Fatehpur: ओपीडी के समय गायब रहते हैं ज्यादातर डॉक्टर, दलाल करते हैं पर्चे जमा, बदइंतजामी से मरीज परेशान
जिला अस्पताल में ज्यादातर डॉक्टर ओपीडी के समय कक्ष में गायब रहते हैं। वहीं, दलाल पर्चे जमा करते हैं और फिर डॉक्टर मरीजों को देखते हैं। साथ ही, वार्डों में कंबलों का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं है और खिड़कियां टूटी होने से मरीज ठिठुर रहे हैं।
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फतेहपुर जिला अस्पताल की ओपीडी में दलाल मरीजों के पर्चे जमा करते हैं। डॉक्टर देरी से पहुंचकर मरीजों का परीक्षण करते हैं। बुधवार को पांच डॉक्टर ओपीडी में मौजूद नहीं थे। वार्डों के शीशे टूटे होने से भर्ती मरीज सर्दी में ठिठुर रहे हैं। सर्दी के बचाव के लिए कंबल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
मेडिकल कॉलेज के आधीन होने के बाद जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। मेडिकल कॉलेज जाने का बहना बताकर डॉक्टर गायब रहते हैं। बुधवार को सुबह के 10:35 बजे ओपीडी के कक्ष संख्या एक, दो, तीन, पांच और 24 में डॉक्टर मौजूद नहीं थे।
तीन नंबर कक्ष में बाहरी व्यक्ति पर्चे जमा कर रहा था। मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। गैलरी में घर से लाई रजाई पर बैठे शहर के राधानगर निवासी प्रदीप ने बताया कि मां को भर्ती कराना है। डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूं।
वार्ड की खिड़कियों के शीशे टूटे होने से पर्दे डाले गए हैं।
इनसे ठंडी हवा से बचाव नहीं हो रहा है। मरीज घर से रजाई और कंबल मंगाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। ऊपरी मंजिल पर बने महिला और शिशु वार्ड के मरीज भी ठंडी हवा से बेहाल हो रहे हैं। वहीं, वार्डों में बदइंतजामी से मरीज और तीमारदार परेशान हो रहे हैं।
सीएमएस डॉ. पीके सिंह ने कहा कि अस्पताल पहुंचने पर सभी डॉक्टर पहले वार्डों में मरीज देखने जाते हैं। हो सकता है कि ओपीडी के समय डॉक्टर वार्ड में मरीज देखने गए हों। फिर भी संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी।
कोरोना जांच काउंटर हुआ सक्रिय
जिला अस्पताल में बुधवार को कोरोना जांच काउंटर सक्रिय कर दिया गया। ट्रामासेंटर के बगल में जांच के लिए कर्मचारी बैठाया गया है। कोरोना से बचाव के लिए फिर सतर्कता बरतने की जरूरत है।