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16 किलोमीटर में मिले तीन कैमरे सब निकले बेकार
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फतेहपुर। किराना कारोबारी से छह लाख की लूट के मामले में पुलिस के हाथ दूसरे दिन कुछ नहीं लगा। पुलिस को सीसीटीवी कैमरों से कुछ उम्मीद थी, लेकिन वह भी सब बेकार निकले। पूरे दिन पुलिस कैमरों की ही छानबीन में उलझी रही। उधर, स्वाट टीम ने कुछ लोगों की धरपकड़ की है।
जाफरगंज कस्बा निवासी किराना कारोबारी विपिन गुप्ता से मंगलवार को छह लाख रुपये बाइक सवार तीन बदमाशों ने लूट लिए थे। मोबाइल और बाइक की चाभी भी छीनकर भाग गए थे। जाफरगंज से घटनास्थल तक करीब 16 किलोमीटर दूरी है। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि व्यापारी का पीछा बदमाशों
ने उसके घर के आसपास से किया होगा। किसी न किसी कैमरे में आरोपी कैद हुए होंगे। आरोपी इतने बेखौफ थे कि चेहरे पर कोई नकाब भी नहीं बांधे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि बदमाश बाहर के हो सकते हैं। पुलिस की एक टीम जाफरगंज पहुंची। यहां एक कैमरा मिला, जिसमें बदमाशों का फुटेज नहीं समझ में आया। रास्ते में दूसरा कैमरा बैंक में लगा मिला। बैंक का कैमरा गार्ड को ही फोकस कर रहा था। तीसरा कैमरा एक व्यापारी के यहां लगा था। उस कैमरे में व्यापारी का सिर्फ किराने का सामान दिख रहा था। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया घटना की छानबीन शुरू की गई है। जल्दी ही सुराग लगेगा।
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पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर बैंकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की दृष्टि से चेकिंग की जाती है। यहां सभी स्थानों के कैमरे चेक किए जाते हैं। व्यापारी के साथ हुई घटना ने साबित किया कि पुलिस की चेकिंग हवा हवाई रहती है। पुलिस कैमरों की निगरानी पर कभी ध्यान देती तो कहीं न कहीं आरोपी किसी कैमरे में कैद हुए होते। पुलिस अधिकारी व्यापारी सुरक्षा, बैंक अधिकारियों से की मीटिंग में भी कैमरों को दुरुस्त रखने का निर्देश देती है। इन निर्देशों का क्षेत्रीय पुलिस कर्मियों को पालन करने का आदेश होता है।
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जाफरगंज कस्बा निवासी किराना कारोबारी विपिन गुप्ता से मंगलवार को छह लाख रुपये बाइक सवार तीन बदमाशों ने लूट लिए थे। मोबाइल और बाइक की चाभी भी छीनकर भाग गए थे। जाफरगंज से घटनास्थल तक करीब 16 किलोमीटर दूरी है। पुलिस अंदाजा लगा रही है कि व्यापारी का पीछा बदमाशों
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ने उसके घर के आसपास से किया होगा। किसी न किसी कैमरे में आरोपी कैद हुए होंगे। आरोपी इतने बेखौफ थे कि चेहरे पर कोई नकाब भी नहीं बांधे थे। कयास लगाए जा रहे हैं कि बदमाश बाहर के हो सकते हैं। पुलिस की एक टीम जाफरगंज पहुंची। यहां एक कैमरा मिला, जिसमें बदमाशों का फुटेज नहीं समझ में आया। रास्ते में दूसरा कैमरा बैंक में लगा मिला। बैंक का कैमरा गार्ड को ही फोकस कर रहा था। तीसरा कैमरा एक व्यापारी के यहां लगा था। उस कैमरे में व्यापारी का सिर्फ किराने का सामान दिख रहा था। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया घटना की छानबीन शुरू की गई है। जल्दी ही सुराग लगेगा।
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पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर बैंकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की दृष्टि से चेकिंग की जाती है। यहां सभी स्थानों के कैमरे चेक किए जाते हैं। व्यापारी के साथ हुई घटना ने साबित किया कि पुलिस की चेकिंग हवा हवाई रहती है। पुलिस कैमरों की निगरानी पर कभी ध्यान देती तो कहीं न कहीं आरोपी किसी कैमरे में कैद हुए होते। पुलिस अधिकारी व्यापारी सुरक्षा, बैंक अधिकारियों से की मीटिंग में भी कैमरों को दुरुस्त रखने का निर्देश देती है। इन निर्देशों का क्षेत्रीय पुलिस कर्मियों को पालन करने का आदेश होता है।