फतेहपुर: कॉलेज परिसर में गैस रीफिलिंग करते समय वैन में लगी आग, फंसे करीब 30 बच्चे, बड़ा हादसे होने से बचा
यूपी के फतेहपुर जिले में बिंदकी के आरएसजी स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया जब वैन में लगे एलपीजी सिलिंडर में गैस भरते समय अचानक आग लग गई। पास में खड़ी दूसरी वैन और बाइक भी आग की चपेट में आई।
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पुलिस ने जिला विद्यालय निरीक्षक, एआरटीओ और जिला पूर्ति विभाग को घटना की सूचना दी। मौके से रीफिलिंग पाइप पुलिस ने बरामद किया है। बिंदकी जहानपुर मोहल्ले में एक इंटर कॉलेज है। जहां करीब 500 बच्चे पढ़ते हैं। दोपहर करीब दो बजे छुट्टी हो गई थी। काफी संख्या में बच्चे घर चले गए थे। करीब 30 छात्र-छात्राएं ही कॉलेज में थे। वह वैन के आने का इंतजार कर रहे थे।
करीब ढाई बजे बच्चों को छोड़कर वैन स्कूल पहुंची। चालक वैन को कॉलेज परिसर में ही खड़ी करके एलपीजी की रीफिलिंग करने लगा। गैस लीक होने से वैन में आग लग गई। आग की चपेट में आकर पास खड़ी एक और वैन, बाइक, दो साइकिलें भी जलने लगीं। हादसा देखकर स्कूल में हड़कंप मच गया। अग्निशमन यंत्र और पंप चालू करके आग को बुझाने की कोशिश की गई।
रीफिलिंग वाला सिलिंडर हटा दिया गया, लेकिन रीफिलिंग पाइप मौके पर छूट गया। आग पर कॉलेज प्रशासन काबू नहीं पा सका। लोगों की सूचना पर पुलिस और दमकल पहुंची। दमकल ने आग पर काबू पाया। आग की लपटें कम हुईं तो कॉलेज के अंदर फंसे छात्र-छात्राओं को बाहर निकाला गया। कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित सभी विभागों को सूचना दी गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मौके से रीफिलिंग पाइप बरामद हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। मौके पर तहसीलदार सर्वेश गौड़ भी जांच करने पहुंचे।
डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी में दयानंद इंटर कॉलेज बिंदकी के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश बाजपेई व नेहरू इंटर कॉलेज बिंदकी के प्रधानाचार्य अमरजीत सिंह को शामिल किया गया है। कमेटी से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
आग लगने वाले वाहनों का निजी उपयोग किया जाता है। बच्चों को छोड़ने के लिए बस का इस्तेमाल होता है। वैन कहीं से आई थी। उसमें अचानक स्पार्किंग की वजह से आग लगी है। रीफिलिंग का मामला नहीं है।
प्रधानाचार्य रन्नो गुप्ता
आग से जलने वाले वाहनों की चेसिस नंबर से जांच की जाएगी। विद्यालय समिति को नोटिस दिया जाएगा। जिले में कोई भी एलपीजी वाहन स्वीकृत नहीं है। स्कूली और अन्य वाहनों की जांच होगी, अगर किसी में एलपीजी किट लगी मिली तो वाहन संचालक के साथ ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अरविंद त्रिवेदी- एआरटीओ प्रशासन