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Fatehpur News: पांच साल की आर्या को मिलेगा डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल अवाॅर्ड
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फोटो-18-आर्या अग्रवाल। स्रोत: स्वयं
किशनपुर। कस्बे के साधारण परिवार में जन्मी पांच वर्षीय आर्या अग्रवाल अपनी असाधारण स्मरण शक्ति और आध्यात्मिक ज्ञान के दम पर जिले का नाम रोशन कर रही हैं। उल्लेखनीय कार्य, नेतृत्व क्षमता, नवाचार तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए आर्या को प्रतिष्ठित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल अवाॅर्ड से सम्मानित किया जाएगा।
युवानिति चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 20 सितंबर को दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। आर्या के चयन की जानकारी परिवार को मिलने पर घर में खुशी का माहौल है। कस्बे के लोग भी घर पहुंचकर परिवार को बधाई दे रहे हैं।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है नाम
व्यवसायी मयंक अग्रवाल की पुत्री आर्या का नाम पहले ही इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। आर्या ने एक हजार से अधिक संस्कृत श्लोक याद किए हैं। वह विभिन्न मंचों पर संस्कृत श्लोकों और धार्मिक मंत्रों का पाठ कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं।
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सुनकर ही स्मरण कर लेती है बेटी
आर्या के पिता मयंक अग्रवाल ने बताया कि बेटी को बचपन से ही शिव तांडव, हनुमान चालीसा सहित धार्मिक एवं संस्कृत मंत्र सीखने में विशेष रुचि रही है। आर्या किसी श्लोक या मंत्र को सुनकर ही याद कर लेती हैं। कठिन से कठिन श्लोक भी वह आसानी से कंठस्थ कर लेती हैं। प्रतिभा के लिए उन्हें पूर्व में कई सम्मान और प्रशस्ति पत्र मिल चुके हैं।
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युवानिति चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 20 सितंबर को दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। आर्या के चयन की जानकारी परिवार को मिलने पर घर में खुशी का माहौल है। कस्बे के लोग भी घर पहुंचकर परिवार को बधाई दे रहे हैं।
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इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है नाम
व्यवसायी मयंक अग्रवाल की पुत्री आर्या का नाम पहले ही इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। आर्या ने एक हजार से अधिक संस्कृत श्लोक याद किए हैं। वह विभिन्न मंचों पर संस्कृत श्लोकों और धार्मिक मंत्रों का पाठ कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं।
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सुनकर ही स्मरण कर लेती है बेटी
आर्या के पिता मयंक अग्रवाल ने बताया कि बेटी को बचपन से ही शिव तांडव, हनुमान चालीसा सहित धार्मिक एवं संस्कृत मंत्र सीखने में विशेष रुचि रही है। आर्या किसी श्लोक या मंत्र को सुनकर ही याद कर लेती हैं। कठिन से कठिन श्लोक भी वह आसानी से कंठस्थ कर लेती हैं। प्रतिभा के लिए उन्हें पूर्व में कई सम्मान और प्रशस्ति पत्र मिल चुके हैं।

फोटो-18-आर्या अग्रवाल। स्रोत: स्वयं