ये है कि आयुष विंग में जो टीकाकरण होने जा रहा है। असल में उसका ड्राई रन अर्बन पीएचसी पक्का तालाब में किया गया था। अर्बन पीएचसी के बजाय आयुष विंग को वैक्सीनेशन बूथ बनाए जाने से जिला अस्पताल परिसर में केंद्रों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
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अगर आपको सीटी स्कैन कराना है। एचआईवी की दावा लेनी है या रेबीज का इंजेक्शन लगवाना है तो कोरोना वैक्सीनेशन की घोषित तारीखों पर इन सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
ऐसा इसलिए है क्योंकि सदर अस्पताल में जहां वैक्सीनेशन हो रहा है। वहीं पर सीटी स्कैन सेंटर, एआरटी सेंटर बने है।