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11 जोड़ों ने वरमाला पहना, थामा एक दूजे का हाथ
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बुढ़वा के धर्म संस्कार महोत्सव में आयोजित सामूहिक विवाह में एक दूसरे को जयमाला पहनाते वरवधू। सं?
- फोटो : FATEHPUR
अमौली। धर्म संस्कार महोत्सव में 11 जोड़ों ने जीवनभर के लिए एक-दूजे का दामन थाम लिया। शुक्रवार को ब्रम्हदेव आश्रम बुढवा में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ इन जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे लिए।
इससे पहले एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और जीवन भर साथ रहने का वचन लिया। पूरी रात विवाह के पहले की रस्में अदा कराई गईं। इसी के साथ, यज्ञ में पूर्ण आहुति देने के बाद यज्ञ मंडप की लोगों ने परिक्रमा की।
परमार्थ प्रेरणा समिति ने सात दिवसीय धर्म संस्कार महोत्सव में शुक्रवार को 11 जोड़ों का विवाह कराया। विवाह से पूर्व बाजे-गाजे के साथ द्वारचार की रस्म हुई। कन्या पक्ष के लोगों ने बरातियों का स्वागत किया।
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विवाह की रस्म पूरी होने के बाद कलेवा, जूता छिपाने की भी रस्में हुईं। इसी के साथ कन्या पक्ष के लोगों ने बेटियों को बैग और दान दक्षिणा देकर विदा किया। बेटियों की विदाई के समय क्षेत्र से आए महिला-पुरुषों की आंखें नम रहीं।
महोत्सव में दूरदराज से आए संतों का सम्मान कर उन्हें विदाई दी गई। कोविड-19 के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली ऊषा तिवारी, सविता देवी, मीरा देवी, शशि देवी, पुष्पा देवी, मनोज कुमारी, शांती देवी आदि महिलाओं को मंच पर सम्मानित किया गया।
रंगोली बनाने वाली अर्षिता कश्यप, आस्था सैनी, अंकिता साहू को समिति ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में सुबह से भंडारे का आयोजन हुआ, इसमें नोनारा, आजमपुर गढ़वा, अमौली, टकौली, बीघनपुर, नेवरी, सठिगवां, दर्जनों गांव के हजारों लोगों ने प्रसाद चखा। पूरे महोत्सव के दौरान कार्यक्रमों का संचालन शिक्षक उमेश त्रिवेदी ने किया।
15 सितंबर तक होंगे पंजीयन
कार्यक्रम संयोजक विमलेश त्रिवेदी ने इस कार्यक्रम में सहभागिता निभाने वाले सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि 15 सितंबर 2022 तक जिन लोगों के रजिस्ट्रेशन परमार्थ प्रेरणा समिति में हो जाएंगे। उनकी शादियां अगली कार्तिक पूर्णिमा को संपन्न कराई जाएंगी।
साध्वी ने जोड़ों को दिया आशीर्वाद
बुढ़वा गांव में धार्मिक संस्कार महोत्सव में पहुंची केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने उत्सव भवन का लोकार्पण किया। इसके बाद सामूहिक विवाह में सम्मिलित होकर सभी बेटियों को आशीर्वाद दिया।
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इससे पहले एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और जीवन भर साथ रहने का वचन लिया। पूरी रात विवाह के पहले की रस्में अदा कराई गईं। इसी के साथ, यज्ञ में पूर्ण आहुति देने के बाद यज्ञ मंडप की लोगों ने परिक्रमा की।
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परमार्थ प्रेरणा समिति ने सात दिवसीय धर्म संस्कार महोत्सव में शुक्रवार को 11 जोड़ों का विवाह कराया। विवाह से पूर्व बाजे-गाजे के साथ द्वारचार की रस्म हुई। कन्या पक्ष के लोगों ने बरातियों का स्वागत किया।
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विवाह की रस्म पूरी होने के बाद कलेवा, जूता छिपाने की भी रस्में हुईं। इसी के साथ कन्या पक्ष के लोगों ने बेटियों को बैग और दान दक्षिणा देकर विदा किया। बेटियों की विदाई के समय क्षेत्र से आए महिला-पुरुषों की आंखें नम रहीं।
महोत्सव में दूरदराज से आए संतों का सम्मान कर उन्हें विदाई दी गई। कोविड-19 के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली ऊषा तिवारी, सविता देवी, मीरा देवी, शशि देवी, पुष्पा देवी, मनोज कुमारी, शांती देवी आदि महिलाओं को मंच पर सम्मानित किया गया।
रंगोली बनाने वाली अर्षिता कश्यप, आस्था सैनी, अंकिता साहू को समिति ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में सुबह से भंडारे का आयोजन हुआ, इसमें नोनारा, आजमपुर गढ़वा, अमौली, टकौली, बीघनपुर, नेवरी, सठिगवां, दर्जनों गांव के हजारों लोगों ने प्रसाद चखा। पूरे महोत्सव के दौरान कार्यक्रमों का संचालन शिक्षक उमेश त्रिवेदी ने किया।
15 सितंबर तक होंगे पंजीयन
कार्यक्रम संयोजक विमलेश त्रिवेदी ने इस कार्यक्रम में सहभागिता निभाने वाले सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि 15 सितंबर 2022 तक जिन लोगों के रजिस्ट्रेशन परमार्थ प्रेरणा समिति में हो जाएंगे। उनकी शादियां अगली कार्तिक पूर्णिमा को संपन्न कराई जाएंगी।
साध्वी ने जोड़ों को दिया आशीर्वाद
बुढ़वा गांव में धार्मिक संस्कार महोत्सव में पहुंची केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने उत्सव भवन का लोकार्पण किया। इसके बाद सामूहिक विवाह में सम्मिलित होकर सभी बेटियों को आशीर्वाद दिया।

बुढ़वा के धर्म संस्कार महोत्सव में आयोजित सामूहिक विवाह में एक दूसरे को जयमाला पहनाने के लिए खड़?- फोटो : FATEHPUR

बुढ़वा में धर्म संस्कार सामूहिक विवाह कार्यक्रम में मौजूद भीड़। संवाद- फोटो : FATEHPUR