फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   health

फतेहपुरः सावधान, इन अस्पतालों में खतरे में पड़ सकती जान

Wed, 03 Aug 2022 12:57 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2022 12:57 AM IST
विज्ञापन
health
ज्वालागंज स्थित नर्सिंग होम। संवाद - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक निजी अस्पताल में हुए हादसे की तरह जिले में भी हादसा हो सकता है। कई नर्सिंग होम में आग लगने पर बाहर निकलने तक की जगह नहीं है। बिना फायर एनओसी के अस्पतालों का संचालन किया जा रहा है। दमकल विभाग के आंकड़ों के अनुसार ज्यादातर अस्पतालों में आग लगने पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। विभाग समय-समय पर अस्पताल संचालकों को नोटिस भेजने की कार्रवाई करता है।
विज्ञापन

जबलपुर में सोमवार को निजी अस्पताल में आग से आठ लोग जिंदा चल गए थे। जिले में जब अस्पतालों में आग से बचाव की स्थिति देखी गई तो इनमें कभी भी हादसे की आशंका की खुलासा हुआ। जिले में 300 छोटे-बड़े अस्पताल हैं। सीएफओ उमेश गौतम बताते हैं कि शहर के तीन से चार अस्पतालों को छोड़कर शेष सभी बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। इनमें 76 को नोटिस दी जा चुकी है। अस्पतालों में आग लगने से मामूली हादसे कई बार हुए। कभी भी किसी अस्पताल में बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। फायर विभाग अस्पतालों का निरीक्षण और नोटिस भेजकर मानक पूरी करने की चेतावनी देता है। प्रशासन, सीएमओ, फायर मुख्यालय, शासन तक को इसकी रिपोर्ट भेजी जाती है। कोई कार्रवाई नहीं होती।
विज्ञापन

फायर विभाग के अनुसार बहुमंजिला इमारत, स्कूल-कॉलेज, सरकारी विभाग या फिर अस्पताल। सभी में फायर एनओसी लेना जरूरी है। 500 वर्ग मीटर के छोटे अस्पताल में दो मीटर के दो जीना, छह मीटर चारो ओर खुला स्थान, सामने नौ मीटर का खुला एरिया, दो रास्ते आने-जाने के होने चाहिए। पुराने भवनों पर संचालित नर्सिंग होम पर कुछ छूट दी जाती है। बेसमेंट में कतई संचालन नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

निर्माण की खामियां छुपाने और फायर सेफ्टी को दरकिनार करने के लिए अस्पताल संचालक भवनों की एनओसी फायर विभाग से नहीं लेते हैं। नए अस्पताल के रजिस्ट्रेशन फायर विभाग की अनुमति के बगैर नहीं हो रहे हैं।
- डॉ. सुनील भारतीय - सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed