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नौवें गुरु को लख लख नमन
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फतेहपुर।
सिख धर्म के नौवें गुरु तेग बहादुर सिंह का 345 वें शहीदी दिवस शनिवार को मनाया गया। सबद कीर्तन का पाठ हुआ। जिसमें गुरु तेग बहादुर के पराक्रम पर रोशनी डाली गई। गुरुद्वारा में लंगर का आयोजन हुआ। जिसका प्रसाद ग्रहण करने को हर धर्म के लोग सामने आए।
रेल बाजार स्थित गुरुद्वारा में सुबह से ही अनुयायियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था जो अनवरत चलता रहा। ज्ञानी गुरुबचन सिंह ने सबद कीर्तन के बीच नौवें गुरु ने मानवता के लिए गुरु तेगबहादुर के हंसते हंसते जान न्यौछावर करने का जिक्र किया। कहा कि गुरु को चांदनी चौक में शहीद कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने मुस्लिम धर्म अपनाने से मना कर दिया था। तेग बहादुर के नाम के बारे में रोशनी डालते हुए कहा कि पहले उनका नाम त्यागमल था। बाल्यावस्था में ही संत स्वरूप गहन विचार वान उदार चित्त वाले तेग बहादुर ने 14 साल की उम्र में मुगल शासन के खिलाफ मोर्चा खोला था। उनका साथ देने को पिता गुरु हरगोविंद सिंह भी मैदान में उतरे थे। दोपहर तक चले सबद कीर्तन में जुटीं महिलाएं गुरु की अमृतवाणी को आत्मसात करती नजर आईं। इस मौके पर प्रधान पपरिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, जतिंदर पाल सिंह, वरिंदर सिंह, सतपाल सिंह सेठी, सरनपाल सिंह, जसवीर सिंह, सोनी, राजू, गुरमीत सिंह, चरन जीत सिंह, बंटी, हरजीत कौर, गुरप्रीत कौर, हरविंदर कौर, सिमरन, मंजीत सिंह भी मौजूद रहे।
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सिख धर्म के नौवें गुरु तेग बहादुर सिंह का 345 वें शहीदी दिवस शनिवार को मनाया गया। सबद कीर्तन का पाठ हुआ। जिसमें गुरु तेग बहादुर के पराक्रम पर रोशनी डाली गई। गुरुद्वारा में लंगर का आयोजन हुआ। जिसका प्रसाद ग्रहण करने को हर धर्म के लोग सामने आए।
रेल बाजार स्थित गुरुद्वारा में सुबह से ही अनुयायियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था जो अनवरत चलता रहा। ज्ञानी गुरुबचन सिंह ने सबद कीर्तन के बीच नौवें गुरु ने मानवता के लिए गुरु तेगबहादुर के हंसते हंसते जान न्यौछावर करने का जिक्र किया। कहा कि गुरु को चांदनी चौक में शहीद कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने मुस्लिम धर्म अपनाने से मना कर दिया था। तेग बहादुर के नाम के बारे में रोशनी डालते हुए कहा कि पहले उनका नाम त्यागमल था। बाल्यावस्था में ही संत स्वरूप गहन विचार वान उदार चित्त वाले तेग बहादुर ने 14 साल की उम्र में मुगल शासन के खिलाफ मोर्चा खोला था। उनका साथ देने को पिता गुरु हरगोविंद सिंह भी मैदान में उतरे थे। दोपहर तक चले सबद कीर्तन में जुटीं महिलाएं गुरु की अमृतवाणी को आत्मसात करती नजर आईं। इस मौके पर प्रधान पपरिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, जतिंदर पाल सिंह, वरिंदर सिंह, सतपाल सिंह सेठी, सरनपाल सिंह, जसवीर सिंह, सोनी, राजू, गुरमीत सिंह, चरन जीत सिंह, बंटी, हरजीत कौर, गुरप्रीत कौर, हरविंदर कौर, सिमरन, मंजीत सिंह भी मौजूद रहे।
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