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Fatehpur News: वर्मी कंपोस्ट तैयार कर किरन ने सुधारी आर्थिक स्थिति
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फोटो-04-वर्मी कंपोस्ट तैयार करती किरन। संवाद
फतेहपुर। कंजर बाबा स्वयं सहायता समूह की किरन ने गोशाला में रह कर वर्मी कंपोस्ट का कार्य प्रारंभ किया। कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के चलते किरन आज महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुईं हैं। उन्होंने रोजगार कर न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधारी बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं।
तेलियानी के ग्राम सलेमाबाद निवासी किरन करीब सात वर्ष पूर्व कंजर बाबा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। उन्होंने रोजगार करने के लिए वर्मी कंपोस्ट बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इसके बाद गांव स्थित कान्हा गोशाला में रह कर वर्मी कंपोस्ट उत्पादन को अपनी आजीविका का सशक्त माध्यम बनाया। शुरुआत में सीमित संसाधनों और अनुभव की कमी के बावजूद किरन देवी ने कभी हार नहीं मानी।
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समय के साथ किरन ने तकनीकी ज्ञान हासिल कर उसकी पैकेजिंग करना प्रारंभ किया। दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयासों से आज वे नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता का वर्मी कंपोस्ट तैयार करती हैं।
उनके द्वारा तैयार की गई वर्मी कंपोस्ट की आज काफी मांग है। इससे उन्हें प्रति माह आठ से 10 हजार रुपये की स्थायी आय हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
उनकी मेहनत ने न केवल उनके जीवन में बदलाव लाया बल्कि आसपास की महिलाओं को भी प्रेरित किया है कि वे स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
जिला मिशन प्रबंधक शिवशांत मिश्रा ने बताया कि किरन देवी का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की प्रगति और स्वावलंबन का उत्कृष्ट उदाहरण है जो दर्शाता है कि संकल्प और सही दिशा से कोई भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
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तेलियानी के ग्राम सलेमाबाद निवासी किरन करीब सात वर्ष पूर्व कंजर बाबा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। उन्होंने रोजगार करने के लिए वर्मी कंपोस्ट बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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इसके बाद गांव स्थित कान्हा गोशाला में रह कर वर्मी कंपोस्ट उत्पादन को अपनी आजीविका का सशक्त माध्यम बनाया। शुरुआत में सीमित संसाधनों और अनुभव की कमी के बावजूद किरन देवी ने कभी हार नहीं मानी।
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समय के साथ किरन ने तकनीकी ज्ञान हासिल कर उसकी पैकेजिंग करना प्रारंभ किया। दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयासों से आज वे नियमित रूप से उच्च गुणवत्ता का वर्मी कंपोस्ट तैयार करती हैं।
उनके द्वारा तैयार की गई वर्मी कंपोस्ट की आज काफी मांग है। इससे उन्हें प्रति माह आठ से 10 हजार रुपये की स्थायी आय हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
उनकी मेहनत ने न केवल उनके जीवन में बदलाव लाया बल्कि आसपास की महिलाओं को भी प्रेरित किया है कि वे स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
जिला मिशन प्रबंधक शिवशांत मिश्रा ने बताया कि किरन देवी का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्र में महिलाओं की प्रगति और स्वावलंबन का उत्कृष्ट उदाहरण है जो दर्शाता है कि संकल्प और सही दिशा से कोई भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

फोटो-04-वर्मी कंपोस्ट तैयार करती किरन। संवाद

फोटो-04-वर्मी कंपोस्ट तैयार करती किरन। संवाद