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32 हजार से अधिक डंप मिली रीडिंग
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फतेहपुर। उपभोक्ताओं को बिजली बिल की जानकारी देने के लिए कराई जा रही मीटरों की रीडिंग में खेल किया जा रहा है। जुलाई की विभाग में फीड की गई रीडिंग की उपखंड अधिकारी द्वितीय ने क्रास चेकिंग कराई। इसमें 30 मीटरों की हुई जांच में सात में 32780 रीडिंग डंप मिली। इस पर रीडिंग कराने वाली कंपनी के जोनल हेड और सर्किल सुपरवाइजर को नोटिस दिया गया है।
उपभोक्ताओं के घर लगाए गए मीटरों की रीडिंग के लिए मेसर्स स्टर्लिंग सेल्यूसन प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है। इसमें मीटर रीडर लगाए गए हैं, जो घर-घर जाकर मीटरों की रीडिंग निकालते हैं और उपभोक्ताओं का बिजली बिल जारी करते हैं, लेकिन विभाग को चूना लगाने के लिए मीटर रीडिंग में खेल कर रहे हैं। मीटर की वर्तमान रीडिंग से कम रीडिंग लेकर उपभोक्ताओं को कुछ महीने तक बिल देते हैं। फिर पूरी रीडिंग का बिल बनाकर उपभोक्ताओं को दिया जाता है। इकट्ठा बिल देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़ जाते हैं और उसे सही कराने के लिए मीटर रीडरों का ही सहारा लेते हैं। फिर पुराना मीटर खराब दिखाकर बदल दिया जाता है। नए मीटर में रीडिंग नई शुरू की जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं से रुपया ऐंठने का काम किया जाता है और विभाग को भी चूना लगाने का काम किया जा रहा है। उपखंड अधिकारी अभिजीत कुमार ने बताया कि जो डंप रीडिंग पाई गई है, उसका बिजली बिल जारी कर दिया गया है। (संवाद)
क्रास चेकिंग में इस प्रकार मिली रीडिंग
बिल संयोजन संख्या रीडर से ली गई रीडिंग क्रास चेकिंग की रीडिंग
6591287240 685 12798
1248625000 1355 3342
1334925000 5414 7286
5153625000 10518 12464
5876040205 3269 5120
5037409352 240 8075
9764035000 9685 14861
मीटर रीडिंग में पांच पर पहले हो चुकी है एफआईआर
उपभोक्ताओं के मीटर रीडिंग को लेकर जिले के सुपरवाइजर समेत पांच पर पहले एफआईआर भी हो चुकी है। इसमें उपखंड अधिकारी प्रथम कार्यालय के आबूनगर अवर अभियंता ने क्रास चेकिंग कराई थी। 10 जून को तत्कालीन अवर अभियंता नीलेश मिश्रा की जांच में 28 हजार रीडिंग मीटरों में डंप पाई गई थी, जिसमें सर्किल हेड सौरभ श्रीवास्तव, डिवीजन प्रभारी मुकेश यादव, मीटर रीडर राजेश यादव, अखिलेश और निगम यादव पर एफआईआर की गई थी।
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मीटर रीडिंग की जांच में अनियमितता पाई जाती है तो डंप रीडिंग के बिल का दोगुना रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसकी वसूली रीडर से कराई जाती है। अगर ऐसा मामला सामने आया है तो मीटर रीडर से दोगुना की वसूली कराई जाएगी।-राकेश कुमार पांडेय, अधीक्षण अभियंता, विद्युत।
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उपभोक्ताओं के घर लगाए गए मीटरों की रीडिंग के लिए मेसर्स स्टर्लिंग सेल्यूसन प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है। इसमें मीटर रीडर लगाए गए हैं, जो घर-घर जाकर मीटरों की रीडिंग निकालते हैं और उपभोक्ताओं का बिजली बिल जारी करते हैं, लेकिन विभाग को चूना लगाने के लिए मीटर रीडिंग में खेल कर रहे हैं। मीटर की वर्तमान रीडिंग से कम रीडिंग लेकर उपभोक्ताओं को कुछ महीने तक बिल देते हैं। फिर पूरी रीडिंग का बिल बनाकर उपभोक्ताओं को दिया जाता है। इकट्ठा बिल देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़ जाते हैं और उसे सही कराने के लिए मीटर रीडरों का ही सहारा लेते हैं। फिर पुराना मीटर खराब दिखाकर बदल दिया जाता है। नए मीटर में रीडिंग नई शुरू की जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं से रुपया ऐंठने का काम किया जाता है और विभाग को भी चूना लगाने का काम किया जा रहा है। उपखंड अधिकारी अभिजीत कुमार ने बताया कि जो डंप रीडिंग पाई गई है, उसका बिजली बिल जारी कर दिया गया है। (संवाद)
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क्रास चेकिंग में इस प्रकार मिली रीडिंग
बिल संयोजन संख्या रीडर से ली गई रीडिंग क्रास चेकिंग की रीडिंग
6591287240 685 12798
1248625000 1355 3342
1334925000 5414 7286
5153625000 10518 12464
5876040205 3269 5120
5037409352 240 8075
9764035000 9685 14861
मीटर रीडिंग में पांच पर पहले हो चुकी है एफआईआर
उपभोक्ताओं के मीटर रीडिंग को लेकर जिले के सुपरवाइजर समेत पांच पर पहले एफआईआर भी हो चुकी है। इसमें उपखंड अधिकारी प्रथम कार्यालय के आबूनगर अवर अभियंता ने क्रास चेकिंग कराई थी। 10 जून को तत्कालीन अवर अभियंता नीलेश मिश्रा की जांच में 28 हजार रीडिंग मीटरों में डंप पाई गई थी, जिसमें सर्किल हेड सौरभ श्रीवास्तव, डिवीजन प्रभारी मुकेश यादव, मीटर रीडर राजेश यादव, अखिलेश और निगम यादव पर एफआईआर की गई थी।
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मीटर रीडिंग की जांच में अनियमितता पाई जाती है तो डंप रीडिंग के बिल का दोगुना रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इसकी वसूली रीडर से कराई जाती है। अगर ऐसा मामला सामने आया है तो मीटर रीडर से दोगुना की वसूली कराई जाएगी।-राकेश कुमार पांडेय, अधीक्षण अभियंता, विद्युत।