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सेमरहा में 11 बंदरों की मिली लाश, छह बेसुध मिले

Fri, 29 Oct 2021 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 11:54 PM IST
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fathepur news,11 monkeys died in Semarha, six found unconscious
पेड़ के नीचे पड़े बंदरो के शवों को देखते स्थानीय लोग। संवाद - फोटो : FATEHPUR
छिवलहा। सेमरहा गांव के बाहर शुक्रवार दोपहर एक पेड़ के नीचे 11 बंदरों के शव मिलने से सनसनी फैल गई। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई। यहां छह बंदर बेसुध थे और तड़प रहे थे। मृत बंदरों के मुंह से झाग निकल रहा था।
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सूचना पर पुलिस, पशु चिकित्सकों की टीम व वन उप निरीक्षक पहुंचे। बंदरों के शवों को वन विभाग की टीम खागा आफिस ले आई है। शनिवार को इनका पोस्टमार्टम होगा। मामले में वन उप निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें जहर खाने अथवा खिलाने की आशंका जताई गई है।
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सेमरहा गांव के बाहर सड़क किनारे एक आम के पेड़ के नीचे लोगों ने दोपहर में बंदरों को तड़पते देखा। लोग पहुंचे तो पता चला कि करीब छह बंदर मर चुके हैं और पांच तड़प रहे हैं।
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इस खबर पर रामदल अध्यक्ष आगेंद्र साहू व मीडिया प्रभारी अजय गुप्ता लोगों के साथ वहां पहुंचे और तुरंत पुलिस, पशु चिकित्सकों व वन विभाग को सूचना दी। पलिया पशु अस्पताल से डा. अनुपम, वन दरोगा शैलेंद्र व हथगाम पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू हुई।
इलाज के दौरान पांच और बंदरों ने दम तोड़ दिया। मौके पर तड़प रहे छह बंदरों को इलाज के बाद राहत मिली तो वह जंगल में भाग गए। वन उप निरीक्षक शैलेंद्र अपनी टीम के साथ 11 बंदरों के शव को लेकर खागा पहुंचे और उच्चाधिकारियों को जानकारी दी।
देर शाम वन उप निरीक्षक शैलेंद्र कुमार ने हथगाम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें बंदरों की मौत जहरीला पदार्थ खाने या किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जानबूझकर उन्हें जहर देने की बात कही गई है।
एसओ हथगाम अश्विनी सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई और शवों के पोस्टमार्टम को लेकर विधिक कार्यवाही कराई जा रही है।
नन्हें बंदर को ग्रामीणों को सौंपा
पलिया पशु अस्पताल के डॉ. अनुपम ने बताया कि बंदरों की हालत देखकर जहरीला पदार्थ खाने की आशंका है, लेकिन स्पष्ट रूप से पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इलाज से छह बंदरों की हालत सुधरी है। जबकि कुछ इलाज के बाद भी मर गए। एक नन्हें बंदर की हालत बेहद ही नाजुक थी, जिसे ग्रामीण को सौंपा गया। उसे दूध पिलाया जा रहा था लेकिन वह कुछ भी खा-पी नहीं रहा था।

सेमरहा गांव में बंदरों की संख्या अधिक
ग्रामीणों ने बताया कि सेमरहा गांव के अंदर व बाहर बागों में बंदरों की संख्या बहुत है। बंदरों की मौत कैसे हुई इसे लेकर जहरीला पदार्थ खाने या किसी के द्वारा खिलाने की संभावना ही बन रही है। एक ही जगह पर बंदरों की मौत, जहरीला पदार्थ खाने की ओर इशारा कर रही है।
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