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कानूनी दांव पेंच से ठगों पर शिकंजा कसेगी पुलिस
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खागा(फतेहपुर)। कोर्ट में हाजिर होकर जेल गए ठग बृजेश मौर्य को पुलिस कानूनी दांव पेंच में पटखनी देना चाहती है। विवेचना पूरी होने के कारण उसका रिमांड नहीं लिया जा सकता है। ऐेसे में कोर्ट में कानूनी दांव पेंच ही विकल्प है।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के खजुरिहापुर निवासी राजेश मौर्य ने वर्ष 2016 में हमारा मिशन नाम की संस्था बनाकर अपने परिवार के सदस्यों व अन्य गांव के लोगों के साथ मिलकर 90 करोड़ की ठगी की थी। ठगी में मुख्य अभियुक्त राजेश मौर्य, उसका भाई बृजेश, पत्नी पूजा, पिता मंगल व अन्य चार लोग शामिल थे। बृजेश को बुधवार को कोर्ट ने जेल भेज दिया था। वहीं, राजेश व अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर की विवेचना खत्म हो चुकी है। वर्ष 2016 में राजेश की संपत्ति कुर्की कर पुलिस ने उसे फरार बताते हुए सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर विवेचना पूरी कर दी थी। इंस्पेक्टर सुल्तानपुर घोष अरविंद गौतम ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद अभियुक्त का रिमांड लेने का कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में न्यायालय द्वारा इस मामले की नए सिरे से जांच के निर्देश मिलने से बात बन जाएगी।
लग्जरी गाड़ियां और देशभर में फ्लैट लिए
राजेश मौर्य ने अपनी अकूत संपत्ति के जरिए कई लग्जरी गाड़ियां खरीदी थीं। इसके साथ ही कई फ्लैट खरीदे थे। बिहार और एमपी की पुलिस तो प्रयागराज में उसके कुछ ठिकानों में छापेमारी भी कर चुकी है। हालांकि बृजेश के सरेंडर के बाद एसटीएफ ने फिर से फतेहपुर जनपद में अपनी निगाह लगा दी है और सूचनाएं एकत्र करने में जुट गई है।
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सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के खजुरिहापुर निवासी राजेश मौर्य ने वर्ष 2016 में हमारा मिशन नाम की संस्था बनाकर अपने परिवार के सदस्यों व अन्य गांव के लोगों के साथ मिलकर 90 करोड़ की ठगी की थी। ठगी में मुख्य अभियुक्त राजेश मौर्य, उसका भाई बृजेश, पत्नी पूजा, पिता मंगल व अन्य चार लोग शामिल थे। बृजेश को बुधवार को कोर्ट ने जेल भेज दिया था। वहीं, राजेश व अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर की विवेचना खत्म हो चुकी है। वर्ष 2016 में राजेश की संपत्ति कुर्की कर पुलिस ने उसे फरार बताते हुए सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर विवेचना पूरी कर दी थी। इंस्पेक्टर सुल्तानपुर घोष अरविंद गौतम ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद अभियुक्त का रिमांड लेने का कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में न्यायालय द्वारा इस मामले की नए सिरे से जांच के निर्देश मिलने से बात बन जाएगी।
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लग्जरी गाड़ियां और देशभर में फ्लैट लिए
राजेश मौर्य ने अपनी अकूत संपत्ति के जरिए कई लग्जरी गाड़ियां खरीदी थीं। इसके साथ ही कई फ्लैट खरीदे थे। बिहार और एमपी की पुलिस तो प्रयागराज में उसके कुछ ठिकानों में छापेमारी भी कर चुकी है। हालांकि बृजेश के सरेंडर के बाद एसटीएफ ने फिर से फतेहपुर जनपद में अपनी निगाह लगा दी है और सूचनाएं एकत्र करने में जुट गई है।
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