{"_id":"cd7b9348c753a61cc47766f219d62a2b","slug":"list-of-hand-pumps-after-becoming-not-riboring-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूची बनने के बाद भी हैंडपंपों की रिबोरिंग नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूची बनने के बाद भी हैंडपंपों की रिबोरिंग नहीं
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sun, 10 May 2015 12:51 AM IST
विज्ञापन
गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल का संकट गहरा गया है। सैकड़ों की संख्या में इंडिया मार्का हैंडपंपों की बोरिंग खराब है। जल निगम ने रिबोर की सूची तैयार कर ली है, लेकिन विभागीय अनदेखी से कुछ नहीं हो रहा है। हैंडपंपों के सही न होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का संकट गहरा गया है। एक मुहल्ले से दूसरे मुहल्ले में पानी भरने के लिए जाना पड़ रहा है। वहीं समग्र लोहिया गांव के बाशिंदों को पानी की किल्लत बनी हुई है।
विज्ञापन
भिटौरा विकास खंड के कोड़रपुर गांव को वित्तीय वर्ष 2014-15 में लोहिया गांव चयनित किया गय। यहां सात हैंडपंप में दो खराब पड़े हैं और दो हैंडपंपों में पानी के साथ बालू आ रही है। दो हजार आबादी वाले गांव में पानी के लिए सुबह से ही लग जाती है। कोड़रपुर गांव के वीरेंद्र कुमार लोधी ने बताया कि समग्र लोहिया गांव चयनित होने पर खुशी हुई थी कि अब गांव में सभी सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी, लेकिन अभी न हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई है और न ही बोरिंगो हुई है। जबकि नाली बनवाने, सड़क निर्माण के लिए और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई बाद तहसील दिवस में शिकायत की गई है। अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है, गांव में पहले की तरह समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इसी प्रकार क्षेत्र के मलांव, खरसोला, सनगांव, बहरामपुर और मवइया गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है। जल निगम के अधिशाषी अभियंता आनंदमूर्ति श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 2200 हैंडपंपों के रिबोर की सूची तैयार कर ली गई है। छह माह के अंदर सभी रिबोर के लिए पड़े हैंडपंपाें की बोरिंग करा दी जाएगी।
विज्ञापन