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ध्यान भटका रहे सड़क किनारे लगे होर्डिंग, हादसे का खतरा
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बाकरगंज चौराहे में लगी होर्डिंग। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। जिले में हर कदम पर अवैध होर्डिंग, बैनर व बोर्ड लगे हैं। बिजली के खंभों पर तो होर्डिंग लगाना आम बात हो गई है। इसके बाद भी नगर पालिका कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं कर रही है। इससे पालिका का काफी नुकसान हो रहा है। साथ ही इन होर्डिंग की वजह से राहगीरों का ध्यान भी भटक रहा है।
राजनीतिक कार्यक्रम हो, या तीज त्योहार, प्रचार-प्रसार के लिए लोगों का खंभों पर होर्डिंग, बैनर लगाना आम बात है। यह लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
यह हाल शहर के मुख्य सड़क से लेकर तिराहे, चौराहों का हैैं। विद्युत लाइनों में फाल्ट होने पर इन खंभों में लगी होर्डिंग के कारण कर्मचारियों को खंभे पर चढ़ना मुश्किल होता है। जब होर्डिंग हटाते हैं, उसके बाद खंभे पर चढ़ कर फाल्ट सही करते हैं। इसके बावजूद भी नगर पालिका प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
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यह है नियम..
- बिना नगर पालिका की अनुमति के किसी भी स्थान पर होर्डिंग नहीं लगाई जा सकती।
- होर्डिंग इस तरह से लगाए जाने चाहिए कि यातायात न बाधित हो।
- होर्डिंग पर कोई ऐसा चित्र या भाषा न हो जो राहगीरों का ध्यान भटक जाए।
- चौराहा के आसपास होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है।
राजनीतिक दलों के सबसे ज्यादा होर्डिंग
विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियों के नेताओं में अपना प्रचार करने की होड़ मची है। इसलिए हर कदम पर नेताओं के होर्डिंग व बोर्ड लगे हुए हैं। पार्टी के बड़े नेताओं के आने पर हालत ज्यादा खराब हो जाते हैं। खंभे व चौराहे भी बोर्ड से पाट दिए जाते हैं। इनके अलावा व्यवसायिक होर्डिंग भी हाईवे व डिवाइडर पर लगे हैं।
नगर में अवैैध तरीके से लगाए गए होर्डिंग के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। नगर पालिका की ओर से इन्हें हटवाया जाता है। कुछ संस्थाएं व राजनैतिक दल के लोग फिर से लगा लेते हैं। - मीरा सिंह, ईओ नगर पालिका
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राजनीतिक कार्यक्रम हो, या तीज त्योहार, प्रचार-प्रसार के लिए लोगों का खंभों पर होर्डिंग, बैनर लगाना आम बात है। यह लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती हैं।
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यह हाल शहर के मुख्य सड़क से लेकर तिराहे, चौराहों का हैैं। विद्युत लाइनों में फाल्ट होने पर इन खंभों में लगी होर्डिंग के कारण कर्मचारियों को खंभे पर चढ़ना मुश्किल होता है। जब होर्डिंग हटाते हैं, उसके बाद खंभे पर चढ़ कर फाल्ट सही करते हैं। इसके बावजूद भी नगर पालिका प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
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यह है नियम..
- बिना नगर पालिका की अनुमति के किसी भी स्थान पर होर्डिंग नहीं लगाई जा सकती।
- होर्डिंग इस तरह से लगाए जाने चाहिए कि यातायात न बाधित हो।
- होर्डिंग पर कोई ऐसा चित्र या भाषा न हो जो राहगीरों का ध्यान भटक जाए।
- चौराहा के आसपास होर्डिंग लगाना प्रतिबंधित है।
राजनीतिक दलों के सबसे ज्यादा होर्डिंग
विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियों के नेताओं में अपना प्रचार करने की होड़ मची है। इसलिए हर कदम पर नेताओं के होर्डिंग व बोर्ड लगे हुए हैं। पार्टी के बड़े नेताओं के आने पर हालत ज्यादा खराब हो जाते हैं। खंभे व चौराहे भी बोर्ड से पाट दिए जाते हैं। इनके अलावा व्यवसायिक होर्डिंग भी हाईवे व डिवाइडर पर लगे हैं।
नगर में अवैैध तरीके से लगाए गए होर्डिंग के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। नगर पालिका की ओर से इन्हें हटवाया जाता है। कुछ संस्थाएं व राजनैतिक दल के लोग फिर से लगा लेते हैं। - मीरा सिंह, ईओ नगर पालिका

भिटौरा बाईपास में लगीं होर्डिंग। संवाद- फोटो : FATEHPUR