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Fatehpur News: छिले साल के सूखे पौधे, फिर लाखों लगाने की तैयारी
Mon, 08 May 2023 01:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Mon, 08 May 2023 01:20 AM IST
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- 15 अगस्त 2022 को ग्राम पंचायत आदमपुर में सघन पौधरोपण किया गया
- 3500 पौधों में 15 पौधे भी जीवित नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले में पिछले पांच सालों में डेढ़ करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में आधे पौधे भी जीवित नहीं हैं। यही वजह कि वनों का क्षेत्रफल सिमटा जा रहा है। इस साल भी बारिश के मौसम में 48 लाख से अधिक पौधरोपण की तैयारी है। इनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ये भी सिर्फ आंकड़ों में ही गुम हो जाएंगे।
ब्लॉक तेलियानी के ग्राम सभा आदमपुर में एक साल पहले सघन वन तैयार करने की योजना तैयार की गई। 15 अगस्त 2022 को चार बीघे जमीन पर शीशम, सागौन, आम समेत छायादार और फलदार 3500 से अधिक पौधे लगाए गए। ये पौधे सीडीओ सूरज पटेल की मौजूदगी में लगाए गए। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायत विभाग को सौंपी गई। विभाग ने पौधों की सुरक्षा के नाम पर चारों ओर फेंसिंग की। सिंचाई समेत अन्य जरूरी रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया।
फेंसिंग भी कई जगह से टूट गई। इससे चंद महीनों में ही पौधे गायब जानवर खा गए या सूख गए। चार बीघे की जमीन पर पौधरोपण की याद सिर्फ मेड़ पर गिने-चुने सूखे शीशम पौधे दिला रहे हैं। ऐसा ही हाल इसी ग्राम पंचायत की अन्य जमीन पर किए गए पौधरोपण का है, वहां पर भी पौधे गायब हैं।
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इनसेट
पौधे लगाकर भूल जाते हैं विभाग
पर्यावरण संतुलन के लिए वनों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में हर साल विभागवार टारगेट देकर पौधारोपण किया जाता है। विभागों पर ही पौधों के संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी होती है। विभाग पौधों को लगवाते हैं और उनका आंकड़ा अपने दस्तावेजों में दर्ज कर लेते हैं, लेकिन रखरखाव नहीं करते हैं। इससे पौधे जीवित नहीं रहते हैं। पिछले पांच सालों में डेढ़ करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। आधे पौधों को भी जीवित रख लिया गया होता, तो एक बड़ा वन क्षेत्र तैयार हो गया होता। इस वर्ष भी 48 लाख 66 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनके रखरखाव और संरक्षण की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो ये पौधारोपण भी आंकड़ों में ही रह जाएगा।
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पौधरोपण:-
वर्ष-- -- -- -- -- -- पौधरोपण
2018-19-- -- 1055238
2019-20-- -- 2970939
2020-21-- -- 3536700
2021-22-- -- 4246430
2022-23-- -- 4954147
2023-24-- -- 48.66 लाख पौधे होंगे रोपित
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जिम्मेदारों के बयान
-- -- ग्राम प्रधान विद्या देवी ने बताया कि ब्लॉक से आश्वासन मिला था कि पौधों की देखभाल के लिए दो लोगों की नियुक्ति की जाएगी। वहीं, आज तक नियुक्ति नहीं हो सकी। देखभाल और संरक्षण के अभाव में पौधों को जानवरों ने नष्ट कर दिया है।
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वन विभाग के रेंजर आरएल सैनी ने बताया कि स्वस्थ पौधे पंचायत विभाग को दिए गए थे। पंचायत विभाग ने अपने स्तर पर पौधरोपण कराया। हमने टेक्निकल और रखरखाव पर हर सलाह दी। फेंसिंग कराई गई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। सिंचाई पर ध्यान नहीं दिया गया।
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बीडीओ विनय मिश्रा ने बताया कि कांटेदार तार लगाकर पूरे एरिया को घेरा गया था। किसी की नियुक्ति देखरेख के लिए नहीं की गई है। सघन वृक्षारोपण कर ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया था। जिसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। तय स्थल पर एक भी पौधा नहीं बचा है, तो यह जांच का विषय है। आज अवकाश है। सोमवार को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करुंगा।
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- 3500 पौधों में 15 पौधे भी जीवित नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहपुर। जिले में पिछले पांच सालों में डेढ़ करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में आधे पौधे भी जीवित नहीं हैं। यही वजह कि वनों का क्षेत्रफल सिमटा जा रहा है। इस साल भी बारिश के मौसम में 48 लाख से अधिक पौधरोपण की तैयारी है। इनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया, तो ये भी सिर्फ आंकड़ों में ही गुम हो जाएंगे।
ब्लॉक तेलियानी के ग्राम सभा आदमपुर में एक साल पहले सघन वन तैयार करने की योजना तैयार की गई। 15 अगस्त 2022 को चार बीघे जमीन पर शीशम, सागौन, आम समेत छायादार और फलदार 3500 से अधिक पौधे लगाए गए। ये पौधे सीडीओ सूरज पटेल की मौजूदगी में लगाए गए। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायत विभाग को सौंपी गई। विभाग ने पौधों की सुरक्षा के नाम पर चारों ओर फेंसिंग की। सिंचाई समेत अन्य जरूरी रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया।
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फेंसिंग भी कई जगह से टूट गई। इससे चंद महीनों में ही पौधे गायब जानवर खा गए या सूख गए। चार बीघे की जमीन पर पौधरोपण की याद सिर्फ मेड़ पर गिने-चुने सूखे शीशम पौधे दिला रहे हैं। ऐसा ही हाल इसी ग्राम पंचायत की अन्य जमीन पर किए गए पौधरोपण का है, वहां पर भी पौधे गायब हैं।
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पौधे लगाकर भूल जाते हैं विभाग
पर्यावरण संतुलन के लिए वनों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में हर साल विभागवार टारगेट देकर पौधारोपण किया जाता है। विभागों पर ही पौधों के संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी होती है। विभाग पौधों को लगवाते हैं और उनका आंकड़ा अपने दस्तावेजों में दर्ज कर लेते हैं, लेकिन रखरखाव नहीं करते हैं। इससे पौधे जीवित नहीं रहते हैं। पिछले पांच सालों में डेढ़ करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। आधे पौधों को भी जीवित रख लिया गया होता, तो एक बड़ा वन क्षेत्र तैयार हो गया होता। इस वर्ष भी 48 लाख 66 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनके रखरखाव और संरक्षण की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो ये पौधारोपण भी आंकड़ों में ही रह जाएगा।
पौधरोपण:-
वर्ष
2018-19
2019-20
2020-21
2021-22
2022-23
2023-24
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जिम्मेदारों के बयान
वन विभाग के रेंजर आरएल सैनी ने बताया कि स्वस्थ पौधे पंचायत विभाग को दिए गए थे। पंचायत विभाग ने अपने स्तर पर पौधरोपण कराया। हमने टेक्निकल और रखरखाव पर हर सलाह दी। फेंसिंग कराई गई, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। सिंचाई पर ध्यान नहीं दिया गया।
बीडीओ विनय मिश्रा ने बताया कि कांटेदार तार लगाकर पूरे एरिया को घेरा गया था। किसी की नियुक्ति देखरेख के लिए नहीं की गई है। सघन वृक्षारोपण कर ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया था। जिसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। तय स्थल पर एक भी पौधा नहीं बचा है, तो यह जांच का विषय है। आज अवकाश है। सोमवार को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करुंगा।