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Fatehpur News: हरबंशपुर में झंडा विवाद सुलझा, पंचायत में दोनों पक्षों में समझौता
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फोटो-36-पेड़ पर दाेनों पक्ष के लगाए झंडे। स्रोत: स्वयं
फतेहपुर। मलवां थाना क्षेत्र के हरबंशपुर गांव में झंडा लगाने को लेकर उपजा विवाद शांत हो गया है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और खाटू श्याम के झंडे लगाने को लेकर आमने-सामने आए दोनों पक्षों में बुधवार को पूर्व सैनिक संगठन की मध्यस्थता में समझौता हो गया।
गांव निवासी अभिषेक रैदास ने 25 अगस्त को बाबा साहेब का चित्रयुक्त झंडा बबूल के पेड़ पर लगाया था। इसके बाद अनमोल और सरवन पासवान समेत कुछ अन्य लोगों ने झंडा हटाकर वहां खाटू श्याम का झंडा लगा दिया। इस पर अभिषेक पक्ष ने फिर से झंडा लगाकर आपत्ति जताई। मामला बढ़ा तो पुलिस चौकी तक पहुंच गया।
ग्रामीणों की सूचना पर पूर्व सैनिक उत्थान समिति के अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों की पंचायत कराई। बातचीत के दौरान एक पक्ष ने संविधान निर्माता बाबा साहेब के प्रति सम्मान, तो दूसरे ने धार्मिक आस्था का हवाला दिया।
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आखिरकार दोनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए एक ही पेड़ पर दोनों झंडे लगाए गए। समझौते के तहत पक्षकारों ने सहिली चौकी पुलिस को लिखित सुलहनामा सौंपा। इस दौरान कानूनी कार्रवाई से इन्कार किया। चौकी प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि विवाद सिर्फ कहासुनी तक सीमित था। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला निपटा लिया है।
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गांव निवासी अभिषेक रैदास ने 25 अगस्त को बाबा साहेब का चित्रयुक्त झंडा बबूल के पेड़ पर लगाया था। इसके बाद अनमोल और सरवन पासवान समेत कुछ अन्य लोगों ने झंडा हटाकर वहां खाटू श्याम का झंडा लगा दिया। इस पर अभिषेक पक्ष ने फिर से झंडा लगाकर आपत्ति जताई। मामला बढ़ा तो पुलिस चौकी तक पहुंच गया।
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ग्रामीणों की सूचना पर पूर्व सैनिक उत्थान समिति के अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों की पंचायत कराई। बातचीत के दौरान एक पक्ष ने संविधान निर्माता बाबा साहेब के प्रति सम्मान, तो दूसरे ने धार्मिक आस्था का हवाला दिया।
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आखिरकार दोनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए एक ही पेड़ पर दोनों झंडे लगाए गए। समझौते के तहत पक्षकारों ने सहिली चौकी पुलिस को लिखित सुलहनामा सौंपा। इस दौरान कानूनी कार्रवाई से इन्कार किया। चौकी प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि विवाद सिर्फ कहासुनी तक सीमित था। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला निपटा लिया है।