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Fatehpur News: मंत्री से मांगी गारंटी, अगले साल नहीं भरेगा पानी
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फतेहपुर। बुधवार शाम और गुरुवार सुबह की बारिश में शहर पानी से लबालब हो गया। नालों का पानी सड़कों पर उफान मारने लगा। ये स्थिति गुरुवार तक बनी रही। लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। शहर में 30 सालों से बहु प्रतीक्षित सीवर लाइन की मांग केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के कार्यकाल में मिली है। इसके पहले चरण में 311.25 करोड़ रुपये स्वीकृति भी हो चुके हैं, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में केंद्रीय राज्य मंत्री से जनता गारंटी चाहती है कि अगले साल तक बारिश से पहले सीवर लाइन बिछ जाए, जिससे जलजमाव की समस्या से निजात मिले।
बुधवार शाम और गुरुवार सुबह की बारिश शहर से प्रमुख स्थान से लेकर गलियों तक पानी भर गया। प्रमुख स्थल तांबेरश्वर मंदिर के पास जल भराव हो गया। यहां से 30 मिनट में करीब डेढ़ सौ से अधिक वाहन का आना-जाना हुआ। ये रोड महज एक बानगी है। कमोवेश ये हाल पूरे शहर का है।
जलजमाव से हो गए बड़े-बड़े गड्ढे
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस से शहर को आने वाली वीआईपी रोड में लगातार जलजमाव से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सरस्वती विद्या मंदिर के सामने सड़क पर दोनों ओर के गड्ढे खतरनाक हैं। पानी भरने से गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लगता है और वाहन फंस जाते हैं। कई बार बाइक सवार व ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट भी चुके हैं। यहां से कार्यालयीन समय में औसतन 30 मिनट 250 से अधिक वाहन गुजरते हैं।
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सीओ आफिस रोड लबालब
रानी कालोनी स्थित सीओ आफिस रोड बारिश में हमेशा लबालब रहती हैं। हल्की सी बारिश में सड़क पर सीओ आफिस से चंद कदम आगे और पीछे घुटनों तक पानी भर जाता है। ये समस्या बारिश होने के हफ्तों बाद तक रहती है। यहां से आवास विकास, रानी कालोनी समेत दो इंटर कॉलेज व अन्य सरकारी कार्यालय हैं। चौबीस घंटे मार्ग से आवागमन रहता है। यहां से औसतन हर तीस मिनट पर लगभग 150 से अधिक वाहन गुजरते हैं।
जिला अस्पताल के सामने भर जाता है पानी
जिला अस्पताल के सामने चौराहे के चारों ओर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। हल्की सी बारिश में जलभराव हो जाता है। गड्ढे घातक और खतरनाक हैं। दो पहिया वाहन सवार अक्सर गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं ई रिक्शा पटलते हैं। यहां से 30 मिनट में औसतन 500 से अधिक वाहनों का आना-जाना होता है।
स्कूल और अस्पताल के अधिकारियों के रास्ते पर जलभराव
जीटी रोड से सीएमओ आफिस को जाने वाले रास्ते की शुरुआत ही जलभराव से होती है। इस रोड पर यूआरसी, कंपोजिट विद्यालय, डायट व बीएसए आफिस, क्षय रोग विभाग, मलेरिया व फलेरिया विभाग, होम्योपैथिक अस्पताल, सीएमओ आफिक का कार्यालय है। रोड अंत तक ईदगाह को जोड़ती है। इस सड़क से कार्यालयीन समय में 30 मिनट में औसतन 300 से अधिक वाहन गुजरते हैं।
सीवर लाइन से दूर होगी समस्या
केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बहु प्रतीक्षित सीवर लाइन की मांग पूरी होने की घोषणा की थी। उसकी पहली किस्त 3 अरब 11 करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। सीवर लाइन बनने से जल जमाव की समस्या से निजात मिलेगी।
पूरे साल रहती है समस्या
राधा नगर निवासी अन्नू पाल का कहना है कि शहर में जलभराव की समस्या बारह महीने बनी रहती है। बारिश में परेशानी बढ़ जाती है। कई जगह नाली और सड़क दोनों जगह पानी लबालब हो जाता है। ऐसे में नाली में गिरने का डर बना रहता है। रानी कॉलोनी निवासी राजेश कुमार का कहना है कि बारिश में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है, जो कई दिनों तक भरा रहता है। पानी से बदबू आने लगती है। वाहन निकलने से छींट कपड़ों और शरीर में पड़ जाती है। ये सबसे दर्द भरा होता है। आबू नगर निवासी सतेंद्र कुमार का कहना है कि जलजमाव से आने-जाने में परेशानी होती ही है। जनता के करोड़ों रुपये पानी में बह जाते हैं। अब सीवर लाइन की आस है। सीवर को स्वीकृति मिल गई है। लाइन जल्दी बने तो जलभराव समस्या से निजात मिले। लागंज कुमार शेखर का कहना है कि सीवर लाइन का मुद्दा हर चुनाव में उठता है। जीतने के बाद लोग भूल जाते हैं। इस बार राशि भी स्वीकृति हो चुकी है। काम समय पर शुरू हो जाए, तो अगली बार जलभराव की समस्या से निजात मिले।
कोट्स
अथक प्रयास के बाद सीवर लाइन को स्वीकृति दिलाई है। बारिश के बाद काम शुरू होगा। अगली बारिश तक बहुत हद तक जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। -साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय राज्यमंत्री।
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बुधवार शाम और गुरुवार सुबह की बारिश शहर से प्रमुख स्थान से लेकर गलियों तक पानी भर गया। प्रमुख स्थल तांबेरश्वर मंदिर के पास जल भराव हो गया। यहां से 30 मिनट में करीब डेढ़ सौ से अधिक वाहन का आना-जाना हुआ। ये रोड महज एक बानगी है। कमोवेश ये हाल पूरे शहर का है।
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जलजमाव से हो गए बड़े-बड़े गड्ढे
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस से शहर को आने वाली वीआईपी रोड में लगातार जलजमाव से बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सरस्वती विद्या मंदिर के सामने सड़क पर दोनों ओर के गड्ढे खतरनाक हैं। पानी भरने से गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लगता है और वाहन फंस जाते हैं। कई बार बाइक सवार व ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट भी चुके हैं। यहां से कार्यालयीन समय में औसतन 30 मिनट 250 से अधिक वाहन गुजरते हैं।
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सीओ आफिस रोड लबालब
रानी कालोनी स्थित सीओ आफिस रोड बारिश में हमेशा लबालब रहती हैं। हल्की सी बारिश में सड़क पर सीओ आफिस से चंद कदम आगे और पीछे घुटनों तक पानी भर जाता है। ये समस्या बारिश होने के हफ्तों बाद तक रहती है। यहां से आवास विकास, रानी कालोनी समेत दो इंटर कॉलेज व अन्य सरकारी कार्यालय हैं। चौबीस घंटे मार्ग से आवागमन रहता है। यहां से औसतन हर तीस मिनट पर लगभग 150 से अधिक वाहन गुजरते हैं।
जिला अस्पताल के सामने भर जाता है पानी
जिला अस्पताल के सामने चौराहे के चारों ओर सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है। हल्की सी बारिश में जलभराव हो जाता है। गड्ढे घातक और खतरनाक हैं। दो पहिया वाहन सवार अक्सर गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं ई रिक्शा पटलते हैं। यहां से 30 मिनट में औसतन 500 से अधिक वाहनों का आना-जाना होता है।
स्कूल और अस्पताल के अधिकारियों के रास्ते पर जलभराव
जीटी रोड से सीएमओ आफिस को जाने वाले रास्ते की शुरुआत ही जलभराव से होती है। इस रोड पर यूआरसी, कंपोजिट विद्यालय, डायट व बीएसए आफिस, क्षय रोग विभाग, मलेरिया व फलेरिया विभाग, होम्योपैथिक अस्पताल, सीएमओ आफिक का कार्यालय है। रोड अंत तक ईदगाह को जोड़ती है। इस सड़क से कार्यालयीन समय में 30 मिनट में औसतन 300 से अधिक वाहन गुजरते हैं।
सीवर लाइन से दूर होगी समस्या
केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बहु प्रतीक्षित सीवर लाइन की मांग पूरी होने की घोषणा की थी। उसकी पहली किस्त 3 अरब 11 करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल चुकी है। सीवर लाइन बनने से जल जमाव की समस्या से निजात मिलेगी।
पूरे साल रहती है समस्या
राधा नगर निवासी अन्नू पाल का कहना है कि शहर में जलभराव की समस्या बारह महीने बनी रहती है। बारिश में परेशानी बढ़ जाती है। कई जगह नाली और सड़क दोनों जगह पानी लबालब हो जाता है। ऐसे में नाली में गिरने का डर बना रहता है। रानी कॉलोनी निवासी राजेश कुमार का कहना है कि बारिश में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर भर जाता है, जो कई दिनों तक भरा रहता है। पानी से बदबू आने लगती है। वाहन निकलने से छींट कपड़ों और शरीर में पड़ जाती है। ये सबसे दर्द भरा होता है। आबू नगर निवासी सतेंद्र कुमार का कहना है कि जलजमाव से आने-जाने में परेशानी होती ही है। जनता के करोड़ों रुपये पानी में बह जाते हैं। अब सीवर लाइन की आस है। सीवर को स्वीकृति मिल गई है। लाइन जल्दी बने तो जलभराव समस्या से निजात मिले। लागंज कुमार शेखर का कहना है कि सीवर लाइन का मुद्दा हर चुनाव में उठता है। जीतने के बाद लोग भूल जाते हैं। इस बार राशि भी स्वीकृति हो चुकी है। काम समय पर शुरू हो जाए, तो अगली बार जलभराव की समस्या से निजात मिले।
कोट्स
अथक प्रयास के बाद सीवर लाइन को स्वीकृति दिलाई है। बारिश के बाद काम शुरू होगा। अगली बारिश तक बहुत हद तक जलजमाव से मुक्ति मिलेगी। -साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय राज्यमंत्री।