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वाटर डैमेज बता एफसीआई ने सात ट्रक चावल किया रिजेक्ट

Sun, 12 Dec 2021 12:22 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 12:22 AM IST
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FCI rejected seven trucks of rice, telling water damage
थरियांव क्रय केंद्र में डंप धान। संवाद - फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। क्रय केंद्रों में खरीदे गए धान से चावल निकालने के बाद जब एफसीआई गोदाम भेजा गया। तो अधिकारियों ने सात ट्रक चावल को लेने से मना कर दिया। चावल में वाटर डैमेज बताया गया है। एफसीआई के चावल को रिजेक्ट करने से मिलर्स को नुकसान हुआ है। ऐसे में क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान को मिलर्स ने लेने से मना कर दिया है।
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किसानों का धान खरीदने के बाद कुटाई के लिए राइस मिल भेजा जाता है। मिलर्स को एक क्विंटल धान के बदले 67 क्विंटल चावल एफसीआई गोदाम में जमा कराना होता है। जिले के 81 क्रय केंद्रों से 16832 टन धान राइस मिलर्स के पास भेजा गया है। जिसकी कुटाई करके मिलर्स ने 10 ट्रक चावल एफसीआई के गोदाम में भेजा। इसमें सात ट्रक चावल रिजेक्ट कर दिया गया है। मिलर्स का कहना है कि वाटर डैमेज यानि अधिक पानी से चावल खराब होना बताकर अधिकारियों ने गोदाम में चावल रखने से मना कर दिया है। बारिश के कारण सभी धान में वाटर डैमेज आएगा।
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फतेहपुर राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जितेंद्र पांडेय ने बताया कि चावल में तीन प्रतिशत वाटर डैमेज का मानक है। बाद में हुई बारिश से पकी धान की फसल प्रभावित हुई है। इससे चावल में वाटर डैमेज अधिक आ रहा है। वाटर डैमेज को तीन प्रतिशत से बढ़ा कर चार प्रतिशत किया जाए। तभी मिलर्स क्रय केंद्र में खरीदे गए धान को रिसीव करेगा।
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क्रय केंद्र में खरीदे गए धान को मिलर्स के रिसीव करने के बाद खरीद प्रभारी की जिम्मेदारी खत्म हो जाती है। जब तक मिलर्स धान की रिसीविंग केंद्र प्रभारी को नहीं देगा। तब तक खरीदे गए धान का चावल गोदाम नहीं पहुंचता है, तो केंद्र प्रभारी से वसूली करने का नियम है। मिलर्स के रिसीव करने के बाद चावल पहुंचाने की जिम्मेदारी मिलर्स की हो जाती है और वसूली भी मिलर्स से करने का नियम है।

क्रय केंद्रों में सरकारी मानक के अनुसार ही धान की खरीद की जा रही है। खरीदे गए धान की गुणवत्ता मिलर्स भी मशीन से जांचते हैं। इसके बार रिसीव करते हैं। अगर चावल में वाटर डैमेज की समस्या आ रही है, तो एफसीआई और मिलर्स के साथ बैठक करके हल निकाला जाएगा। - अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
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