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नहाने के लिए गड्ढे में उतरे बालक की मौत, साथी बचा
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छिवलहा। बकरी चराने निकले दो बालक नहाने के लिए एक गड्डे में कूदे तो डूबने लगे। वहां मौजूद लोगों ने एक बच्चे को बचा लिया, जबकि दूसरा डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई। घरवालों को सूचना मिली तो कोहराम मच गया।
हथगाम थानाक्षेत्र के चकदोस्त मोहम्मदपुर गांव निवासी शिवशंकर रैदास का बेटा आशीष (7) व मेवालाल रैदास का बेटा ज्ञान सिंह (8) बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बकरी चराने घर से निकले थे। गांव से थोड़ी ही दूर पर सरकारी जमीन से जेसीबी की मदद से मिट्टी खनन किया गया था। इससे बड़ा गड्ढा हुआ और इसमें बरसात का पानी भर गया। दोनों बालक, बकरी चराते हुए शाम करीब चार बजे इसी गड्ढे में नहाने के लिए कूद गए। गहराई अधिक होने के कारण दोनों डूबने लगे।
चंद मिनट बाद वहां मौजूद चरवाहों की नजर उन पर गई तो वह दौड़कर आए और ज्ञान सिंह को पानी से बाहर खींच लिया। लेकिन तब तक आशीष डूब चुका था। जब तक आशीष को बाहर निकाला जाता, उसकी सांसें थम चुकी थीं। करीब पांच बजे परिजनों को खबर मिली तो वह मौके पर पहुंचे और शव लेकर घर आ गए। आशीष के पिता शिवशंकर रैदास मजदूरी करते हैं। घर में मां ऊषा देवी, बहन शारदा देवी, राधा देवी, भाई गुलशन हैं। आशीष सबसे छोटा था। देर शाम तक पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी।
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हथगाम थानाक्षेत्र के चकदोस्त मोहम्मदपुर गांव निवासी शिवशंकर रैदास का बेटा आशीष (7) व मेवालाल रैदास का बेटा ज्ञान सिंह (8) बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बकरी चराने घर से निकले थे। गांव से थोड़ी ही दूर पर सरकारी जमीन से जेसीबी की मदद से मिट्टी खनन किया गया था। इससे बड़ा गड्ढा हुआ और इसमें बरसात का पानी भर गया। दोनों बालक, बकरी चराते हुए शाम करीब चार बजे इसी गड्ढे में नहाने के लिए कूद गए। गहराई अधिक होने के कारण दोनों डूबने लगे।
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चंद मिनट बाद वहां मौजूद चरवाहों की नजर उन पर गई तो वह दौड़कर आए और ज्ञान सिंह को पानी से बाहर खींच लिया। लेकिन तब तक आशीष डूब चुका था। जब तक आशीष को बाहर निकाला जाता, उसकी सांसें थम चुकी थीं। करीब पांच बजे परिजनों को खबर मिली तो वह मौके पर पहुंचे और शव लेकर घर आ गए। आशीष के पिता शिवशंकर रैदास मजदूरी करते हैं। घर में मां ऊषा देवी, बहन शारदा देवी, राधा देवी, भाई गुलशन हैं। आशीष सबसे छोटा था। देर शाम तक पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी।
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