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Fatehpur News: बच्ची से दुष्कर्म और हत्या में पूर्व फौजी को उम्रकैद
Sat, 14 Jun 2025 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Sat, 14 Jun 2025 12:17 AM IST
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फतेहपुर। पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश महेंद्र कुमार द्वितीय ने घर से स्कूल जा रही पांच साल नौ माह की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या में पूर्व फौजी को शुक्रवार को दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोषी को उम्रकैद और विभिन्न धाराओं के तहत तीन लाख 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि पीड़िता के परिवार को देय होगी।
कल्यानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की बच्ची गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती थी। वह 12 जुलाई 2022 को स्कूल से घर नहीं लौटी तो परिजन तलाश में जुट गए। स्कूल से बताया गया कि बच्ची नहीं आई थी। खोजबीन दौरान अमरूद के बाग में स्थित कोठरी से बच्ची का बोरी में भरा शव बरामद हुआ था।
बच्ची से दुष्कर्म और हत्या में ग्रामीणों ने हंगामा किया था। तत्कालीन डीएम अपूर्वा दुबे मौके पर पहुंची थीं। बच्ची को स्कूल जाते समय चाचा ने बाग में करौंदा तोड़ते देखा था। उस दौरान गांव का पूर्व फौजी ज्ञानेंद्र शुक्ला बाग में लगे हैंडपंप पर हाथ-पैर धो रहा था। इस बयान के आधार पर पुलिस ने पूर्व फौजी को छह दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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पुलिस ने चार्जशीट में बताया कि बच्ची को पहले भी बिस्किट, नमकीन खिलाकर पूर्व फौजी बहलाता था। घटना के दिन भी लालच देकर कोठरी में ले गया। दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। बोरी में शव बांधकर छिपा दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म व हत्या की पुष्टि के साथ शरीर पर आठ चोट निकली थीं।
कुल 10 गवाह कोर्ट के समक्ष पेश हुए। कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के बाद हत्या, अपहरण, शव छिपाने व एससी-एसटी एक्ट के तहत ज्ञानेंद्र शुक्ला को दोषी करार देकर सजा सुनाई है।
इनसेट
जघन्य अपराध पर फांसी की हुई मांग
बच्ची के साथ जघन्य अपराध को लेकर कोर्ट से फांसी की मांग पीड़ित पक्ष की ओर से की गई थी। कोर्ट ने आजीवन कारावास से दंडित किया है।
इनसेट
छह दिन तक चली थी लंबी जांच, खोजी कुत्ते बुलाए गए थे
कल्यानपुर थाना क्षेत्र में बच्ची से दरिंदगी की वारदात के बाद पुलिस ने गांव के कई संदिग्धों को उठाया था। पुलिस ने शक के आधार पर ज्ञानेंद्र शुक्ला को पहले ही हिरासत में लिया था। वह गुनाह कबूलने को तैयार नहीं था। यहां तक कि प्रयागराज से डाग स्क्वॉड बुलाया गया था। टीम जांच के बाद लौट गई थी। तब पूर्व फौजी पक्ष ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।
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कल्यानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की बच्ची गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ती थी। वह 12 जुलाई 2022 को स्कूल से घर नहीं लौटी तो परिजन तलाश में जुट गए। स्कूल से बताया गया कि बच्ची नहीं आई थी। खोजबीन दौरान अमरूद के बाग में स्थित कोठरी से बच्ची का बोरी में भरा शव बरामद हुआ था।
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बच्ची से दुष्कर्म और हत्या में ग्रामीणों ने हंगामा किया था। तत्कालीन डीएम अपूर्वा दुबे मौके पर पहुंची थीं। बच्ची को स्कूल जाते समय चाचा ने बाग में करौंदा तोड़ते देखा था। उस दौरान गांव का पूर्व फौजी ज्ञानेंद्र शुक्ला बाग में लगे हैंडपंप पर हाथ-पैर धो रहा था। इस बयान के आधार पर पुलिस ने पूर्व फौजी को छह दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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पुलिस ने चार्जशीट में बताया कि बच्ची को पहले भी बिस्किट, नमकीन खिलाकर पूर्व फौजी बहलाता था। घटना के दिन भी लालच देकर कोठरी में ले गया। दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। बोरी में शव बांधकर छिपा दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म व हत्या की पुष्टि के साथ शरीर पर आठ चोट निकली थीं।
कुल 10 गवाह कोर्ट के समक्ष पेश हुए। कोर्ट ने अंतिम सुनवाई के बाद हत्या, अपहरण, शव छिपाने व एससी-एसटी एक्ट के तहत ज्ञानेंद्र शुक्ला को दोषी करार देकर सजा सुनाई है।
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जघन्य अपराध पर फांसी की हुई मांग
बच्ची के साथ जघन्य अपराध को लेकर कोर्ट से फांसी की मांग पीड़ित पक्ष की ओर से की गई थी। कोर्ट ने आजीवन कारावास से दंडित किया है।
इनसेट
छह दिन तक चली थी लंबी जांच, खोजी कुत्ते बुलाए गए थे
कल्यानपुर थाना क्षेत्र में बच्ची से दरिंदगी की वारदात के बाद पुलिस ने गांव के कई संदिग्धों को उठाया था। पुलिस ने शक के आधार पर ज्ञानेंद्र शुक्ला को पहले ही हिरासत में लिया था। वह गुनाह कबूलने को तैयार नहीं था। यहां तक कि प्रयागराज से डाग स्क्वॉड बुलाया गया था। टीम जांच के बाद लौट गई थी। तब पूर्व फौजी पक्ष ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी।