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Fatehpur News: तापमान के उतार-चढ़ाव से बढ़े वायरल फीवर के मामले, ओपीडी में उमड़ी भीड़
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फतेहपुर। मौसम में लगातार बदलाव और तापमान के उतार-चढ़ाव के चलते जिले में वायरल फीवर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से जिला अस्पताल समेत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और गले में खरास की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 500 से 600 मरीज केवल बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। मंगलवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों की भीड़ आम दिनों से अधिक रही।
अस्पताल पहुंचे रामआसरे, सुनील कुमार, राकेश, मुन्ना, श्यामलाल और गुड्डू ने बताया कि उन्हें तीन से चार दिनों से तेज बुखार है। किसी को बदन दर्द, किसी को गले में खरास और कमजोरी की शिकायत है। कुछ मरीजों ने दवा के बाद भी आराम न मिलने और कामकाज प्रभावित होने की बात कही।
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चिकित्सकों के अनुसार जांच में अधिकांश मरीजों में वायरल फीवर के लक्षण मिल रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। सामान्य लक्षण वालों को दवा देकर घर भेजा जा रहा है। गले में खरास होने पर गुनगुने पानी से गरारे और तरल पदार्थ अधिक लेने की सलाह दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि मौसम परिवर्तन से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए बुखार या कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न कर समय पर जांच और उपचार कराना जरूरी है।
ये बरतें सावधानियां
- जलभराव न होने दें।
- शरीर को पूरी तरह ढककर रखें।
- मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
- घर और आसपास साफ-सफाई रखें।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 500 से 600 मरीज केवल बुखार की शिकायत लेकर आ रहे हैं। मंगलवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीजों की भीड़ आम दिनों से अधिक रही।
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अस्पताल पहुंचे रामआसरे, सुनील कुमार, राकेश, मुन्ना, श्यामलाल और गुड्डू ने बताया कि उन्हें तीन से चार दिनों से तेज बुखार है। किसी को बदन दर्द, किसी को गले में खरास और कमजोरी की शिकायत है। कुछ मरीजों ने दवा के बाद भी आराम न मिलने और कामकाज प्रभावित होने की बात कही।
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चिकित्सकों के अनुसार जांच में अधिकांश मरीजों में वायरल फीवर के लक्षण मिल रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। सामान्य लक्षण वालों को दवा देकर घर भेजा जा रहा है। गले में खरास होने पर गुनगुने पानी से गरारे और तरल पदार्थ अधिक लेने की सलाह दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि मौसम परिवर्तन से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इसलिए बुखार या कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न कर समय पर जांच और उपचार कराना जरूरी है।
ये बरतें सावधानियां
- जलभराव न होने दें।
- शरीर को पूरी तरह ढककर रखें।
- मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
- बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
- घर और आसपास साफ-सफाई रखें।