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Fatehpur News: मवई हत्याकांड में 28 साल बाद एक हत्यारे को उम्रकैद
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फतेहपुर। हुसैनगंज थाना क्षेत्र के मवई गांव के रामनरेश सिंह की हत्या में 28 साल बाद इकलौत बचे हत्यारे को विशेष न्यायाधीश अविजीत भूषण की अदालत में सजा सुनाई गई। कोर्ट ने दोषी को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
मवई गांव के रामनरेश सिंह की 29 जून 1996 की सुबह छह बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिवंगत के भई विजय बहादुर की ओर से गांव के वीरेंद्र उर्फ पट्टू सिंह, उदयभान सिंह, रामसनेही उर्फ पुजारी, अनूप सिंह व अनिल सिंह के खिलाफ चुनावी रंजिश में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
कोर्ट ने 1999 में वीरेंद्र उर्फ पट्टू सिंह, उदयभान सिंह, रामसनेही उर्फ पुजारी, अनूप सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हत्यारोपी अनिल सिंह 1998 से फरार चल रहा था। वह कोर्ट में 2022 को हाजिर हुआ। ट्रायल के दौरान जमानत मिलने पर फिर भाग निकला था।
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उसे 2023 में पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर किया था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह ने बताया कि कोर्ट ने मामले की गुरुवार को अंतिम सुनवाई की। दोनों पक्षों की बहस के बाद अनिल सिंह को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
हत्या में दोषी अनिल सिंह को कोर्ट दहेज हत्या के मामले में भी सात साल कैद की सजा सुना चुका है। चर्चा है कि हत्याकांड में भी सजा होने के डर से भाग निकला था। पुलिस ने किसी तरह उसे पकड़ा था।
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मवई गांव के रामनरेश सिंह की 29 जून 1996 की सुबह छह बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिवंगत के भई विजय बहादुर की ओर से गांव के वीरेंद्र उर्फ पट्टू सिंह, उदयभान सिंह, रामसनेही उर्फ पुजारी, अनूप सिंह व अनिल सिंह के खिलाफ चुनावी रंजिश में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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कोर्ट ने 1999 में वीरेंद्र उर्फ पट्टू सिंह, उदयभान सिंह, रामसनेही उर्फ पुजारी, अनूप सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हत्यारोपी अनिल सिंह 1998 से फरार चल रहा था। वह कोर्ट में 2022 को हाजिर हुआ। ट्रायल के दौरान जमानत मिलने पर फिर भाग निकला था।
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उसे 2023 में पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर किया था। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रघुराज सिंह ने बताया कि कोर्ट ने मामले की गुरुवार को अंतिम सुनवाई की। दोनों पक्षों की बहस के बाद अनिल सिंह को आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
हत्या में दोषी अनिल सिंह को कोर्ट दहेज हत्या के मामले में भी सात साल कैद की सजा सुना चुका है। चर्चा है कि हत्याकांड में भी सजा होने के डर से भाग निकला था। पुलिस ने किसी तरह उसे पकड़ा था।