{"_id":"60e895d88ebc3ebf550ddea0","slug":"for-construction-lab-fraud-reported-fatehpur-news-knp6392631164","type":"story","status":"publish","title_hn":"अटल टिकरिंग लैब स्थापित करने में दो करोड़ 88 लाख खर्च","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अटल टिकरिंग लैब स्थापित करने में दो करोड़ 88 लाख खर्च
विज्ञापन
फतेहपुर। अटल टिकरिंग लैब स्थापित करने के नाम पर निजी स्कूल संचालकों ने केंद्र सरकार के बजट में खेल कर दिया। चार साल में केंद्र सरकार ने 24 माध्यमिक स्कूलों को दो करोड़ 88 लाख का बजट अटल टिकरिंग लैब के लिए दिया लेकिन अधिकांश ने बजट लेकर बंदर बांट कर लिया। भारी भरकम बजट में खेल होने के बावजूद माध्यमिक शिक्षा विभाग पूरी तरह से चुप्पी साधे बैठा रहा। उधर, अटल टिकरिंग लैब से संबंधित रिपोर्ट संयुक्त शिक्षा निदेशक ने मांगी तो विभाग में खलबली मच गई। माध्यमिक शिक्षा विभाग अब संबंधित स्कूलों की जांच में जुटा है।
केंद्र सरकार ने अटल टिकरिंग लैब स्थापित करने के लिए प्रति विद्यालय 10 लाख और संसाधन स्थापित करने के लिए इतनी ही धनराशि का प्रावधान किया है। इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय को लैब के रखरखाव और एक अनुदेशक के मानदेय के लिए दो लाख रुपये सलाना भुगतान का प्रावधान किया है। योजना का लाभ लेने वाले
सरस्वती विद्या मंदिर वीआईपी रोड फतेहपुर और खागा में लैब दिख रहे हैं। यहां पर सालाना बजट का भुगतान भी हो रहा है, लेकिन अन्य 22 माध्यमिक स्कूलों में प्रत्येक ने एकमुश्त 12 लाख की धनराशि लेकर चुप्पी साध ली। इन 22 विद्यालयों ने न तो लैब स्थापित करने के लिए कक्ष का निर्माण कराया और न ही संसाधन ही जुटाए। खास बात तो यह है कि कितने विद्यालयों में अटल टिकरिंग लैब संचालित हैं, इसकी माध्यमिक शिक्षा विभाग को भी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अटल टिकरिंग लैब स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार सीधे विद्यालय को बजट उपलब्ध कराती है। इससे उनके विभाग का कोई लेना देना नहीं है। संयुक्त शिक्षा निदेशक के आदेश पर लैब वाले स्कूलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
केंद्र सरकार ने एक कक्ष में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, मैथ से संबंधित वृहद अध्ययन के संसाधन जुटाने के लिए अटल टिकरिंग लैब स्थापित कराई है। इसके लिए केंद्र सरकार 20 लाख तक की धनराशि मुहैया कराती है।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने अटल टिकरिंग लैब स्थापित करने के लिए प्रति विद्यालय 10 लाख और संसाधन स्थापित करने के लिए इतनी ही धनराशि का प्रावधान किया है। इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय को लैब के रखरखाव और एक अनुदेशक के मानदेय के लिए दो लाख रुपये सलाना भुगतान का प्रावधान किया है। योजना का लाभ लेने वाले
विज्ञापन
सरस्वती विद्या मंदिर वीआईपी रोड फतेहपुर और खागा में लैब दिख रहे हैं। यहां पर सालाना बजट का भुगतान भी हो रहा है, लेकिन अन्य 22 माध्यमिक स्कूलों में प्रत्येक ने एकमुश्त 12 लाख की धनराशि लेकर चुप्पी साध ली। इन 22 विद्यालयों ने न तो लैब स्थापित करने के लिए कक्ष का निर्माण कराया और न ही संसाधन ही जुटाए। खास बात तो यह है कि कितने विद्यालयों में अटल टिकरिंग लैब संचालित हैं, इसकी माध्यमिक शिक्षा विभाग को भी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अटल टिकरिंग लैब स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार सीधे विद्यालय को बजट उपलब्ध कराती है। इससे उनके विभाग का कोई लेना देना नहीं है। संयुक्त शिक्षा निदेशक के आदेश पर लैब वाले स्कूलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
केंद्र सरकार ने एक कक्ष में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, मैथ से संबंधित वृहद अध्ययन के संसाधन जुटाने के लिए अटल टिकरिंग लैब स्थापित कराई है। इसके लिए केंद्र सरकार 20 लाख तक की धनराशि मुहैया कराती है।